नौगढ़ में रेंजर अमित श्रीवास्तव ने कर दी तगड़ी कारवाई ….

GPS मैप से पकड़ी जंगल में चल रही चार देशी शराब की दुकान ,जी जान से लगे बंद कराने की तैयारी में 

NTPC

जंगल में बने मकान किराए पर लेकर आबकारी विभाग ने शुरू करवा दिया कारोबार

रेंजर अमित श्रीवास्तव ने GPS  से पकड़ी दुकानें,आबकारी अधिकारी को नोटिस देने की तैयारी 

चंदौली / तहसील नौगढ़ में जंगल की आरक्षित भूमि पर लगातार चल रहे अवैध कब्जे और कारोबार का खेल में एक नया मामला सामने आया है। बिना किसी जांच-पड़ताल, सीमांकन या वन विभाग की एनओसी के, आबकारी विभाग ने जंगल में बने मकानों को किराए पर लेकर ठेकेदारों से देसी शराब की दुकानें चलवाना शुरू कर दिया था।

बताया जा रहा है कि चकरघटृटा थाना क्षेत्र के जनकपुर और केसार तथा नौगढ़ थाना क्षेत्र के अमदहां और हरियाबांध में दुकानों का संचालन अप्रैल माह से लगातार चल रहा था, लेकिन  कर्मचारियों की नजर इस पर नहीं पड़ी, रविवार को अग्रिम मृदा कार्यों का स्थलीय निरीक्षण के दौरान रेंजर अमित श्रीवास्तव की पैनी नजर और GPS जांच ने पूरे खेल को उजागर कर दिया।

अप्रैल से चल रहा था खेल, सोता रहा स्टाफ 

आपको बता दें वित्तीय वर्ष 2025-26 का लाइसेंसी ठेका होने के बाद अप्रैल माह से इन दुकानों पर खुलेआम शराब बिक्री हो रही थी। न तो आबकारी विभाग ने जमीन की वैधता की जांच की और न ही वन विभाग से कोई एनओसी ली। बिना सीमांकन और वैध दस्तावेजों के ही ठेकेदारों को दुकानें चलाने की अनुमति दे दी गई थी। अगर रेंजर अमित श्रीवास्तव समय रहते मौके पर न पहुंचते और जीपीएस जांच न कराते, तो जंगल की जमीन पर बने अवैध रूप से बने मकानों में दुकानों का संचालन अब तक चलता रहता।

भाकपा माले के लाठी मार्च के बावजूद  रेंजर ने अपनाया है कड़ा रुख 

 वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर दो दिन पहले भाकपा (माले) ने सैकड़ो की संख्या में महिला और पुरुषों को साथ लेकर लाठी मार्च कर रेंज कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए विरोध और चेतावनी दिया, इसके बावजूद रेंजर अमित श्रीवास्तव ने दबाव में नहीं आने का संदेश देते हुए कार्रवाई जारी रखने का ऐलान किया। उनकी सक्रियता और सतर्कता के कारण ही जंगल की जमीन पर बने मकानों से चल रही शराब की दुकानों का यह खेल आज उजागर हुआ। इससे साफ दिख रहा है कि जंगल में कोई भी अवैध कब्जा या कारोबार उनके पैनी नजर से बच नहीं पाएगा।

आबकारी अधिकारी DO को नोटिस, जवाबदेही तय

मामला  सामने आने के बाद वन विभाग ने जिला आबकारी अधिकारी को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नोटिस में स्पष्ट किया जाएगा कि आरक्षित वन भूमि पर किसी भी प्रकार का व्यावसायिक संचालन कानूनन अपराध है। संबंधित दुकानों पर नोटिस चस्पा कर उन्हें बंद कराने की समय सीमा तय की जाएगी। 

 नहीं माने तो लग जाएगा ताला 

वन विभाग ने साफ कर दिया है कि यदि तय समय में आबकारी विभाग द्वारा शराब दुकानों का संचालन बंद नहीं कराया गया, तो वन विभाग सीधे तालाबंदी की कार्रवाई करेगा। जिन लोगों ने वन भूमि  पर अतिक्रमण कर मकान बनाए हैं, उनके खिलाफ भी कड़ी वैधानिक कार्रवाई होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण को किसी भी स्थिति में वैध नहीं माना जाएगा। 

 रेंजर अमित श्रीवास्तव बोले 

“आरक्षित वन भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण या व्यापार करना कानूनन अपराध है। GPS जांच में साफ हो गया है कि शराब की दुकानें जंगल की जमीन पर चल रही थीं। नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

 किराना और कोटे की दुकानों पर भी कार्रवाई तय 

वन विभाग के अनुसार यह कार्रवाई केवल शराब दुकानों तक सीमित नहीं रहेगी। जंगल की जमीन पर किराने की दुकानें और सरकारी कोटे की दुकानें चलने के भी कई मामले विभाग के संज्ञान में आए हैं। इन सभी प्रकरणों पर एक साथ सख्त और चरणबद्ध कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जंगल क्षेत्र में अवैध कब्जा, निर्माण और कारोबार करने वालों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आने वाले दिनों में अभियान और  कार्रवाई और तेज होगी। अतिक्रमणकारी अब जंगल की जमीन पर अपने खेल को  बेरोकटोक नहीं चला पाएंगे।

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