लैंगिक संवेदनशीलता पर जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन

भदोही।“संकल्पः हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन योजना” के अन्तर्गत विकास खण्ड औराई के माधोसिंह गर्ल्स इण्टर कालेज, माधोसिंह औराई में लैंगिक संवेदनशीलता विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान ममता सिंह मिशन को आर्डिनेटर ने छात्र-छात्राओं के साथ लिंग भेद कैसे समाज में महिला पुरुष के बीच गैर बराबरी के लिए जिम्मेदार है। यह भी बताया कि यही भेद आगे चलकर महिलाओं पर हिंसा का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि अभी भी समाज में महिलाओं व लड़‌कियों की सुरक्षा एक बड़ा सवाल है। 

 प्रियंका गुप्ता जेन्डर स्पेशलिस्ट द्वारा बालिकाओं को महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला, उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड व सामान्य), पति की मृत्यु परान्त निराश्रित महिला पेंशन, स्पॉन्सरशिप योजना, वन स्टॉप सेन्टर एवं 1098 चाइल्ड हेल्पलाईन का प्रचार-प्रसार एवं सरकार द्वारा संचालित टोल फ्री  हेल्पलाइन नंबर 1098 चाईल्ड लाईन, 1098 वीमेन पॉवर लाईन, 181 महिला हेल्पलाईन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाईन, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 102 स्वास्थ्य सेवा एवं 108 एम्बुलेस सेवा आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। 

महिला कल्याण विभाग द्वारा संचलित योजना पति की मृत्यु परान्त निराश्रित महिलाओं की सहायक अनुदान योजना के अन्तर्गत प्रत्येक लाभार्थी को प्रतिमाह रूपये-1000 की धनराशि दी जाती है। पात्र महिलायें जन सेवा केन्द्र/कम्प्यूटर सेन्टर से या स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकती है। जनपद में निराश्रित महिला पेंशन योजना के अन्तर्गत 28737 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा चुका है।

कन्या सुमंगला योजनाः- इस योजना का मुख्य उददेश्य कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त करना समान लैंगिक अनुपात स्थापित करना बाल विवाह की कुप्रथा को रोकना बालिकाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा को प्रोत्साहन देना बालिकाओं को स्वावलंबी बनाने में सहायता प्रदान करना बालिका के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच को विकसित करना है। कन्या सुमंगला योजना के अन्तर्गत लाभार्थी के परिवार में अधिकतम 02 बच्चों को ही लाभ अनुमन्य होगा यदि किसी महिला को पहले प्रसव से बालिका है व द्वितीय प्रसव से 02 जुड़वा बालिकायें ही होती है तो केवल ऐसी अवस्था में ही तीनों बालिकाओं को लाभ अनुमन्य होगा। यह योजना 06 श्रेणियों लाभ प्रदान किया जाता है। प्रथम श्रेणी बालिका के जन्म होने पर 5000/- द्वितीय श्रेणी बालिका के एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के उपरान्त 2000/- तृतीय श्रेणी कक्षा प्रथम में बालिका के प्रवेश पर 3000/- चतुर्थ श्रेणी कक्षा छः में बालिका के प्रवेश पर 3000/- पंचम श्रेणी कक्षा नौ में बालिका के प्रवेश पर 5000/- एवं षष्ठम् श्रेणी बालिका द्वारा 12वीं उत्तीर्ण करने के उपरान्त स्नातक अथवा दो वर्षीय या अधिक अवधि के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश पर 7000/- प्रदान किया जाता है। जनपद में कुल 18570 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड-19)-0 से 18 वर्ष की उम्र तक के ऐसे सभी बच्चे जिनके माता तथा पिता दोनों की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से महामारी के दौरान हो गई हो या जिनके माता या पिता में से एक की मृत्यु 01 मार्च, 2020 से पूर्व हो गयी थी तथा तथा दूसरे की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से महामारी के दौरान हो गई हो, के बच्चों को प्रतिमाह रू0 4000/- की दर से लाभान्वित किया जाता है। योजना में अब तक कुल 199 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य)- ऐसे बच्चे जिन्होने कोविड-19 से भिन्न अन्य कारणों से अपने माता-पिता दोनों अथवा माता या पिता में से किसी एक अथवा अभिभावक को खो दिया है अथवा जिनकी माता तलाकशुदा स्त्री या परित्यक्ता है अथवा जिनके माता-पिता या परिवार का मुख्यकर्ता जेल में है अथवा ऐसे बच्चे जिन्हें बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति/बाल वैश्यावृत्ति से मुक्त कराकर परिवार/पारिवारिक वातावरण में समायोजित कराया गया हो अथवा भिक्षावृत्ति/वैश्यावृत्ति में सम्मिलित परिवारों के बच्चों को प्रतिमाह 2500/- की दर से लाभान्वित किया जाता है। अब तक कुल 1141 बच्चों को लाभान्वित किया जा चुका है।

स्पॉन्सरशिप योजना-ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता व पिता की मृत्यु या माता-पिता दोनों/उनसे से कोई एक गम्भीर बीमारी से ग्रसित/माता-पिता शारीरिक रूप से बच्चे की देखभाल करने में असमर्थ हो/बाल श्रम/बच्चे के माता पिता या उनमें से कोई एक जेल में निरूद्ध/दिव्यांग बच्चा अथवा बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति/बाल वैश्यावृत्ति से मुक्त कराकर परिवार/पारिवारिक वातावरण में समायोजित कराया गये बच्चों को प्रतिमाह 4000/- की दर से लाभान्वित किया जाता है। अब तक 986 बच्चों को लाभान्वित किया जा चुका है।

कार्यक्रम में ममता सिंह मिशन कोर्डिनेटर, रेशमा भारती, प्रियंका गुप्ता जेन्डर स्पेशलिस्ट, आनन्द कुमार मौर्या, सत्येन्द्र पाण्डेय दिनेश तथा काफी संख्या में छात्रायें उपस्थित रहीं।

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