वाराणसी। मोदी सरकार द्वारा मनरेगा में किए गए मजदूर विरोधी बदलावों और नए कानून VB-G RAM G के विरोध में निकाली जा रही युवा गांधीवादियों की ‘मनरेगा बचाओ यात्रा’ आज शनिवार 14 फ़रवरी को भगवानपुर से शुरू होकर धरौरा , गरथौली, परानापुर होते हुए छितमपुर पहुँची जहाँ मनरेगा मजदूर हीरामनी, जीरा, कमला, तारा, मनभावती आदि ने दोपहर में यात्रा का स्वागत किया और भोजन की व्यवस्था की जिसके पश्चात यात्रा मुनारी होते हुए मोहाँव पहुँची जहाँ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यात्रा का भव्य स्वागत किया जिसके बाद यात्रा पलई पट्टी चौराहे से होते हुए पुआरिकला पहुँची जहाँ स्थानीय लोगों ने यात्रा का स्वागत किया।

गांधीवादी युवाओं ने गाँव-गाँव पहुंचकर मजदूरों को मनरेगा की बहाली के लिए संगठित किया व नये क़ानून VB-G RAM G के मज़दूर विरोधी प्रावधानों और काम के संवैधानिक अधिकार पर किये जा रहे सुनियोजित हमले के प्रयासों से भी अवगत कराया।
17 जनवरी को चौरी-चौरा (गोरखपुर) से प्रारंभ हुई मनरेगा बचाओ साइकिल यात्रा जो गोरखपुर, देवरिया, बलिया, मऊ, ग़ाज़ीपुर होते हुए बनारस जा रही है जहाँ 17 फ़रवरी को भारत माता मंदिर से निकलकर कचहरी स्थित अम्बेडकर प्रतिमा पर इस यात्रा का एकदिवसीय उपवास के साथ समापन होना है। यात्रा के दौरान धरहौरा बाज़ार में आयोजित सभा में यात्री विवेक ने कहा कि सरकार VB-G RAM G जैसे मजदूर विरोधी कानून लाकर मनरेगा जैसे जनकल्याणकारी क़ानून को ख़त्म कर रही है। इससे गरीब, पिछड़े वर्ग, दलित, भूमिहीन मजदूर और महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित होंगी और गांवों में पलायन भी बढ़ेगा।
यात्री मुरारी ने कहा कि मनरेगा क़ानून लागू होने के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं को काम मिला इससे आर्थिक और सामाजिक रूप से महिलाएँ सुदृढ़ हो रही थीं और उनकी सौदा शक्ति में भी इज़ाफ़ा हुआ। मोदी सरकार द्वारा उनके रोज़गार पर हमले के बाद अब वे महिलाएँ फिर से घरों में क़ैद हो जाएंगी।
यात्री प्रियेश ने कहा कि मोदी सरकार पूँजीपतियों के लाखों करोड़ों रुपये के कर्ज माफ़ कर रही है और कौड़ियों के भाव अडानी को देश की सरकारी संपत्तियां नीलाम कर रही है, उसी कड़ी में यह मज़दूर विरोधी सरकार मनरेगा को ख़त्म करके कॉर्पोरेट को सस्ता श्रम उपलब्ध कराने का रास्ता खोल रही है। यात्रा के दौरान सभी यात्री नए क़ानून के आने के बाद मनरेगा मजदूरों के मन में पैदा हुई अनिश्चितताओं और आशंकाओं को भी लगातार संकलित कर रहे हैं और यात्रा के बाद सरकार को पूर्वांचल के मज़दूरों के मन में अपनी रोज़ी रोटी की सुरक्षा को लेकर व्याप्त भय से अवगत भी करायेंगे।
यात्रा की प्रमुख मांगें:
1) काम के संवैधानिक अधिकार को बहाल किया जाए
2) मजदूर विरोधी कानून VB-G RAM G को तुरंत वापस लिया जाए
3) मनरेगा की न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन की जाए।
यात्रा में मुख्य रूप से मृत्युंजय मौर्या, सतीश साहनी, प्रवीण वर्मा, राहुल पवारा (महाराष्ट्र), अमन यादव, करण चौरसिया(झारखंड, प्रियेश, रजत, विवेक मिश्र, नीरज कुमार, दीपक, विवेक यादव (मध्य प्रदेश), धनञ्जय नजम शमीम, तौहीद बेग, सूफी सलीम, सुमन आनंद, गौरव पुरोहित (पश्चिम बंगाल), बृजेश साहनी, गौरव पांडेय, संगम गुप्ता, राशिद शेख (बेगूसराय), राजू कुमार (सहरसा), मुरारी कुमार (मुजफ्फरपुर), डॉ शैलेंद्र कुमार (नवादा), निर्भय अहिरवार (मध्य प्रदेश), आदि शामिल हैं।

गांव गिराँव हिंदी न्यूज़ पोर्टल पर आप – Latest Breaking News, देश, विदेश, खेल, मनोरंजन, राजनीति, क्राइम, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, लाइफस्टाइल, क्रिकेट से सम्बंधित सभी समाचार प्राप्त करते है।
