उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 4.41 करोड़ रूपये की लागत के 250 सीटर नालंदा लाइब्रेरी का किया भूमिपूजन

*नौकरी पाने के लिए नहीं बल्कि जीवन बनाने के लिए प्राप्त करें ज्ञान – उपमुख्यमंत्री

*नालंदा परिसर में होंगे ऑडियो विसुअल कॉन्टेंट एवं एआई का विशेष कॉर्नर*

 रायपुर,/ कवर्धा जिले में शिक्षा, अध्ययन संसाधनों और ज्ञान-संस्कृति के विस्तार को नई दिशा देने के नवीन पहल की जा रही है। जिसके तहत उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा के विधायक विजय शर्मा ने आज कवर्धा में 4.41 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक एवं पूर्णत: डिजिटल सुविधाओं से युक्त 250 सीटर नालन्दा लाइब्रेरी का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, पूर्व संसदीय सचिव डॉ सियाराम साहू, कलेक्टर गोपाल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य रामकुमार भट्ट, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष पवन जायसवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुषमा गणपत बघेल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल ठाकुर, श्री विजय पटेल, मनीराम साहू, श्रीमती सतविंदर पाहुजा सहित समस्त पार्षदगण, जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

 इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी से मुलाकात कर जिले के युवाओं, प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थियों, शोधार्थियों और पुस्तक प्रेमियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रायपुर की नालंदा परिसर की तर्ज पर बनाया जा रहा यह नालंदा परिसर जिले में बहुआयामी ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित होगा और कवर्धा में शिक्षा और ज्ञान-संस्कृति को नई ऊँचाइयों तक लेकर जाएगा और नए अवसरों के द्वार खोलेगा। 

भारत की शिक्षा–संस्कृति का गौरव इतिहास काल से है। भारत में प्राचीन काल से नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वविख्यात विश्वविद्यालय रहे हैं। जब दुनिया पृथ्वी को चपटी मानती थी, तब भारत ज्ञान-विज्ञान में विश्व का मार्गदर्शक था। उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय हमारी गौरवशाली धरोहर है। भारत की पुरातन ज्ञान परंपरा वेद, उपनिषद, भौतिक विज्ञान, गणित और खगोल विज्ञान—दुनिया में अद्वितीय रही है। आर्यभट्ट द्वारा सूर्य और गणितीय खोजें इसका प्रमाण हैं। यदि हम अपने इतिहास को समझेंगे, तो महसूस होगा कि भारत जैसा कहीं और कुछ नहीं है।

इस लाइब्रेरी से स्कूल और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के साथ साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को एक शांत एवं उचित वातावरण उपलब्ध होगा। रायपुर जैसे महानगरों में तो चौबीस घण्टे लाइब्रेरी में युवा पढ़ते हुए मिल जाएंगे, ऐसा ही पढ़ाई को लेकर वातावरण हमें कवर्धा में भी निर्माण करना है, जिससे कवर्धा में भी समाज के हर वर्ग के लिए अध्ययन, अनुसंधान और ज्ञान-विकास का माध्यम प्राप्त हो सके। हमें ज्ञान सिर्फ नौकरी पाने के लिए नहीं प्राप्त करना चाहिए बल्कि अपना जीवन बेहतर बनाने के लिए प्राप्त करना चाहिए।

उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी में डिजिटल लाइब्रेरी, सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की अच्छी किताबें, दैनिक अखबार, समसामयिक किताबें, विख्यात जर्नल्स, अच्छे लेखकों की पुस्तकें, प्रेरणादायी किताबों के साथ बच्चों के लिए विशेष ज्ञान-कोना भी उपलब्ध होगा, जिनके ज्ञान का युवा से लेकर हर वर्ग के लोग लाभ ले सकेंगे। इसकी खासियत यहां के ऑडियो विसुअल कॉन्टेंट होंगे। जहां विद्यार्थी अपनी पसंदीदा बुक या विषय पर ऑडियो विसुअल माध्यम से जानकारी ले सकेंगे। इसके अलावा विश्व में तेजी से बढ़ रही एआई तकनीकी में युवा पीछे ना रह जाएं इसके लिए परप्लेक्सिटी, ग्रोक, चैटजीपीटी जैसे एआई टूल्स का भी एक कॉर्नर बनाया जाएगा, जहां युवा एआई टूल्स का निःशुल्क प्रयोग कर सकेंगे। नगर पालिका परिषद कवर्धा के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि नालंदा परिसर लाइब्रेरी को जिले के युवाओं के लिए एक शांत, आधुनिक, तकनीक-संपन्न एवं सुसज्जित अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराएगा।

  उल्लेखनीय है कि 17 हजार वर्गफीट में बनीं इस लाइब्रेरी में 250 सीट क्षमता वाले रीडिंग हॉल के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु पुस्तकें, अकादमिक एवं रिसर्च गतिविधियों हेतु जर्नल्स, बच्चों के लिए विशेष ज्ञान-कोना, सांस्कृतिक एवं सामान्य अध्ययन, डिजिटल जानकारी एवं ज्ञान के विभिन्न संसाधन उपलब्ध होंगे।

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