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  • यूपी पीसीएस में सोनभद्र का जलवा, आनंद राज सिंह ने हासिल की 22वीं रैंक

    यूपी पीसीएस में सोनभद्र का जलवा, आनंद राज सिंह ने हासिल की 22वीं रैंक

     सोनभद्र। सोनभद्र ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। यूपी पीसीएस के घोषित परिणाम में घोरावल तहसील क्षेत्र के केवली गांव निवासी आनंद राज सिंह ने 22वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस शानदार सफलता के साथ ही नायब तहसीलदार पद पर उनका सीधा चयन हुआ है।जैसे ही परिणाम की जानकारी गांव और क्षेत्र में पहुंची, खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों में उत्साह का माहौल है तो वहीं क्षेत्र के लोग भी इसे बड़ी उपलब्धि मानकर बधाई दे रहे हैं। ग्रामीण परिवेश से निकलकर प्रशासनिक सेवा तक पहुंचने की यह सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।आनंद राज सिंह के पिता आत्मा नंद सिंह और माता मंजू सिंह हैं। सीमित संसाधनों के बीच कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के दम पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।

  • उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल में 42 रेल सेवक हुए सेवानिवृत्त 

    उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल में 42 रेल सेवक हुए सेवानिवृत्त 

    प्रयागराज । उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज मण्डल से 30 मार्च को 42 रेल सेवक सेवानिवृत्त हुए । इन सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों में से गजेंद्र सिंह, लोको पायलट/टूंडला; जे. एन. प्रसाद, लोको पायलट/कानपुर सेंट्रल, कौशलेन्द्र नारायण राय, लोको पायलट/प्रयागराज पारसनाथ यादव, वरिष्ठ लोको निरीक्षक/प्रयागराज छिवकी, राजवीर सिंह, वरिष्ठ लोको निरीक्षक/प्रयागराज छिवकी, संजय कुमार कनौजिया, वरिष्ठ लोको निरीक्षक/कानपुर, हरिशचंद्र, स्टेशन अधीक्षक/कानपुर सेंट्रल, उदयभान, स्टेशन अधीक्षक/सैयदसरावां को सुरक्षित एवं संरक्षित ट्रेन परिचालन के लिए ‘एक्सीडेंट फ्री अवार्ड’ से सम्मानित किया गया । इस माह सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को कुल लगभग 15,62,53,925/- रूपए का समापन भुगतान नियमानुसार डिजिटल माध्यम से किया गया।   

    प्रयागराज मंडल कार्यालय के मंडल सभागार में सहायक मण्डल कार्मिक अधिकारी, रूपेश कुमार सुमन द्वारा सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को समापन भुगतान से संबंधित समस्त प्रपत्र सौंपा गया एवं सभी सेवानिवृत कर्मचारियों को रेल सेवा में उनके योगदान की सराहना करते हुए उनके आगामी पारिवारिक जीवन में स्वस्थ एवं सक्रिय रहने की कामना की ।

    इस अवसर पर सहायक मण्डल कार्मिक अधिकारी, रूपेश कुमार सुमन द्वारा सेवानिवृत्ति के उपरांत कर्मचारियों को प्राप्त होने वाले भुगतान, मानार्थ पास, HRMS एवं UMID की सुविधाओं के विषय में जानकारी प्रदान की गईI कार्मिक विभाग एवं लेखा विभाग की टीम ने अथक परिश्रम करते हुए इस कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न  किया। इस अवसर पर विधि अधिकारी लक्ष्मी प्रसाद भी उपस्थित थे । 

  • संघर्ष से सफलता तक: सोनभद्र की खुशबू सोनी बनीं बीडीओ, 26वीं रैंक से बढ़ाया मान

    संघर्ष से सफलता तक: सोनभद्र की खुशबू सोनी बनीं बीडीओ, 26वीं रैंक से बढ़ाया मान

    सोनभद्र। जनपद से एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी सामने आई है। राबर्ट्सगंज मेन मार्केट की रहने वाली खुशबू सोनी ने यूपी पीसीएस परीक्षा में 26वीं रैंक हासिल कर बीडीओ पद प्राप्त किया है। उनकी यह सफलता संघर्ष, मेहनत और परिवार के सहयोग की मिसाल बन गई है।

