हिंडाल्को में हैजार्ड आइडेंटिफिकेशन एवं रिस्क असेसमेंट’ प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

रेनुकूट/ सोनभद्र। औद्योगिक कार्यस्थलों पर सुरक्षा संस्कृति को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से हिंडाल्को रेनुकूट में आयोजित सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत सोमवार को प्रशिक्षण केंद्र में “हैजार्ड आइडेंटिफिकेशन एवं रिस्क असेसमेंट” प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कार्यस्थल सुरक्षा के प्रति अपनी सजगता और ज्ञान का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों में संभावित खतरों की पहचान करने, उनके जोखिम का आंकलन करने तथा सुरक्षित कार्य प्रणाली को बढ़ावा देने के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित करना था। 

NTPC

  कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने औद्योगिक कार्यस्थलों से जुड़े विभिन्न परिदृश्यों में संभावित जोखिमों की पहचान कर उनके समाधान प्रस्तुत किए, जिससे सुरक्षा के प्रति उनकी समझ और प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। प्रतियोगिता में कुल चार टीमों ने भाग लिया। प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए जज के रूप में सत्यजीत आचार्या, हिमांशु रंजन, संतोष सिंह, कैलाश पधान तथा लोकनाथ नायक उपस्थित रहे। सभी निर्णायकों ने प्रतिभागियों के ज्ञान, विश्लेषण क्षमता और सुरक्षा दृष्टिकोण का सूक्ष्म मूल्यांकन किया। प्रतियोगिता में रिडक्शन प्लांट की टीम पवन विश्वकर्मा, मिस प्रियंका गुप्ता, अमित सिंह तथा एस. के. पाण्डेयकृने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं फैब्रिकेशन प्लांट की टीम अनुष्का श्रीवास्तव, गौरव पराटे, उमेश मौर्य तथा आर. एन. गुप्ताकृने द्वितीय स्थान हासिल किया।

  यूटिलिटी प्लांट की टीम विशाल भारती, मिस सिद्धी तिवारी, रमेश पाल तथा उमेश ओझाकृने तृतीय स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति ने प्रतिभागियों का उत्साह और भी बढ़ाया। हिंडाल्को के मुखिया समीर नायक, रिडक्शन हेड जयेश पवार सहित अन्य अधिकारियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कार्यस्थल पर सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया और सभी को सुरक्षित कार्य व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया।

   कार्यक्रम का संचालन सुरेश शुक्ला ने प्रभावी ढंग से किया, जबकि विजेता टीमों की घोषणा सेफ्टी हेड जय तिवारी द्वारा की गई। प्रतियोगिता के समापन पर सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की गई और यह संदेश दिया गया कि सुरक्षित कार्य संस्कृति ही किसी भी उद्योग की स्थायी प्रगति का आधार होती है। सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत आयोजित यह प्रतियोगिता न केवल ज्ञानवर्धक रही, बल्कि कर्मचारियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता, सहभागिता और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करने में भी सफल सिद्ध हुई।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *