उत्तर प्रदेश की निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-30 नए सुधारों और उपहारों का गुलदस्ता है – नन्दी

बोर्ड ऑफ ट्रेड की बैठक में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए सम्मिलित हुए मंत्री नन्दी

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा हाल ही में मंजूर हुए 25,060 करोड़ रुपये के एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन में टारगेटेड स्कीमें शामिल की जाएंगी

दिल्ली/ उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी मंगलवार को देश की राजधानी दिल्ली में केंद्रीय वणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता एवं राज्यमंत्री जितिन प्रसाद की उपस्थिति में आयोजित बोर्ड ऑफ ट्रेड की बैठक में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए सम्मिलित हुए। बैठक में मंत्री नन्दी ने उत्तर प्रदेश की निर्यात नीति के साथ ही प्रगति का खाका केंद्रीय मंत्री के साथ ही विभिन्न राज्य से आए मंत्रीगण के सामने रखा।  बोर्ड ऑफ ट्रेड की बैठक में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हाल ही में मंजूर हुए 25,060 करोड़ रुपये के एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन में टारगेटेड स्कीमें शामिल की जाएंगी, ताकि लैंडलॉक्ड (बिना समुद्र तट वाले) राज्यों को निर्यात के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने (export promotion for landlocked states) में मदद मिल सके। उन्होंने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत केंद्र-राज्य साझीदारी का भी सुझाव दिया।

मंत्री नन्दी ने कहा कि डबल इंजन की हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप निर्यात प्रोत्साहन को विशेष प्राथमिकता दी है। भारत सरकार से मिलने वाले सतत मार्गदर्शन का परिणाम है कि पिछले 8 वर्षों के दौरान उत्तर प्रदेश के निर्यात में दोगुने से अधिक की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश का निर्यात 84 हजार करोड़ से बढ़कर 1 लाख 86 हजार करोड़ पहुंच गया है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के माध्यम से एक्सपोर्ट को नई उड़ान दी गई है। हमारे स्थानीय उत्पादकों और कारीगरों को विभिन्न देशों के बायर्स से वर्ष 2027 तक के एडवांस ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। निर्यात के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के उद्देश्य से नई निर्यात नीति 2025-30 प्रख्यापित की गई है। इस नीति के माध्यम से पहली बार मैन्युफैक्चर्स के साथ ही मर्चेन्ट निर्यातकों को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही सर्विस सेक्टर्स से जुड़े निर्यातकों को भी सुविधायें प्रदान की गयी है।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर विपणन सहायता के अंतर्गत सहायता राशि 16 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये वार्षिक कर दी गयी है।

गेटवेपोर्ट योजना के अन्तर्गत एक निर्यातक को 20 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये तक की वार्षिक सहायता धनराशि प्रदान किये जाने की व्यवस्था है। एयर फ्रेट स्कीम की धनराशि 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये वार्षिक कर दी गयी है।

इंटरनेशनल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मस पर ऑनबोर्डिंग के लिए पहले वर्ष की लिस्टिंग फीस में 3 लाख रूपये की एकमुश्त सहायता प्रदान किये जाने की व्यवस्था है।इस प्रकार उत्तर प्रदेश की निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-30 नए सुधारों और उपहारों का गुलदस्ता है। यह नीति भारत के समग्र निर्यात में उत्तर प्रदेश की अपेक्षित भागीदारी को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी। उत्तर प्रदेश भारत सरकार की मंशा के अनुरूप एक्सपोर्ट इकोसिस्टम को नई ऊंचाई और नई गति देने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *