संरक्षण नहीं मिला तो विलुप्त हो जायेगी हमारी सांस्कृतिक विरासत – वल्लभाचार्य पाण्डेय

हरियाली तीज के अवसर पर कजली उत्सव मनाया गया, लोक संस्कृति और लोक परम्परा संरक्षण के लिए आशा ट्रस्ट की एक कोशिश

चौबेपुर, वाराणसी/ वर्तमान पीढ़ी को अपनी समृद्ध विरासत वाली लोक संस्कृति, लोक परंपरा, लोक गीत, लोक पर्व आदि से जुड़े रहने का सन्देश देने के उद्देश्य से सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट द्वारा हरियाली तीज के अवसर पर कजली उत्सव का आयोजन किया गया । इस अवसर पर आशा पुस्तकालय और स्वावलम्बन कार्यक्रम से जुडी बालिकाओं और महिलाओं ने एक दूसरे को मेंहदी और महावर लगाया तथा कजली, सोहर, विवाह गीत, भजन, देवी गीत, पचरा आदि गीतों की प्रस्तुति की।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि आकाशवाणी वाराणसी में 32 वर्ष सेवा दे चुके लोक कलाकार तेज बहादुर सिंह यादव उर्फ़ मंगरू भैया ने कहा कि भारत की समृद्ध संस्कृति की विरासत को सहेजने व संरक्षित करने के लिए समाज के बुद्धिजीवी और विशेषज्ञों को आगे आना होगा। युवा पीढ़ी को भी इससे जोड़ना होगा तभी यह विरासात अगली पीढ़ी तक पहुंचेगी। आज लोक संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन की बड़ी आवश्यकता है।

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