बलिया से अफ्रीका तक: संजय कुमार राय की तकनीकी यात्रा

भारतीय युवा का वैश्विक आईटी नेतृत्व: अफ्रीका में संजय राय

उमेश कुमार सिंह

भारत की आईटी प्रतिभा आज पूरी दुनिया में छाप छोड़ रही है। सॉफ़्टवेयर डेवलपमेंट, क्लाउड सेवाएँ, डेटा सुरक्षा और डिजिटल ढाँचा बनाने में भारतीय विशेषज्ञों की क्षमता विश्व स्तर पर स्वीकार की जा चुकी है। इन्हीं में से एक नाम है उत्तर प्रदेश के बलिया से आने वाले संजय कुमार राय, जिन्होंने अफ्रीका के देशों में आधुनिक डिजिटल समाधान और नवाचार को नई दिशा दी है। संजय कुमार राय वर्तमान में ओरिसन सॉल्यूशन्स लिमिटेड के संस्थापक और प्रबंध निदेशक हैं। उनकी कंपनी युगांडा, रवांडा, तंज़ानिया और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में आधुनिक आईटी समाधान, सिस्टम इंटीग्रेशन और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर सेवाएँ प्रदान करती है। इसके साथ ही वे एमएफआई डॉक्यूमेंट सॉल्यूशन्स लिमिटेड में उप-सहारा अफ्रीका क्षेत्र के ग्रुप डायरेक्टर – आईटी के रूप में भी कार्यरत हैं, जहाँ वे विभिन्न संस्थानों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं।

सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव संजय राय को एक विशेषज्ञ के रूप में अलग पहचान देता है। उनके नेतृत्व में अनेक उच्च-स्तरीय तकनीकी परियोजनाएँ पूरी की गईं, जिनका प्रभाव सरकारी कार्यालयों, वित्तीय संस्थानों, शिक्षा संस्थानों और उद्योग क्षेत्रों तक पहुँचा। उनके कार्य ने अफ्रीका के कई देशों में डिजिटल क्षमताओं को बढ़ाया और डेटा एवं साइबर सुरक्षा को मजबूत किया। समाधान-केन्द्रित दृष्टिकोण और समय पर परिणाम देने की क्षमता ने उन्हें अफ्रीका में डिजिटल बदलाव के प्रमुख भारतीय चेहरों में शामिल कर दिया है।

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संजय कुमार राय

ओरिसन सॉल्यूशन्स लिमिटेड के माध्यम से वे नेटवर्किंग सिस्टम, साइबर सुरक्षा, एंटरप्राइज़ सॉफ्टवेयर, क्लाउड प्लेटफॉर्म और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण काम, समय की पाबंदी और दीर्घकालिक ग्राहक विश्वास उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषताएँ हैं।

बलिया जैसे छोटे शहर से निकलकर प्रयागराज और फिर वैश्विक आईटी नेतृत्व तक पहुँचना संजय राय के समर्पण और मेहनत की मिसाल है। प्रयागराज में शुरुआती शिक्षा प्राप्त करने के बाद उनके व्यक्तित्व और मूल्यों को परिवार से मिली संस्कृति ने आकार दिया। उनके पिता प्रो. चंद्र मोहन राय इलाहाबाद विश्वविद्यालय के डिफेंस स्टडी विभाग में कार्यरत रहे। साथ ही उनके दोनों भाइयों ने रक्षा और शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देकर परिवार की प्रतिष्ठा को आगे बढ़ाया।

संजय राय की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी अत्यंत मजबूत है। उनके पास एमबीए (बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी)फेलोशिप प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (जयपुरिया इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट) के साथ पीएमपीसीआईएसएआईएसओ 9001 तथा आईएसओ 27001 लीड ऑडिटर सहित एसएपीओरेकलडेलमाइक्रोसॉफ्ट और वीएमवेयर जैसी कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्र हैं। वे ईआरपी इंप्लीमेंटेशनकोर बैंकिंग सॉल्यूशन्ससासडेटा बैकअप सिस्टम्सवर्चुअलाइजेशन और आईसीटी इंफ्रास्ट्रक्चर में विशेषज्ञता रखते हैं।

तकनीकी नेतृत्व के अलावा वे एक लेखक और शोधकर्ता भी हैं। साइबर सुरक्षा, डिजिटल मार्केटिंग, सॉफ़्टवेयर टेस्टिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे विषयों पर उनकी लिखी पुस्तकें कई देशों में शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए उपयोग की जा रही हैं। उनके नाम पर कई तकनीकी पेटेंट भी दर्ज हैं, जिनमें AI-आधारित सुरक्षा प्रणाली, राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समाधान और क्वांटम टेक्नोलॉजी से जुड़े नवाचार शामिल हैं। उनके योगदान को वैश्विक स्तर पर कई सम्मान मिले हैं, जिनमें इंटरनेशनल अचीवर्स अवॉर्ड 2021, ग्लोबल चॉइस अवॉर्ड 2022, बेस्ट CEO अवॉर्ड 2022 और मोस्ट इंस्पायरिंग बिजनेस लीडर 2023 शामिल हैं। सीआईओ  व्यूस मैगज़ीन ने भी उन्हें अपने कवर पृष्ठ पर स्थान दिया, जो उनके प्रभाव और योगदान का सम्मान है।

भारत की ओर से वैश्विक आईटी नेतृत्व का यह उदाहरण सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी क्षमता और नवाचारिक शक्ति का प्रमाण है। संजय कुमार राय यह दिखाते हैं कि ज्ञान, दृष्टि और अथक परिश्रम के साथ भारत का कोई भी युवा दुनिया के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

साभार – एवीके न्यूज सर्विस 

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