जन कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर घुमंतू जातियों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए सरकार कर रही है प्रयास – असीम अरुण 

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चंदौली/ राज्यमन्त्री स्वतंत्र प्रभार उत्तर प्रदेश शासन मंत्री असीम अरुण द्वारा निर्धारित कार्यक्रम  घुमंतू जनजातियों द्वारा सदर क्षेत्र के बिसौरी गांव में आयोजित सम्मान समारोह में प्रतिभाग किया गया। आज जनपद के बिसौरी गांव में घूमंतु जातियों द्वारा समाज कल्याण व जन जातीय कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए मंत्री श्री अरुण  ने घुमंतू जातियों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी।लोगो को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 31 अगस्त को घुमंतू दिवस के रूप में मनाया जाता है। ये वे लोग हैं जिन्होंने मुगलों से समझौता नहीं किया और जंगलों में छिपकर उनके खिलाफ गुरिल्ला युद्ध जारी रखा। अंग्रेजों के जमाने में आपराधिक जनजातीय अधिनियम के द्वारा घुमंतू जातियों को जन्मजात अपराधी घोषित किया गया। जिसे देश की आजादी के बाद डॉ भीम राव आम्बेडकर के प्रयास से सरकार ने 31 अगस्त 1952 में इस कानून को समाप्त किया। जिसकी वजह से इस दिन को घुमंतू दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।उन्होंने बताया कि इन लोगों को सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर मुख्य धारा में लाने के लिए सरकार द्वारा बेहतर प्रयास किये जा रहे हैं। जिससे इनको शिक्षा, रोजगार, आवास सहित अन्य योजनाओं से लाभान्वित करते हुए आजीविका से जोड़ा जा सके। सम्मान समारोह के दौरान मुगलसराय रमेश जायसवाल, चकिया विधायक आचार्य ने लोगो योजनाओं की जानकारी देते हुए जागरूक किया। 

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