    खुशबू सोनी की शुरुआती पढ़ाई सोनभद्र में ही हुई। उन्होंने वर्ष 2018 में राजकीय महाविद्यालय ओबरा से गणित विषय में बीएससी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की और अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगातार मेहनत करती रहीं।उनका यह सफर आसान नहीं रहा। कई बार असफलताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। वर्ष 2022 में पिता के निधन ने उन्हें अंदर से झकझोर दिया, उस समय वे प्रयागराज में रहकर तैयारी कर रही थीं। इस कठिन दौर में उनकी जिम्मेदारियां बढ़ गईं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं खोई।इस मुश्किल समय में उनकी मां रंजू सोनी ने उनका पूरा साथ दिया और हर कदम पर उन्हें संभाला। मां के सहयोग और अपनी कड़ी मेहनत के दम पर खुशबू ने आखिरकार यह सफलता हासिल की।

    परिवार में मां के अलावा एक बड़े भाई और दो छोटे भाई हैं। बड़े भाई राबर्ट्सगंज में बर्तन और ज्वैलरी की दुकान चलाते हैं, जबकि छोटे भाई अपने-अपने क्षेत्र में कार्यरत हैं। खुशबू की इस उपलब्धि से पूरा परिवार गर्व महसूस कर रहा है। जैसे ही सफलता की खबर फैली, उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। खुशबू सोनी की यह उपलब्धि जिले के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो यह दिखाती है कि मेहनत और मजबूत हौसले से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

  • एनटीपीसी रिहंद में “आनंद मेला – एकता के रंग, उत्सव के संग” का भव्य आयोजन

    एनटीपीसी रिहंद में “आनंद मेला – एकता के रंग, उत्सव के संग” का भव्य आयोजन

    बीजपुर । एनटीपीसी रिहंद में 28-29 मार्च 2026 तक “आनंद मेला – एकता के रंग, उत्सव के संग” का भव्य आयोजन सोनशक्ति स्टेडियम में किया गया। दो दिवसीय मेले का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री संजय असाटी, परियोजना प्रमुख (रिहंद) नें परंपरागत रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

    कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि द्वारा सोनशक्ति स्टेडियम में निर्मित मंदिर में भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना के साथ की गई। इसके पश्चात उन्होंने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण कर अवलोकन किया। 

    मेले के प्रथम दिन सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें डीएवी, केंद्रीय विद्यालय, सेंट जोसफ, बाल भवन, वेलफेयर के छात्र-छात्राओं एवं एनटीपीसी कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों का मन मोह लिया, और सभी नें उनकी जमकर सराहना की। साथ ही नैगम सामाजिक दायित्व के अंतर्गत आईटीआई नक्टू की छात्राओं को साइकिल भी वितरित किया गया। 

    मेले के दूसरे दिन कठपुतली नृत्य, तंबोला और लकी ड्रॉ जैसे मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिन्होंने उत्सव के माहौल को और अधिक जीवंत बना दिया। मेले में विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन, आकर्षक स्टॉल एवं सेल्फी पॉइंट भी लगाए गए, जो आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण के केंद्र रहे।

    आनंद मेले ने टाउनशिप में उत्सव का उल्लासपूर्ण वातावरण स्थापित करते हुए सभी वर्गों के लिए एक समावेशी एवं आनंदमय माहौल प्रदान किया। इस आयोजन ने समुदाय के बीच आपसी जुड़ाव, सहभागिता और सौहार्द की भावना को और सुदृढ़ किया।

  • सीएमडी बीसीसीएल ने बस्ताकोला क्षेत्र की खदानों का किया निरीक्षण

    सीएमडी बीसीसीएल ने बस्ताकोला क्षेत्र की खदानों का किया निरीक्षण

     उत्पादन वृद्धि एवं मॉनसून तैयारी पर दिया जोर

    धनबाद।सीएमडी बीसीसीएल,  मनोज कुमार अग्रवाल ने बस्ताकोला क्षेत्र की विभिन्न खदानों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्पादन में वृद्धि, परिचालन दक्षता को सुदृढ़ करने तथा मॉनसून पूर्व तैयारियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया। निरीक्षण के दौरान निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री संजय कुमार सिंह भी उपस्थित रहे। अवसर पर कोयल भवन मुख्यालय से जीएम (कोऑर्डिनेशन), जीएम (एस्टेट), जीएम (ईएनएम), जीएम (सीएमसी), जीएम (सिविल इंडस्ट्रियल), एचओडी (पी एंड पी) तथा टीएस टू सीएमडी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बस्ताकोला क्षेत्र से जीएम (बस्ताकोला), क्षेत्रीय अधिकारी एवं ठेकेदार प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

    सीएमडी ने अपने दौरे की शुरुआत राजापुर ओसीपी से की, जहां उन्होंने वर्तमान में संचालित हायर किए गए एचईएमएम पैच के कार्यों की समीक्षा की तथा राजापुर हाईवॉल परियोजना के शीघ्र संचालन हेतु की जा रही तैयारियों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने खदान में जल निकासी (डीवाटरिंग) व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसकी निरंतर प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परियोजना अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में 8000 गैलन प्रति मिनट की पंपिंग क्षमता स्थापित है, जो क्षेत्र में उपलब्ध जल प्रवाह के अनुरूप है।

    मॉनसून को ध्यान में रखते हुए सीएमडी ने निर्देश दिया कि आपस में जुड़े हुए राजापुर एवं दोबारी सम्प (संग्रहित जल क्षेत्र) में उपलब्ध जल की समुचित मात्रा का आकलन किया जाए तथा समय रहते पर्याप्त क्षमता के पंप स्थापित कर प्रभावी डीवाटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चटकरी जोर से संभावित जल प्रवाह एवं पंप किए गए पानी के पुनः संचरण (री-सर्कुलेशन) की भी समुचित जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही, आसपास के जोर/नालों के डायवर्जन एवं लाइनिंग की संभावनाओं पर कार्य करने को कहा, ताकि खदान क्षेत्र में जल प्रवाह को नियंत्रित किया जा सके।

    उत्पादन समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि वर्तमान हायर एचईएमएम पैच में लगभग 2 लाख टन कोयला शेष है, जबकि निकटवर्ती क्षेत्र में लगभग 5 लाख टन कोयले वाला एक अन्य संभावित पैच चिन्हित किया गया है, जो प्रक्रियाधीन भूमि में स्थित है। इस पर सीएमडी ने संबंधित मुद्दों के शीघ्र समाधान हेतु आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने तथा अन्य संभावित पैचों की पहचान करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राजापुर ओसीपी के लीजहोल्ड क्षेत्र में लगभग 20 मिलियन टन कोयला अभी भी उपलब्ध है, जो भविष्य की उत्पादन संभावनाओं को सुदृढ़ करता है।

    इसके पश्चात उन्होंने अमलगमेटेड बेर्रा-दोबारी-कुया-घनुडीह कोलियरी का निरीक्षण किया और परियोजना अधिकारी को निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न पैचों के माध्यम से 2.1 मिलियन टन कोयला उत्पादन की समुचित योजना तैयार की जाए।

    सीएमडी ने बस्ताकोला कोलियरी के लीज क्षेत्र में स्थित गौशाला का भी निरीक्षण किया, जिसके कारण बस्ताकोला ओसीपी-II के संचालन पर प्रभाव पड़ रहा है तथा लगभग 2.5 मिलियन टन कोयले की उपलब्धता इससे जुड़ी हुई है। इस दौरान उन्होंने गौशाला प्रबंधन समिति के सदस्यों से सकारात्मक संवाद किया।

    अधिकारियों ने बताया कि गौशाला के स्थानांतरण के उपरांत बस्ताकोला ओसीपी-II वित्तीय वर्ष 2026-27 में अपनी पूर्ण पर्यावरण स्वीकृत (ईसी) क्षमता 3.0 मिलियन टन प्राप्त कर सकता है, अन्यथा उत्पादन लगभग 2.5 मिलियन टन के स्तर पर रहेगा। स्थानांतरण की प्रगति की समीक्षा के दौरान यह जानकारी दी गई कि बलियापुर के समीप एक वैकल्पिक भूमि चिन्हित की गई है, और स्थानांतरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। सीएमडी ने बस्ताकोला प्रबंधन एवं गौशाला समिति को आपसी समन्वय एवं संवाद के माध्यम से शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कंपनी एवं स्थानीय हितों के बीच संतुलन बनाए रखते हुए कार्य प्रगति को गति दी जा सके। यह दौरा बीसीसीएल की उत्पादन क्षमता को सुदृढ़ करने, उपलब्ध संसाधनों के अधिकतम उपयोग तथा सुरक्षित एवं सतत खनन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक पहल रहा।

  • एनटीपीसी कोलडैम द्वारा आयोजित मशीन निटिंग एवं ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन 

    एनटीपीसी कोलडैम द्वारा आयोजित मशीन निटिंग एवं ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन 

    विलासपुर।महिलाओं के सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य एनटीपीसी कोलडैम द्वारा अपने नैगम सामाजिक दायित्व के अंतर्गत ग्राम पंचायत सोझा (मंडी) एवं जूणी (शिमला) में संचालित चार-चार माह के कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यकर्मों का समापन दिनांक 30 मार्च 2026 को किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एनटीपीसी कोलडैम के सौजन्य से हिमकॉन शिमला द्वारा सम्पन्न किया गया| समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मानव संसाधन प्रमुख, एनटीपीसी कोलडैम, श्रीमती मंगला हरीन्द्रन ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। साथ ही, प्रतिभागियों को निटिंग मशीन एवं ब्यूटी पार्लर किट भी वितरित किए गए।

    इस अवसर पर एनटीपीसी कोलडैम के सीएसआर विभाग से वरिष्ठ प्रबंधक डॉ. अंजुला अग्रवाल, सहायक प्रबंधक पूरन सिंह, हिमकॉन से डिप्टी मैनेजर अमर वर्मा, समन्वयक मनोज एवं अमित शर्मा, प्रधान ग्राम पंचायत घरयाना संजय श्रीवास्तव, तथा प्रशिक्षण प्रदान करने वाली प्रशिक्षिकाएँ सुश्री मुस्कान एवं श्रीमती सुनीता भी उपस्थित रहीं।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम नें ग्राम पंचायत सोझा एवं जुणी की 50 महिलाओं को लाभान्वित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को नवीन कौशल सिखाकर उन्हें स्वावलंबी बनाना तथा रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। 

    प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली सभी महिलाओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया एवं इसकी खूब सराहना की। प्रतिभागियों ने कहा कि इस कार्यक्रम से उनकी सोच को एक नई दिशा मिली है तथा भविष्य में आगे बढ़ने के लिए उन्हें प्रोत्साहन प्राप्त हुआ है।एनटीपीसी कोलडैम स्थानीय समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। सीएसआर के अंतर्गत संचालित ऐसे कौशल विकास कार्यक्रम न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रहे हैं, बल्कि समाज के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

  • एनटीपीसी सोलापुर में “वृक्ष उत्पादक एवं खरीददारी मेला 2025-26” का सफल आयोजन

    एनटीपीसी सोलापुर में “वृक्ष उत्पादक एवं खरीददारी मेला 2025-26” का सफल आयोजन

    सोलापुर, । एनटीपीसी सोलापुर द्वारा नैगम सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत सामाजिक वनीकरण विभाग, सोलापुर के सहयोग से “वृक्ष उत्पादक एवं खरीददारी मेला 2025-26” का सफलतापूर्वक आयोजन आर. एल. आई. ऑडिटोरियम, एनटीपीसी सोलापुर में किया गया। इस मेले का प्रमुख उद्देश्य किसानों एवं वृक्ष उत्पादकों को एग्रोफॉरेस्ट्री, बांस एवं वृक्ष आधारित खेती, मूल्यवर्धन तथा बाजार से प्रत्यक्ष जुड़ाव के विविध अवसरों से परिचित कराना था।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  बी. जे. सी. शास्त्री, कार्यकारी निदेशक (एनटीपीसी सोलापुर) ने अपने संबोधन में कहा कि वृक्ष आधारित खेती न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि किसानों की आय में स्थायी वृ‌द्धि का भी प्रभावी माध्यम बन सकती है। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर  एम. के. बेबी, मुख्य महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण),  कन्हैया दास, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन),  लक्ष्मण आवारे, विभागीय वन अधिकारी तथा श्रीमती शुभांगी जावले, सहायक वन संरक्षक, सामाजिक वनीकरण, सोलापूर विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी गणमान्य अतिथियों ने मेले की सराहना करते हुए इसे किसानों के लिए ज्ञानवर्धक एवं लाभकारी पहल बताया।

