जापान की यामानाशी हाइड्रोजन कंपनी उत्पादन, आपूर्ति, बिक्री व अन्य सेवाओं में करेगी सहयोग – ए0के0 शर्मा

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प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन पर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए ऊर्जा मंत्री और यामानाशी प्रीफेक्चर, जापान के उपगवर्नर की अध्यक्षता में हुई बैठक

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन, भंडारण, तकनीकी विकास, सेन्टर आफ एक्सीलेंस व आपूर्ति के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग, निवेश प्रोत्साहन, अंतर्राष्ट्रीय आपूर्ति तथा आपसी समन्वय के लिए 23 दिसम्बर, 2024 को उ0प्र0 सरकार तथा यामानाशी प्रीफेक्चर, जापान के बीच समझौता ज्ञापन हुआ था। इस समझौते ज्ञापन के तहत ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा तथा जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर (प्रांत) के उप गवर्नर को ओसादा की मौजूदगी में गुरुवार को लखनऊ के ताज होटल में चर्चा बैठक आयोजित की गयी।

ऊर्जा मंत्री ए0के0 शर्मा और जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर प्रांत के उप गवर्नर की अध्यक्षता में गुरुवार को लखनऊ के ताज होटल के मुलाकात कॉन्फ्रेंस हॉल में देर शाम जापान के प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रदेश के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी यूपीनेडा द्वारा उत्तर प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2024 का प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया और अभी तक प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में किए गए कार्यों की जानकारी दी गई।

जापान की यामानाशी हाइड्रोजन कंपनी ने 12 फरवरी को अपर मुख्य सचिव वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत नरेन्द्र भूषण के साथ बैठक की। जिसमें जानकारी मिली कि यामानाशी हाइड्रोजन कंपनी जापान की पहली पावर-टू-गैस कंपनी है। यह नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से हाइड्रोजन का उत्पादन, आपूर्ति, बिक्री और सेवाएं प्रदान करती है। इसकी एक प्रमुख उपलब्धि  05 मेगावाट का पैकेजिंग मॉडल स्थापित किया गया, जिसका उपयोग कंक्रीट पैनलों की हीट क्योरिंग और टायरों के सल्फराइजेशन प्रक्रिया में किया गया। भारत में हरियाणा में भी न्यू एनर्जी एंड इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन, जापान और जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय के सहयोग से इसकी उत्पाद क्षमता का अध्ययन किया गया।

जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर (प्रांत) के उप गवर्नर को ओसादा ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन व ग्रीन एनर्जी व अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग से भारत और जापान के रिश्तों को मजबूती मिलेगी। ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र की विशेषज्ञ कम्पनियां प्रदेश में आकर निवेश करेगी। उ0प्र0 और जापान दोनो मिलकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सप्लाई चेन को बदल सकते हैं।

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