कल्याण भवन (एचआरडी) में ‘रेज़र्वेशन इन सर्विसेज़’ विषय पर दो-दिवसीय सेंसिटाइजेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

धनबाद। कल्याण भवन (एचआरडी) में आज कंपनी में कार्यरत मानव संसाधन अधिकारियों हेतु राज्यों के अंतर्गत एससी/एसटी/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस/पीडब्ल्यूडी हेतु सेवाओं में आरक्षण (रेज़र्वेशन इन सर्विसेज़ फॉर एससी/एसटी/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस/पीडब्ल्यूडी अंडर द स्टेट्स) विषय पर आयोजित दो-दिवसीय (18–19 मार्च) सेंसिटाइजेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक (मानव संसाधन) मुरली कृष्ण रमैया ने की।
कार्यक्रम में विशेष वक्ता एवं प्रशिक्षक के रूप में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय (DoPT) के पूर्व निदेशक संदीप मुखर्जी ने अपने अनुभव साझा किए तथा प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में महाप्रबंधक (एचआरडी) अनूप कुमार रॉय की गरिमामयी उपस्थिति रही।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में महाप्रबंधक (मानव संसाधन) कुमार मनोज, विभागाध्यक्ष (सीएसआर/आईआर) सुरेन्द्र भूषण, विभागाध्यक्ष (अधिकारी स्थापना) श्रीमती शोभा जे. कुजूर, विभागाध्यक्ष (वीआईपी सेल) श्रीमती निर्मला किरण सहित कोयला भवन मुख्यालय तथा विभिन्न क्षेत्रों के मानव संसाधन विभाग के अधिकारियों एवं नव-नियुक्त मैनेजमेंट ट्रेनी ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को SC/ST/OBC/EWS/PWD वर्गों के लिए सेवाओं में आरक्षण, पदोन्नति, चयन एवं नियुक्ति से संबंधित प्रासंगिक विधायी प्रावधानों, नीतिगत दिशानिर्देशों एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करना रहा, जिससे वे अपने दायित्वों का निर्वहन अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं संवेदनशील तरीके से कर सकें।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के औपचारिक स्वागत, सामूहिक दीप-प्रज्ज्वलन तथा कोल इंडिया के कॉर्पोरेट गीत के साथ की गई।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में मुरली कृष्ण रमैया ने कहा कि समावेशी विकास और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने में आरक्षण नीति की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल नियमों के अनुपालन तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें संवेदनशीलता, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ इन प्रावधानों को लागू करना चाहिए। उन्होंने प्रतिभागियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे इस प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभवों एवं जानकारी को अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू करेंगे और संगठन में समान अवसर की संस्कृति को और बेहतर बनाएंगे।
प्रशिक्षण सत्रों के दौरान संदीप मुखर्जी ने विषय से संबंधित महत्वपूर्ण एवं व्यावहारिक जानकारियाँ साझा कीं। उन्होंने संविधान में निहित आरक्षण संबंधी प्रावधानों, विभिन्न श्रेणियों के लिए निर्धारित प्रतिशत, रोस्टर प्रणाली, पदोन्नति में आरक्षण, क्रीमी लेयर की अवधारणा, न्यायालयीन निर्णयों के प्रभाव तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं में इनके अनुपालन से जुड़े प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आरक्षण व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है जब संबंधित अधिकारी इसके कानूनी, प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक पहलुओं की स्पष्ट समझ रखते हों। यह आवश्यक है कि प्रत्येक नियुक्ति, पदोन्नति एवं चयन प्रक्रिया में निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन किया जाए। रोस्टर प्रबंधन, डेटा संधारण तथा दस्तावेजीकरण में किसी भी प्रकार की त्रुटि न केवल प्रशासनिक जटिलताएँ उत्पन्न करती है, बल्कि कानूनी चुनौतियों को भी जन्म दे सकती है। इसलिए अधिकारियों को चाहिए कि वे अद्यतन नियमों, परिपत्रों एवं न्यायिक व्याख्याओं से निरंतर अवगत रहें और उन्हें व्यवहारिक रूप में लागू करें। उन्होंने प्रतिभागियों के साथ विभिन्न केस स्टडी, उदाहरण एवं परिदृश्य-आधारित चर्चाओं के माध्यम से विषय की जटिलताओं को सरल एवं स्पष्ट रूप में प्रस्तुत किया।दो-दिवसीय यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 19 मार्च को समापन सत्र के साथ संपन्न होगा, जिसमें प्रतिभागियों द्वारा अर्जित ज्ञान एवं अनुभवों की समीक्षा के साथ-साथ संगठन में प्रभावी अनुपालन हेतु आगे की कार्ययोजना पर भी चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम का संचालन उप-प्रबंधक (मानव संसाधन) सुश्री चारुलता ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में एचआरडी के प्रबंधक (मानव संसाधन ) सुमित कुमार, प्रबंधक (खनन) दीपक कुमार तथा अन्य कर्मियों का विशेष योगदान रहा।

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