युवा पर्यटन अंतर्गत शहीद चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार, नवाबगंज, उन्नाव का कराया गया शैक्षणिक भ्रमण

*प्रकृति की पाठशाला में युवा कदम, शहीद चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार में छात्रों ने पढ़ा जैव-विविधता और संरक्षण का पाठ*

NTPC

*नेचर ट्रेल्स से वॉच टॉवर तक, पर्यटन संग पर्यावरण संरक्षण की राह पर बढे विद्यार्थी*

*ईको-टूरिज्म से सशक्त हो रही पर्यावरण चेतना, भावी पीढ़ी बनेगी प्रकृति संरक्षण की अग्रदूत- जयवीर सिंह*

*लखनऊ/ पर्यटन एवं प्राकृतिक धरोहरों से युवाओं को जोड़कर उन्हें पर्यावरण संरक्षण का सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड (यूपीईटीडीबी) लगातार सार्थक पहल कर रहा है। इसी क्रम में 21 फरवरी 2026 को ‘युवा पर्यटन’ के अंतर्गत ईज माय ट्रिप के सहयोग से पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, एसजीपीजीआई, लखनऊ के लगभग 60 विद्यार्थियों को शहीद चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार (उन्नाव) का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘इस तरह के भ्रमण कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को जैव विविधता, आर्द्रभूमि संरक्षण और ईको-टूरिज्म के महत्व से अवगत कराना है। साथ ही, छात्रों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है, ताकि वे कक्षा की पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक प्राकृतिक परिवेश में सीखने का अनुभव प्राप्त कर सकें।’

*प्रवासी पक्षियों का प्रमुख आश्रय स्थल*
मंत्री ने बताया कि ‘शहीद चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार अंतरराष्ट्रीय महत्व का वेटलैंड है। यह राज्य के 11 रामसर स्थलों में से एक है। शांत एवं हरे-भरे वातावरण में स्थित यह पक्षी विहार पक्षी प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षक स्थल है। सर्दियों के मौसम में यह विभिन्न प्रजातियों के प्रवासी पक्षियों का प्रमुख आश्रय स्थल बन जाता है।’

*नेचर ट्रेल्स भ्रमण..वॉच टॉवर और व्यू-शेड्स से अवलोकन* 
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने झील के किनारे विकसित नेचर ट्रेल्स पर भ्रमण किया तथा वॉच टॉवर और व्यू-शेड्स से पक्षियों एवं वन्यजीवों का अवलोकन किया। यह अनुभव न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता भी विकसित हुई।

*प्रकृति से जुड़ने का अनूठा अनुभव*
पक्षी विहार परिसर में प्रकृति, ज्ञान और मनोरंजन का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां इंटरप्रिटेशन सेंटर ने विद्यार्थियों को जैव-विविधता की रोचक जानकारी से अवगत कराया। वहीं, कैफेटेरिया ने भ्रमण को नया आयाम दिया। इस दौरान बच्चों के उत्साह और खिलखिलाहट से पार्क गूंज उठा। शैक्षणिक भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं ने प्रकृति से जुड़ने का अनूठा अनुभव प्राप्त किया।

*भावी पीढ़ी को प्रकृति से जोड़ने का प्रयास- मंत्री* 
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड का प्रयास है कि आने वाली पीढ़ी को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जाए। इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में जागरूकता, जिम्मेदारी एवं सतत पर्यटन की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए न केवल एक यादगार अनुभव रहा, बल्कि प्रकृति से सीखने और उससे जुड़ने का एक सशक्त माध्यम भी बना।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *