उ0प्र0, देश की विकास गाथा का पर्याय,उ0प्र0 बैरियर नहीं, भारत का ग्रोथ इंजन – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री तथा विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष ने ‘यूपी-एग्रीज’ तथा ‘एआई प्रज्ञा’ कार्यक्रमों का शुभारम्भ किया

NTPC

आज प्रदेश कृषि और आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस के क्षेत्र में प्रयोग के नए युग में प्रवेश कर रहा, यह दोनों कार्यक्रम प्रदेश के ‘वन ट्रिलियन डॉलर’

की इकोनॉमी बनने के सपने को साकार करेंगे, मुख्यमंत्री ने विश्व बैंक के सहयोग के लिए आभार जताया,

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष अजय बंगा के साथ एक बैठक के दौरान ‘यूपी-एग्रीज’ तथा ‘एआई प्रज्ञा’ कार्यक्रमों का शुभारम्भ किया। ज्ञातव्य है कि विश्व बैंक के सहयोग से लागू ‘यूपी-एग्रीज’ कार्यक्रम के जरिए प्रदेश के पूर्वांचल व बुन्देलखण्ड क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा मिलेगा। इससे कृषि उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी तथा 10 लाख किसानों को फायदा होगा। ‘एआई प्रज्ञा’ कार्यक्रम के जरिए उत्तर प्रदेश को आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस हब के तौर पर स्थापित करने में मदद मिलेगी। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के 10 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस के विभिन्न पहलुओं में दक्ष बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश, देश की विकास गाथा का पर्याय है।
मुख्यमंत्री ने विश्व बैंक के सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि विश्व बैंक हमेशा उत्तर प्रदेश की उन्नति में बड़ा भागीदार बनकर उभरता है। पर्यावरण संरक्षण हो, प्रदेश में टूरिज्म को बढ़ावा देना हो या फिर अवस्थापना से जुड़ी परियोजनाओं का संचालन हो, विश्व बैंक हमेशा से महती भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने कहा कि आज का दिन कई मायनों में महत्वपूर्ण है। आज प्रदेश कृषि और आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस के क्षेत्र में प्रयोग के नए युग में प्रवेश कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि यूपी-एग्रीज प्रोजेक्ट 04 हजार करोड़ रुपये की परियोजना है, जिसमें से 2,737 करोड़ रुपये का ऋण विश्व बैंक द्वारा 06 वर्षों की अवधि के लिए उपलब्ध कराया गया है। यूपी-एग्रीज परियोजना में विश्व बैंक के ऋण के अतिरिक्त राज्य सरकार का 1,166 करोड़ रुपये का अंश होगा। विश्व बैंक को ऋण वापसी की अवधि 35 वर्ष तथा ऋण राशि पर ब्याज दर 1.23 प्रतिशत होगी। यूपी-एग्रीज परियोजना से प्रदेश के किसानों, कृषक संगठनों, मत्स्य पालकों एवं कृषि क्षेत्र से जुड़ी एम0एस0एम0ई0 इकाइयों को सीधा लाभ होगा।
‘यूपी-एग्रीज’ परियोजना से 10 लाख किसानों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा, जिसमें 30 प्रतिशत हिस्सेदारी महिलाओं की होगी। 10 हजार महिला उत्पादक समूहों को परियोजना से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एआई प्रज्ञा’ कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रदेश के 10 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस और डिजिटल तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे रोजगार और स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा मिलेगा। इस कार्यक्रम के जरिए प्रारम्भिक चरण में राज्य के 10 लाख युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, डाटा एनालिटिक्स एवं साइबर सिक्योरिटी जैसे उन्नत तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित करते हुए सर्टिफिकेट प्रदान किया जायेगा। यह कार्यक्रम शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण विकास, राजस्व और सचिवालय प्रशासन जैसे विभिन्न विभागों के सहयोग से संचालित किया जाएगा। ‘एआई प्रज्ञा’ कार्यक्रम न केवल युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलेगा, बल्कि सरकारी सेवा, कृषि, स्वास्थ्य, और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देगा।
‘एआई प्रज्ञा’ पहल निश्चित ही उत्तर प्रदेश को भारत के तकनीकी मानचित्र पर एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगी। कार्यक्रम में माइक्रोसॉफ्ट, इण्टेल, एच0सी0एल0, वाधवानी फाउण्डेशन, अमेजन, गूगल और 1-एम 1-बी जैसी वैश्विक दिग्गज कम्पनियां राज्य सरकार के साथ मिलकर प्रदेश में अपस्किलिंग प्रोग्राम चलाएंगी। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की विकास गाथा से सम्बन्धित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी। इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, कृषि राज्यमंत्री श्री बलदेव सिंह ओलख, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, वर्ल्ड बैंक के उपाध्यक्ष श्री आगस्ते तानो कौमे, कण्ट्री डायरेक्टर (इण्डिया) जॉन और मार्क उपस्थित थे।

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