काशी मोक्ष, अध्यात्म, पौराणिक, ऐतिहासिक, ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत की नगरी है – डॉ. दयाशंकर मिश्र

   वाराणसी। बेहतर और पेशेवर सेवाओं के साथ वाराणसी में पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए, पर्यटन मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश पर्यटन और जिला प्रशासन के सहयोग से ताज, रेडिसन, हिल्टन, द क्लार्क्स जैसी प्रमुख आतिथ्य श्रृंखलाओं और मेक माईट्रिप, एयर बीएनबी और अगोडा जैसी ऑनलाइन कंपनियों को वाराणसी के लगभग 500 होटल और होमस्टे मालिकों के लिए समर्पित प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के लिए शामिल किया है। गुरुवार को आयोजित प्रशिक्षण सत्रों में प्रदेश के आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्य मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र और पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

 मंत्री डॉ दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने होटल व्यवसाय एवं होमस्टे मालिकों से कहा कि आप सभी जिस इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं, आप सबके कंधों पर ज़िम्मेदारी है कि काशी आने वाले पर्यटकों के साथ सम्मानपूर्वक उत्तम व्यवहार करें, ताकि वे दुबारा काशी आने पर आपके पास लौटकर आयें। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद पर्यटन के लिए कल्पनाओं से परे लोग काशी आ रहे हैं। सरकार ने चौड़ी सड़कों का निर्माण, पुल, अस्पताल, फ्लाइओवर, नए घाटों का निर्माण, रोपवे, अंतर्देशीय जल परिवहन, वंदे भारत जैसी ट्रेन और एयरपोर्ट का विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्य कराए हैं और वाराणसी को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया है। इससे पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है।

उन्होंने काशी के अतीत के गौरवशाली इतिहास पर भी प्रकाश डाला।कहा कि काशी विश्व का प्राचीन जीवित शहर है। यह मोक्ष, अध्यात्म, पौराणिक, ऐतिहासिक, ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत की नगरी है। भारत की जितने भी महापुरुष हैं वे सभी कभी न कभी काशी जरूर आए हैं। इसके अलावा उन्होंने सारनाथ आयुर्वेद, प्रमुख तीर्थ स्थलों, बीएचयू, काशीविद्यापीठ, काशी में जन्मे महापुरुषों आदि पर अपने विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों को पर्यटकों को काशी की संस्कृति, परंपरा और आतिथ्य से परिचित कराते हुए उत्तम सेवाएँ प्रदान की शपथ दिलाई और प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किया गया।

  इसके बाद, मालिकों को डिजिटल उपकरणों के माध्यम से अपनी पहुँच बढ़ाने में सक्षम बनाने के लिए, मेकमाईट्रिप टीम ने दर्शकों को ऑनलाइन लिस्टिंग, सुंदर चित्र अपलोड करने, सुविधाओं की जानकारी प्रदान करने, ऑनलाइन समीक्षाओं के प्रबंधन आदि से संबंधित सर्वोत्तम प्रथाओं पर प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण के बाद, मंत्रालय द्वारा आतिथ्य श्रृंखलाओं और ऑनलाइन ट्रैवल कंपनियों के सहयोग से तैयार की गई एक आतिथ्य पुस्तिका, भागीदारी प्रमाण पत्रों के साथ, प्रशिक्षुओं के साथ उनके आसान और तत्काल संदर्भ के लिए साझा की गई। मुख्य अतिथिद्व्य द्वारा लोगो को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर मंत्री के पीआरओ गौरव राठी सहित अन्य लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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