धनबाद। भारत सरकार द्वारा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के दिशा-निर्देशन में औद्योगिक न्यायाधिकरण सह न्यायालय में लंबित मामलों के शीघ्र एवं प्रभावी निपटारे के उद्देश्य से विशेष अभियान का आयोजन किया जा रहा है| इसी क्रम में आज बीसीसीएल के सहयोग से अन्नपूर्णा सभागार में केंद्रीय औद्योगिक न्यायाधिकरण (सीजीआईटी), मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय (सीएलसी) और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य संबंधित हितधारकों के बीच संवाद और समन्वय को सुदृढ़ करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे की प्रक्रिया को गति प्रदान करना था।

अवसर पर सीजीआईटी सह श्रम न्यायालय के पीठासीन अधिकारी, एस.के. पांडे, उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) सुमित तथा सीएमपीएफओ से राकेश सिन्हा ने ईपीएफओ से जुड़े लंबित मामलों के निपटान हेतु कई महतवपूर्ण जानकारी साझा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किये।
कार्यक्रम में उप-महाप्रबंधक (विधि) डॉ. कुमार शरद सिन्हा, विभागाध्यक्ष (औद्योगिक संबंध) सुरेन्द्र भूषण, विभागाध्यक्ष (अधिकारी स्थापना) श्रीमती शोभा.जे.कुजूर सहित कोयला भवन मुख्यालय के अन्य अधिकारी-पदाधिकारी, बीसीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों के क्षेत्रीय पदाधिकारी, ईसीएल, सीसीएल, आईएसएम, सीएमपीडीआईएल एवं विभिन्न अन्य संगठनों के प्रतिनिधि, बीसीसीएल मानव संसाधन और विधि-विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी सहभागिता की।
मंचासीन अतिथियों ने ईपीएफओ से जुड़े विभिन्न विधायी प्रावधानों, लंबित मामलों की प्रकृति तथा अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की और उपस्थित प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया। बताया गया कि 2 फरवरी से 6 फरवरी तक पीठासीन अधिकारी, केंद्रीय औद्योगिक न्यायाधिकरण सह श्रम न्यायालय के कार्यालय में एक विशेष कैंप आयोजित किया जाएगा, जिसमें ईपीएफओ से संबंधित लंबित विवादित मामलों की सुनवाई कर उनका निपटान किया जाएगा। इस विशेष अभियान का उद्देश्य वर्षों से लंबित मामलों को शीघ्रता से सुलझाकर श्रमिकों और नियोक्ताओं दोनों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करना है।

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