डॉ. सुधांशु सिंह को कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान’ से किया गया सम्मानित

 वाराणसी। अंतर्राष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान, दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (आइसार्क) के निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह को उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिष्ठित उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान से अलंकृत किया गया।  

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     डॉ. सुधांशु सिंह को यह सम्मान कृषि अनुसंधान, नवाचार तथा सतत खाद्य प्रणालियों के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया है। विशेष रूप से, उन्होंने कृषि क्षेत्र में वैश्विक वैज्ञानिक ज्ञान को उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए स्थानीय रूप से प्रासंगिक समाधानों में रूपांतरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके अग्रणी प्रयासों से राज्य, विशेषकर धान आधारित एवं विविधीकृत फसल प्रणालियों में, वैश्विक कृषि नवाचार के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है, जिससे उत्पादकता, जलवायु सहनशीलता और उपज-स्थिरता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। डॉ. सिंह के योगदान का एक प्रमुख आयाम आइसार्क के विकास एवं वैश्विक पहचान से जुड़ा है। उनके नेतृत्व में आइसार्क उत्तर प्रदेश में स्थित होते हुए भी अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान एवं नीति-तंत्र क से जुड़ा एक उत्कृष्ट केंद्र बनकर उभरा है। यहां जलवायु-स्मार्ट कृषि, धान की सीधी बुआई, तनाव-सहनशील फसल प्रौद्योगिकियां, कृषि यंत्रीकरण तथा कम-उत्सर्जन वाली खेती को बढ़ावा दिया गया है, जो राज्य में भूजल ह्रास, जलवायु परिवर्तन और बढ़ती उत्पादन लागत जैसी चुनौतियों का प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है। डॉ. सिंह का अंतरराष्ट्रीय योगदान केवल वैश्विक स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसका उपयोग व सतत स्थानीयकरण उत्तर प्रदेश के हित में किया गया है । इसी क्रम में उन्होंने आगरा में अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र (सीआईपी) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (सिप-सार्क) की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे राज्य में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कृषि अनुसंधान संस्थानों की उपस्थिति और भी सुदृढ़ हुई तथा विश्वस्तरीय कृषि अनुसंधान संस्थानों के साथ उत्तर प्रदेश के संस्थागत संबंध मजबूत हुए। यह अनूठी पहल राज्य की फसल विविधीकरण और कृषि-खाद्य प्रणालियों के दीर्घकालिक विकास की क्षमताओं को सुदृढ़ में सहायक सिद्ध हुई है।  

     आजमगढ़ जनपद के ग्राम समेंदा से आने वाले डॉ. सुधांशु सिंह तीन दशकों से भी अधिक अनुभवी एक अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कृषि वैज्ञानिक हैं। वे आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश से बी.एससी. (कृषि) एवं एम.एससी. (एग्रोनॉमी) में स्वर्ण पदक के प्राप्तकर्ता भी हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान लोक सेवा आयोग के माध्यम से की और इसके पश्चात फिलीपींस स्थित अंतरराष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान (इरी) से पी.एच.डी. तथा पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप हासिल की की। वर्ष 2013 से 2020 तक वे इरी में दक्षिण एशिया के लिए सिस्टम एग्रोनोमिस्ट के पद पर रहे तथा वर्तमान में आइसार्क के निदेशक के रूप में दक्षिण–दक्षिण सहयोग के माध्यम से एशिया एवं अफ्रीका में दीर्घकालिक युक्तिपूर्ण धान अनुसंधान का नेतृत्व कर रहे हैं। डॉ. सिंह ने 30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय, बहु-संस्थागत अनुसंधान परियोजनाओं का नेतृत्व किया है, वैश्विक एजेंसियों से प्रतिस्पर्धी वित्तीय संसाधन जुटाए हैं तथा 150 से अधिक वैज्ञानिक शौध-पत्र प्रकाशित किए हैं। उन्होंने इरावती नामक धान की एक किस्म के सह-विकास में योगदान दिया है, कृषि यंत्रीकरण से जुड़े नवाचारों में भूमिका निभाई है तथा सीड्स विदाउट बॉर्डर जैसी वैश्विक पहलों और ग्लोबल डीएसआर कॉन्क्लेव जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंचों में नेतृत्व प्रदान किया है। उन्हें वर्ष 2025 में इंडियन सोसाइटी ऑफ एग्रोनॉमी के प्रतिष्ठित फेलो अवार्ड से भी सम्मानित किया गया।  

      उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित एवं संस्कृति विभाग द्वारा प्रदत्त  एक विशिष्ट सम्मान है, जो विभिन्न क्षेत्रों में राज्य का गौरव बढ़ाने वाले व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है। डॉ. सुधांशु सिंह को दिया गया यह सम्मान उत्तर प्रदेश के किसानों की आजीविका सुदृढ़ करने, सतत कृषि को बढ़ावा देने और राज्य की वैश्विक प्रतिष्ठा को सशक्त करने में उनके असाधारण योगदान का प्रतीक है।

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