योजनाबद्ध तरीके से किया गया कार्य ही सफलता का मूलमंत्र हैं – डॉ राममनोहर

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प्रयागराज। [मनोज पांडेय]शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार, अनुशासन और नवाचार को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से ‘विद्या भारती काशी प्रांत’ के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण ‘एक दिवसीय प्रधानाचार्य समीक्षा बैठक’ का आयोजन किया गया। यह बैठक प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के सभागार में अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुई। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ विद्या भारती की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप मुख्य अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ। बैठक में काशी प्रांत के विभिन्न जनपदों से आए हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने सहभागिता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों की शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा और भविष्य की कार्ययोजना तैयार करना था। बैठक के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई:

1. शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा : प्रधानाचार्यों ने पिछले सत्र के अनुभवों और अब तक पूर्ण किए गए पाठ्यक्रमों की रिपोर्ट प्रस्तुत की।

2. बोर्ड परीक्षा लक्ष्य : आगामी यूपी बोर्ड और सीबीएसई परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम सुनिश्चित करने और मेधावी छात्रों की सूची (Merit List) में विद्यालय का नाम दर्ज कराने के लिए विशेष रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ।

3. नवाचार और कौशल विकास : शिक्षा में नई तकनीकों का समावेश और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए नए प्रयोगों को लागू करने पर बल दिया गया। बैठक के मुख्य वक्ता एवं मार्गदर्शक क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने अपने संबोधन में कहा कि “विद्या भारती का लक्ष्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्त और चरित्रवान नागरिकों का निर्माण करना है। प्रधानाचार्य विद्यालय की धुरी होते हैं, उन्हें नेतृत्व क्षमता के साथ-साथ संवेदनशीलता से कार्य करना होगा।”

क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री डॉ. राम मनोहर ने संगठन की मजबूती और अनुशासन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “योजनाबद्ध तरीके से किया गया कार्य ही सफलता की कुंजी है। बोर्ड परीक्षाओं के दृष्टिगत प्रधानाचार्यों को छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी तैयारी की निरंतर निगरानी करनी चाहिए।” काशी प्रांत के प्रदेश निरीक्षक शेषधर द्विवेदी ने प्रशासनिक बारीकियों और आगामी सत्र की तैयारियों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि “समीक्षा बैठकें हमें अपनी कमियों को सुधारने और उपलब्धियों को साझा करने का अवसर प्रदान करती हैं।” बैठक में ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य सहित काशी प्रांत के प्रमुख पदाधिकारी और विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सभी ने आगामी परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम देने और शिक्षा के गिरते स्तर को बचाने के लिए संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन शांति मन्त्र के साथ हुआ।

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