व्यक्तित्व विकास साहित्य पढने की आदत जरूरी : वल्लभाचार्य पाण्डेय

चौबेपुर/ बच्चों में पुस्तकों के प्रति रूचि बढाने के उद्देश्य से सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट द्वारा 4 गांवों श्रीकंठपुर, रामपुर, चंदापुर और खरगीपुर में बच्चो की रोचक पुस्तकें प्रदान करते हुए आशा बाल पुस्तकालय का शुभारंभ किया गया। एक देश समान शिक्षा अभियान के अंतर्गत सभी को समान और बेहतर शिक्षा के अवसर की उपलब्धता के लिए संस्था द्वारा विगत चार वर्षों से बच्चों के लिए बाल साहित्य प्रदान किया जा रहा है । अब तक कुल 26 बाल पुस्तकालय प्रारंभ किये जा चुके हैं । पुस्तकें प्रथम प्रकाशन द्वारा उपलब्ध कराई गई हैं। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए आशा ट्रस्ट के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने कहा कि तकनीक के वर्तमान दौर में बच्चों में पढने की रूचि कम हो रही है जबकि पढ़ने की आदत से ही बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा और वे जागरूक होंगे अन्यथा सोशल मीडिया पर प्राप्त अधकचरी और असत्य जानकारियों को ही सत्य मानने से उनमे सही गलत की पहचान करने की क्षमता नष्ट हो जायेगी । इस अवसर पर मिथिलेश दुबे ने कहा कि व्यक्तित्व विकास के लिए किताबों का बहुत महत्व है, इसमें निहित ज्ञान को आत्मसात करने से हम परिवार, समाज, देश और प्रकृति के प्रति एक जिम्मेदार नागरिक बन सकते हैं । इस अवसर पर प्रदीप सिंह, शिवानी, स्नेहलता श्रीवास्तव, शिवेंद्र सिंह, मनोज यादव, संध्या, विशाल कुमार, उमेश कुमार, विशाल श्रीवास्तव आदि की उपस्थिति रही।

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