    मेले के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों दद्ववारा किसानों को वृक्षारोपण की उन्नत तकनीकों, टिश्यू कल्चर, कार्बन क्रेडिट, मधुमक्खी पालन, सिल्क उत्पादन तथा पेपर उ‌द्योग से जुड़े व्यावसायिक अवसरों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, कौशल आधारित प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। सफल किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए अन्य किसानों को प्रेरित किया और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

    यह मेला किसानों एवं वृक्ष उत्पादकों के लिए एक सशक्त मंच सिद्ध हुआ, जहाँ उन्हें सीधे खरीददारों से संवाद स्थापित करने, बाजार की मांग को समझने तथा नवीनतम तकनीकी ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिला। इस पहल के माध्यम से किसानों को अपनी उपज के बेहतर मूल्य प्राप्त करने और आय के नए स्रोत विकसित करने की दिशा में मार्गदर्शन मिला। एनटीपीसी सोलापुर की यह पहल क्षेत्र में सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं किसानों की आय सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संस्था भविष्य में भी इस प्रकार के जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।

  • एनटीपीसी ऊंचाहार द्वारा सीएसआर पहल के अंतर्गत टीबी मरीजों को पोषण सहयोग

    एनटीपीसी ऊंचाहार द्वारा सीएसआर पहल के अंतर्गत टीबी मरीजों को पोषण सहयोग

    ऊंचाहार, रायबरेली। एनटीपीसी ऊंचाहार ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के अंतर्गत रायबरेली जिला के ऊंचाहार क्षेत्र के 100 क्षय रोग (टीबी) मरीजों को छह माह की अवधि के लिए पोषण किट उपलब्ध कराकर सराहनीय पहल की है। यह प्रयास प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को सशक्त बनाने तथा टीबी मरीजों के पोषण स्तर में सुधार कर उनके उपचार परिणामों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

    इस पहल को टीबी मरीजों के लिए लक्षित पोषण सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह एनटीपीसी ऊंचाहार की सामुदायिक स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता तथा सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी सीएसआर परियोजनाओं के माध्यम से योगदान देने के संकल्प को दर्शाता है। कार्यक्रम में पंकज कुमार, प्रमुख HR ऊंचाहार; डॉ. अंतोष सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एनटीपीसी ऊंचाहार; तथा डॉ. राधा यादव, वरिष्ठ चिकित्सक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), ऊंचाहार सहित सीएसआर एवं मेडिकल टीम के सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पर्याप्त पोषण टीबी मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने एवं उपचार के प्रति बेहतर अनुपालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में एनटीपीसी ऊंचाहार के प्रयासों की सराहना की।

    यह परियोजना चक्रिय विकास प्रणाली संस्थान (CVPS) के माध्यम से, जिला क्षय रोग अधिकारी, रायबरेली के कार्यालय तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), ऊंचाहार के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है। इसके अंतर्गत प्रत्येक चिन्हित टीबी मरीज को प्रति माह पोषण किट वितरित की जा रही है, जिसमें दलिया (1 किग्रा), भुना चना (1 किग्रा), मूंग दाल (1 किग्रा), चना सत्तू (1 किग्रा), सोयाबीन चंक्स (200 ग्राम) एवं हॉर्लिक्स (500 ग्राम) शामिल हैं।

  • बनहरदी कोयला खनन परियोजना परियोजना द्वारा ग्राम  बारी में सामान्य स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन

    बनहरदी कोयला खनन परियोजना परियोजना द्वारा ग्राम  बारी में सामान्य स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन

    लातेहार। बनहरदी परियोजना के सामुदायिक विकास कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम बारी के आयुष्मान केंद्र  में  निःशुल्क सामान्य स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों की ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच एवं निःशुल्क दवाइयाँ भी वितरित की गईं। यह पहल ग्रामीण समुदाय के स्वास्थ्य संरक्षण एवं जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शिविर में ग्राम बारी  के कुल 117  ग्रामीणों ने भाग लेकर स्वास्थ्य जांच कराई। इस शिविर में सामान्य स्वास्थ्य जांच सहित चिकित्सकीय परीक्षण भी किए गए एवं निःशुल्क दवाइयाँ भी वितरित की गईं।

    डॉक्टरों द्वारा जांच उपरांत सभी लाभार्थियों को आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया तथा निःशुल्क दवाओं का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर  आर. बी. सिंह, अपर महाप्रबंधक (एलए/आर एंड आर),   विनेश कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक,  मनीष देवदत्त एक्का (चिकित्सा अधिकारी),  शुभंकर मंडल कार्यपालक (भूमि अधिग्रहण / पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन ) एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।यह स्वास्थ्य शिविर स्थानीय समुदाय के समग्र स्वास्थ्य सुधार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति बनहरदी परियोजना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

  • सीसीएल की नई पहल: रिनपास, रांची में अत्याधुनिक DTMS मशीन की स्थापना हेतु त्रिपक्षीय समझौता

    सीसीएल की नई पहल: रिनपास, रांची में अत्याधुनिक DTMS मशीन की स्थापना हेतु त्रिपक्षीय समझौता

    रांची: सीसीएल ने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी क्रम में आज सीसीएल, रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकियाट्री एंड एलाइड साइंसेज (रिनपास), रांची तथा रोटरी फाउंडेशन के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

    इस समझौते के तहत रिनपास, रांची में अत्याधुनिक BrainsWay dTMS System (डीप ट्रांसक्रैनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन) मशीन स्थापित की जाएगी, जिसमें H1, H4 एवं H7 कॉइल्स की सुविधा उपलब्ध होगी। यह तकनीक पूर्णतः नॉन-इनवेसिव है और मस्तिष्क के गहरे हिस्सों को लक्षित कर मानसिक रोगों के प्रभावी उपचार में सहायक सिद्ध होती है।

    परियोजना की कुल लागत ₹1,98,72,488/- (तीन वर्षों के AMC सहित) है, जिसका वित्तीय वहन सीसीएल द्वारा CSR के अंतर्गत किया जाएगा। यह पहल सीसीएल की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक योगदान का सशक्त उदाहरण है।

    BrainsWay dTMS तकनीक उन्नत H-कोइल आधारित प्रणाली है, जिसके माध्यम से मस्तिष्क के न्यूरल नेटवर्क को द्विपक्षीय रूप से उत्तेजित एवं मॉड्युलेट किया जा सकता है। यह तकनीक अवसाद (Depression), ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD) तथा निकोटीन एडिक्शन जैसी मानसिक बीमारियों के उपचार में प्रभावी पाई गई है। यह मशीन US Food and Drug Administration (FDA) द्वारा अनुमोदित है, तथा H-कोइल तकनीक धूम्रपान त्याग (Smoking Cessation) हेतु भी FDA से स्वीकृत है।

    इस परियोजना के माध्यम से प्रतिवर्ष 600 से अधिक गंभीर मानसिक रोगों से ग्रसित मरीजों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने का अनुमान है। साथ ही, dTMS उपचार को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) एवं झारखंड राज्य स्वास्थ्य योजना के साथ समन्वित किया जाएगा, जिससे आम नागरिकों  को सुलभ एवं किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

    इस अवसर पर सीसीएल के महाप्रबंधक (SD एवं CSR) सिद्धार्थ शंकर लाल, रिनपास की निदेशक डॉ. जयंती सिमलाई तथा रोटरी फाउंडेशन के प्रतिनिधि ललित त्रिपाठी एवं गौरव बगरोय उपस्थित थे। सीसीएल की यह पहल मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।