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ललित निबंध (जन्मदिन पर विशेष) डॉ. विनय कुमार वर्मा जीवन की भीड़ में कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनका परिचय किसी पद, किसी उपाधि या किसी बाहरी चमक से नहीं होता, बल्कि उनके व्यक्तित्व से फैलने वाली एक अदृश्य आभा से होता है। ये लोग बिना किसी औपचारिक घोषणा के, बिना किसी प्रदर्शन के, अपने आसपास के लोगों के मन पर गहरी छाप छोड़ जाते हैं। वे यह साबित कर देते हैं कि जीवन की सबसे बड़ी शक्ति मांसपेशियों में नहीं, बल्कि मन में होती है। आदरणीय दिनेश चंद्र जी ऐसे ही व्यक्तित्व के धनी हैं - जिन्होंने अपनी शारीरिक…
