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  • ज्योत्सना महिला समिति द्वारा रामनवमी पर  जनसेवा शिविर का आयोजन किया गया

    ज्योत्सना महिला समिति द्वारा रामनवमी पर  जनसेवा शिविर का आयोजन किया गया

     सोनभद्र, सिंगरौली। एनसीएल मुख्यालय के अंतर्गत आने वाली ज्योत्सना महिला समिति द्वारा रामनवमी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की सेवा हेतु एक जनसेवा शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन समिति की अध्यक्ष श्रीमती बी. के. दुर्गा के मार्गदर्शन में पिछले वर्षों में शुरू हुआ था व इस वर्ष भी इस परंपरा को अपनाया गया। मोरवा में आयोजित इस कार्यक्रम में उपाध्यक्ष श्रीमती नम्रता कुमार, श्रीमती संगीता नारायण एवं श्रीमती शीला द्विवेदी  ने सक्रिय भागीदारी निभाईं |

    इस अवसर पर ज्योत्सना महिला समिति की अन्य सदस्याओं ने भी अपनी सहभागिता दी और पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया। सेवा शिविर में रामनवमी जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं को शीतल एवं मीठे शरबत का वितरण किया गया। गर्मी के बीच समिति द्वारा लगाया गया यह सेवा शिविर श्रद्धालुओं के लिए विशेष राहत का केंद्र बना। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर शरबत ग्रहण किया तथा समिति की इस सेवा भावना की सराहना की।
    गौरतलब है कि ज्योत्सना महिला समिति द्वारा समय-समय पर सामाजिक सरोकार से जुड़े विभिन्न सेवा कार्यक्रमों का आयोजन कर क्षेत्र में सकारात्मक योगदान दिया जाता रहा है।

  • महिला चेतना क्लब ने ‘एक पहल शिक्षा समिति’ से जुड़े जरूरतमंद बच्चों के बीच स्कूल बैग एवं पाठ्य सामग्री का वितरण 

    महिला चेतना क्लब ने ‘एक पहल शिक्षा समिति’ से जुड़े जरूरतमंद बच्चों के बीच स्कूल बैग एवं पाठ्य सामग्री का वितरण 

    प्रयागराज।शनिवार को इफको फूलपुर महिला चेतना क्लब द्वारा समाजसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए महिला चेतना क्लब ने ‘एक पहल शिक्षा समिति’ से जुड़े जरूरतमंद बच्चों के बीच स्कूल बैग एवं पाठ्य सामग्री का वितरण किया। यह कार्यक्रम IFFCO कम्युनिटी सेंटर, घियानगर में आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है।

    उल्लेखनीय है कि इन बच्चों का संबंध समाज के अत्यंत निम्न एवं वंचित वर्ग से है, जिनके परिवारों के पास स्थायी आवास भी नहीं है और वे अनधिकृत झुग्गियों में रहकर अपना जीवनयापन कर रहे हैं। ये बच्चे पहले अपने माता-पिता के साथ कूड़ा बीनने जैसे कार्यों में भी संलग्न थे, लेकिन अब शिक्षा के माध्यम से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।

    इस अवसर पर क्लब द्वारा कक्षा 9, 10, 11 एवं 12 के लगभग 50 विद्यार्थियों की छह माह की ट्यूशन फीस भी वहन की गई। इस सहयोग से विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई निरंतर जारी रखने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

    कार्यक्रम के दौरान क्लब की सदस्याओं ने बच्चों से संवाद कर उन्हें शिक्षा के महत्व के बारे में बताया और नियमित रूप से विद्यालय जाने के लिए प्रेरित किया। बच्चों के चेहरों पर नई सामग्री पाकर खुशी साफ झलक रही थी, जिससे पूरे वातावरण में उत्साह और सकारात्मकता का माहौल बन गया।

    इस कार्यक्रम में महिला चेतना क्लब की अध्यक्षा श्रीमती सरिता सिंह, सचिव श्रीमती किरण बड़वर एवं सामाजिक सचिव श्रीमती गीता सिंह के साथ-साथ कोषाध्यक्ष श्रीमती नीरू सक्सेना की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती किरण बड़वर द्वारा किया गया। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती नूपुर पाराशर, श्रीमती रेखा जायसवाल एवं श्रीमती पुष्पा यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही।

    कार्यक्रम के दौरान अध्यक्षा श्रीमती सरिता सिंह ने अपने संबोधन में शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद डॉ. कलाम ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से ऊंचाइयों को प्राप्त किया। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि जन्म किस परिवार में हो, यह हमारे हाथ में नहीं होता, लेकिन अपने प्रयासों और मेहनत से हम अपने भविष्य को अपनी पसंद के अनुसार संवार सकते हैं।

    अपने संबोधन के अंत में उन्होंने महान कवि हरिवंश राय बच्चन की प्रसिद्ध पंक्तियां “कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती” सुनाकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें जीवन में निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम के अंत में ‘एक पहल शिक्षा समिति’ के संस्थापक सदस्य विवेक दुबे ने महिला चेतना क्लब का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग से बच्चों को पढ़ाई में काफी सहायता मिलेगी। पदाधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की सामाजिक गतिविधियाँ भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगी, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जा सके।

  • प्रशिक्षण के नाम पर कोरम पूरा करने का पंचायत सहायकों ने लगाया आरोप,प्रदर्शन कर जताई नाराजगी 

    प्रशिक्षण के नाम पर कोरम पूरा करने का पंचायत सहायकों ने लगाया आरोप,प्रदर्शन कर जताई नाराजगी 

    दुद्धी, सोनभद्र। सशक्त मजबूत एवं आत्मनिर्भर पंचायत बनाने के लिए पंचायत सहायकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं। दुद्धी तहसील मुख्यालय स्थित आईटीआई कॉलेज में चल रहे चार दिवसीय प्रशिक्षण में रविवार को तीसरे दिन पंचायत सहायकों ने प्रशिक्षण के नाम पर सिर्फ कोरम पूरा करने का आरोप लगाया और प्रदर्शन कर नाराजगी जतायी।पंचायत सहायकों का कहना है कि हम लोगों को ग्राम पंचायत में टेक्निकल काम करना हैं लेकिन प्रशिक्षण में सिर्फ कम्प्यूटर की बेसिक जानकारी दी जा रही है जिसे लगभग हर पंचायत सहायक जानता है। महिला पंचायत सहायकों का आरोप है कि प्रशिक्षण से पूछने पर बताया नहीं जाता है और अनाप -शनाप कह कर बैठा दिया जाता हैं, प्रशिक्षक तो इतना तक कहते हैं कि जितनी जानकारी है उतनी ही बता पाएंगे। आरोप हैं कि कोन और म्योरपुर ब्लॉक से प्रशिक्षण के नाम से बुलाया जाता हैं  सभी महिलाएं लम्बी यात्रा करके किसी तरह ट्रेनिंग सेंटर पहुंचते हैं लेकिन यहां ट्रेनिंग के नाम पर पंचायत सहायकों को बुलाकर सिर्फ कागजी कोरम पूरा किया जा रहा है। अभी तक हम लोगों को ई ग्राम स्वराज, गेटवे, बिल पेमेंट आदि के बारे में कुछ नहीं बताया गया।

    पंचायत सहायक संघ के जिलाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि जिले से चार दिवसीय प्रशिक्षण का शेड्यूल जारी किया गया हैं जिसमें टेक्निकल प्रशिक्षण की बात बतायी गई थी लेकिन नाममात्र के प्रशिक्षक भेजकर केवल कोरम पूरा कराया जा रहा हैं, पंचायत सहायको को कोई भी टेक्निकल प्रशिक्षण नही दी जा रही हैं, जबकि बभनी, म्योरपुर, कोन ब्लॉक से पंचायत सहायक अपना -अपना भाड़ा किराया लगाकर दुद्धी ट्रेनिंग सेंटर पहुंच रहें हैं। इस दौरान रंजन कुमार ब्लॉक अध्यक्ष म्योरपुर, विकास कुमार भारती ब्लॉक अध्यक्ष कोन, अमित कुमार यादव, अर्चना देवी, पुष्पा देवी, मोनिका, सुनील, राहुल, सतेश कुमार, रोज मुहम्मद, जय भीम भारती, उदय प्रताप सहित म्योरपुर एवं कोन ब्लॉक के पंचायत सहायक शामिल रहें।

  • कोल इंडिया अध्यक्ष का तीन-दिवसीय एमसीएल दौरा संपन्न, कार्य कुशलता और परिचालन दक्षता के लिए सराहा

    कोल इंडिया अध्यक्ष का तीन-दिवसीय एमसीएल दौरा संपन्न, कार्य कुशलता और परिचालन दक्षता के लिए सराहा

    संबलपुर, । कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष  बी. साईराम ने महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) के अपना तीन दिवसीय दौरे पर तालचेर एवं ईब वैली कोलफील्ड्स में प्रमुख खनन, परिचालन क्षेत्रों एवं अवसंरचना का निरीक्षण किया।

    इस दौरान  साईराम ने कंपनी के प्रमुख हितधारकों के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की, जिसमें कर्मचारी कल्याण एवं समन्वित प्रयासों पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने परिचालन के विभिन्न पहलुओं पर कंपनी के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए कुशल एवं पर्यावरण अनुकूल खनन प्रथाओं पर एमसीएल के सतत प्रयासों की सराहना की। उन्होंने देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के प्रति कोल इंडिया की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए नवीकरणीय ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज अन्वेषण एवं कोयला गैसीकरण की दिशा में कंपनी के विविधीकरण प्रयासों को भी रेखांकित किया।

    तालचेर कोलफील्ड्स में अध्यक्ष ने भुवनेश्वरी एवं अनंता ओपन कास्ट परियोजनाओं के साथ-साथ भुवनेश्वरी क्षेत्र में स्थापित ऑटोमेटेड ट्रक लोडिंग सिस्टम (एटीएलएस) एवं साइलो का निरीक्षण किया। इसके पश्चात ईब वैली कोलफील्ड्स में उन्होंने समलेश्वरी, लाजकुरा तथा एकीकृत लिलारी–बेलपहाड़–लखनपुर खदानों एवं लखनपुर क्षेत्र के कोयला स्टॉकयार्ड का दौरा कर उत्पादन एवं डिस्पैच की प्रगति का आकलन किया। तत्पश्चात उन्होंने कोल इंडिया की सबसे बड़ी नॉन-कोकिंग कोल वाशरी, ईब वैली वाशरी का निरीक्षण कर कोयला हैंडलिंग प्रक्रियाओं की समीक्षा की।

     साईराम ने बसुंधरा एवं महालक्ष्मी क्षेत्र में खनन गतिविधियों की समीक्षा के साथ अपने दौरे का समापन किया, जहां उन्होंने कुल्दा, सिआरमल एवं गरजनबहाल ओसीपी तथा सरडेगा स्थित रेलवे साइडिंग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उत्पादन एवं कोयला निकासी व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। 

    अपने तीन दिवसीय दौरे पर उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों, जिसमें महिला कर्मी भी शामिल थीं, को उनके सतत योगदान एवं उत्कृष्ट कार्य-प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर  उदय अनंत काओले, सीएमडी, एमसीएल सहित  केशव राव, निदेशक (मानव संसाधन) ए. के. बेहुरा, निदेशक (वित्त);  एस. के. झा, निदेशक (तकनीकी–संचालन/परियोजना एवं योजना) तथा संबंधित क्षेत्रों के महाप्रबंधक पूरे दौरे में उनके साथ उपस्थित रहे।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात में गूंजा यूपी मॉडल, वृक्षारोपण और सौर ऊर्जा की पहलों को मिली राष्ट्रीय पहचान

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात में गूंजा यूपी मॉडल, वृक्षारोपण और सौर ऊर्जा की पहलों को मिली राष्ट्रीय पहचान

    *मन की बात कार्यक्रम में मंत्री ए के शर्मा के नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग की पहलें राष्ट्रीय स्तर पर सराही गई,वाराणसी में ऐतिहासिक वृक्षारोपण—एक घंटे में 2.51 लाख पौधे, बना गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड*

    *मेरठ मॉडल से सौर ऊर्जा में आत्मनिर्भरता—‘ऊर्जादाता’ बन रहे नागरिक*

    एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से पर्यावरण संरक्षण को नई गति:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

    लखनऊ/ पर्यावरण संरक्षण एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश की पहल को देशभर में नई पहचान मिली है। मा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ में उत्तर प्रदेश की दो उल्लेखनीय पहलों—वाराणसी के ऐतिहासिक वृक्षारोपण अभियान एवं मेरठ में सौर ऊर्जा के सफल मॉडल—का विशेष उल्लेख करते हुए सराहना की। यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग की पहलें राष्ट्रीय स्तर पर प्रेरणास्रोत बन रही हैं।

    नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल को सशक्त रूप से लागू किया जा रहा है। इसी क्रम में वाराणसी में आयोजित वृक्षारोपण अभियान के दौरान मात्र एक घंटे में 2,51,000 से अधिक पौधे लगाए गए, जिससे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित हुआ। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस उपलब्धि की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे “जनशक्ति और पर्यावरण चेतना का अद्भुत संगम” बताया। इस अभियान में विद्यार्थियों, युवाओं, स्वयंसेवी संगठनों एवं विभिन्न संस्थानों की व्यापक भागीदारी रही, जो सामूहिक प्रयासों की शक्ति को दर्शाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में एक पेड़ मां के नाम अभियान का उल्लेख करते हुए देशवासियों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भावनात्मक जुड़ाव भी स्थापित करते हैं।

    इसी प्रकार मेरठ के निवासी अरुण कुमार की सौर ऊर्जा के क्षेत्र में पहल भी प्रधानमंत्री द्वारा सराही गई। उन्होंने अपने घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित कर न केवल अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति की, बल्कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में देकर आय का स्रोत भी विकसित किया। उनकी यह पहल उन्हें ‘ऊर्जादाता’ के रूप में स्थापित करती है और समाज को स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करती है।

    मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के मार्गदर्शन में नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं समन्वित रूप से संचालित की जा रही हैं। इन पहलों का उद्देश्य प्रदेश को आत्मनिर्भर, ऊर्जा सक्षम एवं सतत विकास की दिशा में अग्रसर करना है।उन्होंने यह भी कहा कि जनभागीदारी के माध्यम से संचालित ये अभियान न केवल पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं, बल्कि समाज में जागरूकता और सहभागिता की नई संस्कृति विकसित कर रहे हैं।

  • छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा स्थानीय निकायों के आम, उप चुनावों की तैयारी प्रारंभ

    छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा स्थानीय निकायों के आम, उप चुनावों की तैयारी प्रारंभ

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के साथ समन्वय बैठक आयोजित

    रायपुर, /राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग में आज एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार तथा राज्य निर्वाचन आयोग की सचिव श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे राज्य निर्वाचन आयुक्त ने स्थानीय निकायो के आगामी आम एवं उप निर्वाचन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों के मध्य बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने विशेष रूप से निर्वाचक नामावली के अद्यतन कार्य को प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि आगामी आम /अप निर्वाचन हेतु आवश्यक, निर्वाचक नामावली तैयार करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग से विधानसभा क्षेत्रवार निर्वाचक नामावली का अद्यतन डाटा शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। उक्त नामावली प्राप्त होते ही जिससे स्थानीय निकाय के आगामी निर्वाचन हेतु समयबद्ध एवं त्रुटिरहित निर्वाचक नामावली तैयार की जाएगी तथा निर्वाचन कार्यक्रम जारी किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के नगरीय निकायो में अध्यक्ष के 6 एव पार्षद  के 75 पद तथा ग्रामीण निकायों में जनपद पंचायत सदस्य के 06 पद, सरपंच के 70 पद तथा पंच के 977 पद रिक्त हैं जिन पर आम/उप चुनाव अपेक्षित हैं ।

  • ई-रिक्शा से बच्चों को विद्यालय पहुंचाकर स्वावलंबन की मिसाल बनीं गीता दीदी

    ई-रिक्शा से बच्चों को विद्यालय पहुंचाकर स्वावलंबन की मिसाल बनीं गीता दीदी

    रायपुर, / कभी घरेलू कार्यों तक सीमित रहने वाली ग्रामीण महिलाएं अब स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर सशक्त कदम बढ़ा रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित ‘बिहान’ योजना ने महिलाओं को संगठित कर उनके आर्थिक विकास की मजबूत नींव रखी है। कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिले में बिहान से जुड़ी महिलाओं को पारंपरिक कार्यों से आगे बढ़ाकर नए व्यवसायों से जोड़ा जा रहा है। इसी पहल का प्रेरक उदाहरण है ग्राम पंचायत रटगा की गीता दीदी, जो अब ई-रिक्शा से बच्चों को विद्यालय पहुंचाकर स्वावलंबन की राह पर अग्रसर हैं।

    बिहान से जुड़कर मिली नई दिशा

    बैकुंठपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रटगा की 14 महिलाओं ने वर्ष 2018 में ‘जय मां लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह’ का गठन किया। समूह की अध्यक्ष चुनी गईं गीता दीदी ने वर्ष 2020 में पौधों की सुरक्षा हेतु ट्री-गार्ड निर्माण कार्य शुरू किया। लगभग 50 हजार रुपये की सामूहिक लागत से शुरू हुए इस कार्य से समूह ने तीन लाख रुपये की आय अर्जित की, जिससे आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। वर्ष 2021 में गीता दीदी ने समूह के माध्यम से बैंक से व्यक्तिगत ऋण प्राप्त कर 70 हजार रुपये की लागत से किराना दुकान शुरू की। इससे उनके परिवार की दैनिक आय सुनिश्चित हुई और आर्थिक स्थिति में सुधार आया। गत वर्ष कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी द्वारा बिहान से जुड़ी महिलाओं को नए व्यवसायों से जोड़ने की पहल की गई। ई-रिक्शा संचालन के विकल्प को गीता दीदी ने उत्साहपूर्वक स्वीकार किया।

    मुख्यमंत्री के हाथों मिली ई-रिक्शा की चाबी

    गत 17 फरवरी को कोरिया महोत्सव के अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों गीता दीदी को ई-रिक्शा की चाबी प्रदान की गई। इसके पश्चात उन्होंने अपने गांव में अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को विद्यालय पहुंचाने की सेवा प्रारंभ की। शुरुआत में ही उन्हें 5600 रुपये की अग्रिम राशि प्राप्त हुई और अब वे नियमित रूप से ग्राम पंचायत रटगा एवं आश्रित ग्राम दुधनियां के बच्चों को विद्यालय पहुंचा रही हैं।

  • प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक

    प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक

    कुल 10 प्रकरणों पर की गई समीक्षा एवं सुनवाई, 04 प्रकरणों में आदेश जारी करने के दिए गए निर्देश
    रायपुर,/ आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आदिम जाति अनुसंधान एक प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष, नवा रायपुर में संपन्न हुई। बैठक में कुल 10 प्रकरणों की समीक्षा एवं सुनवाई की गई। इनमें जाति जांच प्रकरण से संबंधित 08 प्रकरणों में पक्षकार समिति के समक्ष उपस्थित हुए। 04 प्रकरणों में गुण-दोष के आधार पर विनिश्चय किए जाने का निर्णय करते हुए आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए। इनमें एक डीजे स्तर के अधिकारी एवं एक ग्रामीण विकास विभाग में ईएनसी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। 02 प्रकरणों में वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सुनवाई की गई एवं पक्षकार को 10 दिवस के भीतर समिति के समक्ष उपस्थित होकर अपने पक्ष में प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। 01 प्रकरण में विजिलेंस टीम को दुबारा मौके पर जाकर सोशल स्टेटस एवं अन्य प्रमाणित तथ्यों की गहन जांच कर 45 दिवस के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। जबकि 03 प्रकरणों में जाति प्रमाण पत्र धारकों को सुनवाई का एक और अंतिम अवसर प्रदान करते हुए आगामी बैठक में उपस्थित होकर अपनी जाति के संबंध में प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करन के निर्देश दिए गए हैं।

    बैठक में आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास डॉ. सारांश मित्तर (सदस्य), संचालक, आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान श्रीमती हिना अनिमेष नेताम (सदस्य सचिव), संचालक लोक शिक्षण संचालनालय ऋतुराज रघुवंशी (सदस्य), संचालक, भू अभिलेख, श्री विनीत नदनवार, संयुक्त संचालक, टीआरटीआई श्रीमती गायत्री नेताम (प्रभारी अधिकारी, जाति जांच पकोष्ठ), श्रीमती रमा उइके (सदस्य), डॉ. अनिल विरूलकर (सदस्य) सहित, विजिलेंस टीम से एमानुअल लकड़ा (डीएसपी), जितेन्द्र गुप्ता एवं श्रीमती अंजनी भगत इत्यादि उपस्थित थे। विदित हो माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश में दिये गये मार्गदर्शी निर्देश एवं छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (सामाजिक प्रास्थिति के प्रमाणीकरण का विनियमन) अधिनियम 2013 में विहित प्रावधानों के अंतर्गत कुल 07 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति का गठन किया गया है। समिति अर्द्ध न्यायिक स्वरूप में कार्य करते हुए निष्पक्ष एंव समयबद्ध निर्णय सुनिश्चित कर रही है।

  • पर्यटन विशेषज्ञ सुश्री किर्सी ने ग्रामीण महिलाओं संग किया महुआ संग्रहण

    पर्यटन विशेषज्ञ सुश्री किर्सी ने ग्रामीण महिलाओं संग किया महुआ संग्रहण

    बस्तर की जैव विविधता और लोकसंस्कृति से हुए अभिभूत

    संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ ने बस्तर प्रवास के दौरान ग्रामीण पर्यटन, बांस शिल्प और जनजातीय नृत्य पर किया संवाद; बस्तर पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर

    रायपुर । बस्तर की समृद्ध जैव विविधता, जीवंत लोकसंस्कृति और ग्रामीण जीवन की आत्मीयता ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी गूंज दर्ज कराई है। संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध अंतरराष्ट्रीय पर्यटन विशेषज्ञ एवं ‘हिवा कोचिंग एंड कंसल्टिंग’ की संस्थापक सुश्री किर्सी ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान ग्रामीण परिवेश को नजदीक से समझते हुए स्थानीय महिलाओं के साथ महुआ संग्रहण में सहभागिता की। प्रवास के तीसरे दिन उन्होंने प्राकृतिक सौंदर्य के बीच ‘नेचर एंड एनवायरमेंट ऑब्जर्वेशन वॉक’ और बर्ड वॉचिंग गतिविधियों से दिन की शुरुआत की। स्थानीय गाइडों के साथ जंगल की पगडंडियों पर चलते हुए उन्होंने बस्तर की जैव विविधता, वन संपदा और पारिस्थितिकी तंत्र की विशेषताओं को समझा। ग्रामीण महिलाओं के साथ महुआ संग्रहण करते हुए वे खासा उत्साहित दिखीं और इसे आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्त उदाहरण बताया।

    दोपहर के समय बस्तर की सांस्कृतिक विरासत का मनोहारी दृश्य तब सामने आया, जब धुरवा जनजातीय नृत्य दल ने पारंपरिक मंडरी, डंडारी और गुरगाल नाचा की आकर्षक प्रस्तुति दी। पारंपरिक वेशभूषा और वाद्य यंत्रों की थाप पर प्रस्तुत इन लोकनृत्यों ने विदेशी अतिथि को मंत्रमुग्ध कर दिया। पर्यटन बोर्ड के अधिकारियों ने उन्हें इन नृत्यों के ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की। इसके पश्चात उन्होंने पर्यटन विक्रेताओं, स्थानीय हितधारकों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण संवाद किया। इस दौरान बस्तर में ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं, उत्पादों के परिष्करण, विपणन रणनीतियों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकास पर तकनीकी चर्चा हुई।

    धुरमारास क्षेत्र में स्थानीय बांस शिल्पियों और कारीगरों के साथ आयोजित ‘तकनीकी इंटरैक्शन’ सत्र में सुश्री किर्सी ने बस्तर के प्रसिद्ध बांस हस्तशिल्प की बारीकियों को समझा और उत्पादों के गुणवत्ता संवर्धन एवं वैश्विक बाजार तक पहुंच बढ़ाने के सुझाव दिए। उन्होंने ‘कल्चर वॉक’ के माध्यम से ग्रामीण जीवन के विविध आयामों का अनुभव किया और स्थानीय आतिथ्य की सराहना की। दिन का समापन धुरवा डेरा होमस्टे में आयोजित डिब्रीफ सत्र के साथ हुआ, जहां पूरे दिन की गतिविधियों की समीक्षा की गई। जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित इस प्रवास का उद्देश्य बस्तर के ग्रामीण पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करना है। विशेषज्ञ ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि बस्तर में प्रकृति, संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता का अद्भुत समन्वय है। यदि इसे सुनियोजित रूप से वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाए, तो यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय पर्यटन का आकर्षक केंद्र बन सकता है। बस्तर का यह प्रवास न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान का माध्यम बना, बल्कि ग्रामीण महिलाओं, कारीगरों और स्थानीय समुदाय के आत्मविश्वास को भी नई ऊर्जा देने वाला साबित हुआ।

  • गंगा जी से जल भरकर धूमधाम से निकली कलश यात्रा

    गंगा जी से जल भरकर धूमधाम से निकली कलश यात्रा

    चहनियां,चंदौली। क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर, ग्राम सभा रईयां में मुख्य अजमान शरद यादव उर्फ़ रिंकू व समस्त ग्राम वासियों द्वारा निकाल गयी भव्य कलश यात्रा। 28 फरवरी 2026 को गौरी शंकर महादेव के नवनिर्मित मंदिर में शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा व आदि शक्ति दुर्गा एवं राधा कृष्ण मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा किया जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा के पूर्व 26 फरवरी 2026 को जल यात्रा रईयां से जल यात्रा गंगा तट बलुआ घाट पर कलश लेकर जल भराव करके पुनः देवस्थान तक कलश यात्रा निकाली गयी। वहीं सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही।