एसएसपीजी अस्पताल वाराणसी में मानव चिकित्सा सेवा की अद्वितीय उपलब्धि…

Spread the love

 वाराणसी ।  थैलेसीमिया खून की एक अनुवांशिक जीन से मिलने वाली बीमारी है जिसमें शरीर में हीमोग्लोबिन सही से नहीं बन पाता है और बार-बार खून की कमी हो जाती है थैलेसीमिया में आरबीसी लाल रक्त कणिकाओं के अंदर मौजूद हीमोग्लोबिन कम या डिफेक्टिव खराब हो जाता है और जिसकी वजह से ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में शरीर के विभिन्न टिशु और अंगों और उत्तकों तक नहीं पहुंच पाता है इस जन्मजात बीमारी का तो पता आमतौर पर बचपन में ही चल जाता है और यह हल्का रूप माइनर तथा बहुत गंभीर में परिलक्षित होती है यह अनुवांशिक रोग माता-पिता के जिन से बच्चों को मिलता है अगर दोनों माता-पिता थैलेसीमिया माइनर या करियर हो तो बच्चा थैलेसरी में मेजर होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है और वह जीवन भर इलाज मांगने वाला गंभीर रूप से हो जाता है इसके प्रमुख लक्षण खून की कमी होने बच्चे का विकास कम होना, फेल्योर टू थ्राइव, ग्रोथ फैलियर, सांस का फूलना जैसे होते हैं बच्चों में वजन कम बढ़ता है ग्रोथ नहीं हो पाती है तिल्ली और लीवर बढ़ जाता है तथा बार-बार खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है इसकी जांच की सुविधा हमारे एसएसपीजी मंडलीय चिकित्सालय में पैथोलॉजी विभाग में मौजूद है और पूर्णतःनिशुल्क है हीमोग्लोबिन का स्तर ठीक है इसके लिए बार-बार खून चढ़ाना पड़ता है जिसके फल स्वरुप कई बार शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ जाती है उसके लिए चीलेशन की दवाई खानी पड़ती है आजकल के आधुनिक ट्रीटमेंट में बोन मैरो ट्रांसप्लांट स्टेम सेल ट्रांसप्लांट किया जाता है जो अन्य उच्च संस्थानों में उपलब्ध है इसके बचाव के लिए जरूरी है की शादी से पहले कम से कम प्रेगनेंसी से पहले दोनों पिता व माता की खून की जांच की जाए थैलेसीमिया स्क्रीनिंग की जाए जो कि हमारे अस्पताल में उपलब्ध है और दोनों थैलेसीमिया पार्टनर अगर माइनर निकलते हैं पति-पत्नी तो डॉक्टर की सलाह से प्रेगनेंसी की प्लानिंग की जाए गर्भावस्था में जेनेटिक टेस्ट जेनेटिक्स काउंसलिंग और काउंसलिंग की जाए परिवार में यदि किसी को थैलेसीमिया का इतिहास हो या किसी निकट संबंधी में से विवाह करने में इस अनुवांशिक बीमारी की संभावना हो सकती है।*

*एसएसपीजी चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ बृजेश कुमार ने बताया है कि बाल चिकित्सा विभाग में  डॉक्टर एसपी सिंह डॉक्टर मृदुला मलिक डॉक्टर चन्द्र प्रकाश गुप्ता ने बड़े ही लगनता और कर्मठता के साथ कार्य करते हुए 70 बच्चों का उपचार किया है मरीजों को ब्लड चढ़ाया है जो अपने आप में बहुत ही उल्लेखनीय उपलब्धि है चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ बृजेश कुमार इस मानवीय चिकित्सीय कार्य के लिए बहुत बधाई दी है।*

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *