पसीना वाले हनुमान मंदिर का होगा कायाकल्प, फिरोजाबाद बनेगा धार्मिक पर्यटन विख्यात केंद्र – जयवीर सिंह

जनपद फिरोजाबाद स्थित पसीना वाले हनुमान मंदिर का 01 करोड़ रुपए की धनराशि से सौंदर्यीकरण किया जाएगा*

NTPC

लखनऊ: पर्यटन विभाग ने फिरोजाबाद जनपद के बहुचर्चित पसीना वाले हनुमान मंदिर के पर्यटन के विकास का निर्णय लिया है। लगभग 2000 वर्ष प्राचीन माने जाने वाले इस ऐतिहासिक मंदिर को शासन स्तर से अनुमोदित कार्य योजना के अंतर्गत एक करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया जाएगा। इस संबंध में उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि विभाग का यह प्रयास फिरोजाबाद को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में अहम कदम है।

फिरोजाबाद जनपद मुख्यालय से कुछ किलोमीटर की दूरी पर यमुना नदी के तट पर स्थित प्रसिद्ध पसीना वाले हनुमान मंदिर का समग्र पर्यटन विकास किया जाएगा। इस परियोजना के अंतर्गत मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, पर्यटक सूचना केंद्र, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा तथा श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थलों का निर्माण किया जाएगा।

पसीना वाले हनुमान मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां आस्था तर्क से आगे निकल जाती है। अपनी तरह के इस अनूठे मंदिर में स्थित हनुमान जी की प्रतिमा से वर्ष भर पसीना निकलता रहता है। सर्दियों में भी प्रतिमा पर पसीने की बूंदें श्रद्धालुओं को आश्चर्यचकित करती है। इसी चमत्कारी विशेषता के कारण लोग इस मंदिर का दर्शन करने दूर-दूर से आते हैं। 

पर्यटन मंत्री ने बताया कि फिरोजाबाद आस्था, ऐतिहासिक धरोहर और प्रकृति की गोद में सिमटा जनपद है। यह अब केवल कांच नगरी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि तेजी से उभरते ईको पर्यटन गंतव्य के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान गढ़ रहा है। जिले में जैन मंदिर, वैष्णो देवी मंदिर और माता टीला मंदिर जैसे आस्था के केंद्रों से लेकर कोटला का किला, चंदवार गेट और फिरोज शाह के मकबरे जैसी ऐतिहासिक विरासत पर्यटकों को आकर्षित करती है। वहीं, ईको टूरिज्म विकास बोर्ड द्वारा विकसित रपड़ी ईको स्पॉट और रूरिया स्वरूपपुर आज प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के बीच खास आकर्षण बनकर फिरोजाबाद को पर्यटन मानचित्र को गति दे रहे हैं।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *