अतिक्रमण के लिए जिम्मेदार नगर पालिका व पुलिस मौन

अहरौरा, मिर्जापुर / नगर पालिका परिषद की सड़कों पर दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण किए जाने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी जिन लोगों पर है वे लोग मौन धारण किए हुए हैं।
नगर पालिका परिषद अहरौरा बाजार में आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों का आवागमन होता है।
कई गांवों के बच्चें कक्षा एक से लेकर इंटरमीडिएट तक शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते हैं। बाजार में एक मुख्य सड़क है जो रोड़वेज बस स्टेशन से पांडेय जी दक्षिणी फाटक से अहरौरा बांध तक चली जाती है उसके बाद हाइवे में मिल जाती हैं।
बाजार की मुख्य सड़क पर नई बाजार, पोस्ट ऑफिस के पास, अस्पताल के पास, नगर पालिका इंटर कालेज के सामने से लेकर, खड़ंजा से लेकर पांडेय जी दक्षिणी फाटक तक पुरी सड़क जगह जगह अतिक्रमण की चपेट में हैं। दुकानदारों द्वारा अपनी पूरी दुकान का सामान सड़क के किनारे लगाकर रख दिया जाता है इसके बाद ग्राहक अपनी बाइक सड़क की पटरी पर खड़ी कर सामान खरीदने लगते हैं तो पुरी सड़क पर जाम लग जाता है आने जाने वाला व्यक्ति हॉर्न पर हॉर्न बजाता रहता है कोई सुनने वाला नहीं होता ऊपर से दुकान दार लड़ाई करने को तैयार हो जाते है। सबसे अधिक जाम की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब सुबह स्कूल और ऑफिस का समय होता है वही दोपहर तीन बजे के बाद जब स्कूल बंद होता है तो रोड पर जाम लग जाता है। जब की सुप्रीम कोर्ट का आदेश है की सड़क पर किसी भी तरह से अतिक्रमण हुआ तो उसके लिए पुलिस और नगर पालिका के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। जब की यहां के दोनों जिम्मेदार लोग सब कुछ देख कर भी मौन बने हुए है।
क्या कहते है जिम्मेदार : चौकी प्रभारी अहरौरा नगर आशीष सिंह ने कहा की मकर संक्रांति के त्योहार की वजह से अभियान नहीं चल रहा था अगर दो चार दिन में लोगों ने अपना सामान नहीं समेटा तो अभियान चला कर कार्रवाई की जाएगी।

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