संविधान दिवस के अवसर पर बीसीसीएल में संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक पाठ का आयोजन

धनबाद। 26 नवम्बर 1949 को भारत के संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान को अंगीकृत किये जाने की स्मृति में प्रतिवर्ष मनाए जाने वाले संविधान दिवस के अवसर पर आज कोयला भवन, मुख्यालय बीसीसीएल में संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक पाठ का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सीएमडी  मनोज कुमार अग्रवाल ने की। इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक (तकनीकी) संचालन,  संजय कुमार सिंह, मुख्य सतर्कता पदाधिकारी,  अमन राज सहित मुख्यालय के सभी महाप्रबंधकगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष तथा बड़ी संख्या में अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संविधान के शिल्पकार, भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण के साथ की गई। इस दौरान सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल सहित उपस्थित सभी निदेशकगण एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने बाबा साहब आंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और संविधान की प्रति के समक्ष राष्ट्र के प्रति अपनी संवैधानिक प्रतिबद्धता व्यक्त की। इसके उपरांत सीएमडी  मनोज कुमार अग्रवाल एवं निदेशक (तकनीकी-संचालन)  संजय कुमार सिंह ने क्रमशः हिंदी एवं अंग्रेजी में संविधान की प्रस्तावना का पाठ कर उपस्थित सभी कर्मियों को संविधान के आदर्शों, सिद्धांतों और मूल्यों के प्रति निष्ठा की शपथ दिलाई।

अपने संबोधन में सीएमडी  मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि संविधान दिवस मनाने का उद्देश्य भारतीय संविधान में निहित मूल सिद्धांतों – न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्शों को आत्मसात करना तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जन-जागरूकता को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान न केवल शासन की आधारशिला है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देता है।

उल्लेखनीय है कि 26 नवम्बर 1949 को संविधान सभा द्वारा भारत के संविधान को अंगीकृत किए जाने की स्मृति में प्रत्येक वर्ष संविधान दिवस मनाया जाता है। नागरिकों के बीच संवैधानिक मूल्यों, सिद्धांतों एवं आदर्शों के प्रसार के उद्देश्य से भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 19 नवम्बर 2015 को यह घोषणा की थी कि प्रतिवर्ष 26 नवम्बर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर देशभर के सभी सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों एवं सार्वजनिक संगठनों में भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ आयोजित किया जाता है, जिससे नागरिकों में संविधान के प्रति गर्व, सम्मान और निष्ठा की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। कार्यक्रम के अंत में संविधान की मूल भावना के अनुरूप सभी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों ने देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हेतु अपनी निष्ठा बनाए रखने का संकल्प लिया।

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