राउरकेला। सेल, राउरकेला इस्पात संयंत्र के उद्यमी सिंटरिंग प्लांट-3 (एसपी-3) कर्मीसमूह ने एक अग्रणी प्रयास में, एसपी-3 में सर्कुलर सिंटर कूलर के डायरेक्ट चार्ज ट्रांसफर च्यूट (डीसीटीसी-DCTC) को स्वदेशी रूप से सफलतापूर्वक प्रतिस्थापित किया है।
उल्लेखनीय है कि 2012 में इसकी स्थापना के बाद से पहली बार इस महत्वपूर्ण उपकरण को प्रतिस्थापित किया गया है। यह महत्वपूर्ण इकाई क्रशिंग के बाद सिंटर के सुचारू स्थानांतरण को सुनिश्चित करती है, जिससे ब्लास्ट फर्नेस-5 के संचालन के लिए आवश्यक गुणवत्ता बनी रहती है। पिछले कुछ वर्षों में, डीसीटीसी में भारी टूट-फूट हुई , विशेष रूप से ‘फ्लो डायवर्टर’, जो गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके परिणामस्वरूप सिंटर का छोटे, अवांछित आकारों में विघटन बढ़ गया, जिससे उत्पाद की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ा। डीसीटीसी प्रतिस्थापन की अवधारणा लगभग दो वर्ष पहले शुरू की गई थी। हालाँकि, 17 टन से अधिक वजन वाले घटक के विशाल आकार और सर्कुलर सिंटर कूलर के सीमित स्थान में 9 मीटर से अधिक की ऊँचाई पर इसकी स्थापना के कारण कार्यान्वयन में कठिन चुनौतियाँ आईं। जटिल वातावरण के कारण मोबाइल क्रेन और उपकरणों का उपयोग संभव नहीं था, जिसके लिए एक नवीन और सावधानीपूर्वक नियोजित दृष्टिकोण की आवश्यकता थी। डिज़ाइन विभाग के सहयोग से एक व्यापक योजना विकसित की गई, जिसमें डीसीटीसी के लिए कस्टम-इंजीनियर्ड चित्र और प्रतिस्थापन की सुविधा के लिए ट्रॉली लगाने हेतु 12 मीटर लंबी एलिवेटेड रेल प्रणाली शामिल थी। इस मजबूत संरचना ने 25 से 31 जुलाई 2025 के बीच एसपी-3 की प्रमुख मरम्मत के दौरान डीसीटीसी के खंड 3 और 4 को हटाने और स्थापित करने में सक्षम बनाया। सटीक सूक्ष्म-स्तरीय योजना और प्रारंभिक कार्य के साथ, संपूर्ण प्रतिस्थापन कार्य 25 से 30 जुलाई 2025 के बीच केवल छह दिनों में सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
सेल संयंत्रों के भीतर किसी भी सिंटर प्लांट में डीसीटीसी का यह पहला प्रतिस्थापन है, जो आरएसपी के लिए एक प्रमुख मील का पत्थर बन गया है। इस पहल की संकल्पना और तकनीकी मार्गदर्शन 2023 में तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक (सिंटर प्लांट्स) और वर्तमान में कार्यपालक निदेशक (वर्क्स), आरएसपी, बी आर पलाई द्वारा किया गया था।
इसके सफल क्रियान्वयन का कुशल मार्गदर्शन मुख्य महाप्रबंधक (सिंटर), शेखर नारायण ने किया और परियोजना का नेतृत्व सिंटर प्लांट-3 के महाप्रबंधक प्रभारी एवं विभागाध्यक्ष, कल्याण समाजदार द्वारा गया।
