जनपद में उर्वरक दुरुपयोग रोकने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित

जिलाधिकारी ने जैविक खाद के उपयोग हेतु जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए

NTPC

चंदौली। उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग को नियंत्रित करने, औद्योगिक इकाइयों में उर्वरको के डाइवर्जन को रोकने, तथा उर्वरकों के अवैध परिसंचलन, तस्करी, कालाबाजारी व ओवर रेटिंग’ रोकने, मृदा में संस्तुत मात्रा के अनुरूप उर्वरकों के प्रयोग एवं जैविक उर्वरकों के अधिक प्रयोग हेतु जागरूक करने के साथ ही मृदा स्वास्थ्य में अनुकूल परिवर्तन लाने के उद्देश्य से “धरती माता बचाओ अभियान” के अन्तर्गत गठित “जिला स्तरीय धरती माता बचाओ निगरानी समिति” की प्रथम बैठक जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में दिनांक-23.01.2026 को देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। 

उन्होंने कहा जनपद के कृषकों द्वारा मृदा स्वास्थ्य की जानकारी के अभाव में रसायनिक उर्वरको का संस्तुत मात्रा से अधिक मात्रा में प्रयोग किया जाता है, जिसके सम्बन्ध में कृषि विभाग के अधिकारी / कर्मचारी, सहकारिता विभाग के अधिकारी / कर्मचारी तथा फुटकर उर्वरक विक्रेताओ के द्वारा कृषको को अधिक से अधिक जागरूक करते हुए उर्वरको के संतुलित प्रयोग हेतु प्रोत्साहित किया जाय। साथ ही अवगत कराया कि जनपद चन्दौली में विभिन्न प्रकार की औद्योगिक इकाइयां भी स्थापित हैं, जिसमें उर्वरकों के डाइवर्जन होने की सम्भावना बनी रहती है। उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध परिसंचलन व तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण हेतु जनपद में निरंतर सघन छापेमारी अभियान चलाकर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। अब तक कुल 129 छापे आयोजित कर 7 उर्वरक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलम्बित किये गये हैं, 7 लाइसेंस निरस्त किये गये हैं, व प्रयोगशाला से अमानक उर्वरक प्राप्त होने पर 2 फर्म के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करायी गयी है।

जिलाधिकारी ने कहा धरती माता बचाओ अभियान की निगरानी समिति की बैठक में उपस्थिति सदस्यों से कहा कि धरती माता बचाओं अभियान की निगरानी/समीक्षा भारत सरकार के स्तर से नियमित रूप से की जा रही है। रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुन्ध प्रयोग, अवैध रूप से उर्वरकों के डाइवर्जन, कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जनपद, तहसील व ग्राम स्तर पर धरती माता बचाओ निगरानी समिति का गठन कर प्रभावी कार्यवाही किये जाने हेतु भारत सरकार से निर्देश प्राप्त हुआ है। 

ग्राम स्तरीय निगरानी समिति के अध्यक्ष सम्बन्धित ग्राम प्रधान व संयोजक सम्बन्धित ग्राम पंचायत अधिकारी हैं। क्षेत्रीय लेखपाल, ड्रोन दीदी पंचायत सहायक, साधन सहकारी समिति के सचिव, ग्राम पंचायत के दो प्रगतिशील कृषक, सम्बन्धित प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी बी०टी०एम०/ए०टी०एम०/सम्बन्धित न्याय पंचायत प्रभारी, ग्राम पंचायत स्तर से सम्बन्धित कृषक उत्पादन संगठन के निदेशक मण्डल इसके सदस्य होंगे। इसी प्रकार तहसील स्तरीय निगरानी समिति के अध्यक्ष सम्बन्धित उपजिलाधिकारी तथा सदस्य सचिव संबंधित उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी होंगे। इस समिति में तहसील के समस्त खण्ड विकास अधिकारी, थाना प्रभारी/नामित पुलिस उप निरीक्षक, उर्वरक विक्रेता संघ कम्पनी के नामित प्रतिनिधि, प्रतिनिधि सहकारिता विभाग के अपर जिला सहकारी अधिकारी, समस्त सहायक विकारा अधिकारी (कृषि/कृषि रक्षा) / वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-बी सदस्य होंगे। जिलाधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थित समस्त उर्वरक कम्पनी के प्रतिनिधियों, थोक उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिये गये किसी भी परिस्थिति में अनुदानित उर्वरक निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर विक्रय न किया जाए तथा उनके साथ किसी भी अन्य उत्पाद को टैगिंग के रूप में न दिया जाए, यदि कोई भी प्रकरण प्रकाश में आता है तो सम्बन्धित के विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अन्तर्गतं आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।

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