मुख्मयमंत्री ने प्रदेशवासियों को माघी पूर्णिमा की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं

मुख्यमंत्री ने संत शिरोमणि सद्गुरु रविदास जी महाराज की 649वीं  जयन्ती के अवसर पर सद्गुरु रविदास जी की प्रतिमा का अनावरण व सभागार का लोकार्पण किया

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समाज सद्गुरु रविदास जी महाराज की दिव्य आभा से आलोकित होकर ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा : मुख्यमंत्री

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संत शिरोमणि सद्गुरु रविदास जी का प्रकटीकरण काशी के सीर गोवर्धन में माघी पूर्णिमा के दिन हुआ था। उनकी दिव्य आभा से आलोकित होकर समाज ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सद्गुरु रविदास जी महाराज ने प्रत्येक नागरिक को वैष्णव परम्परा के अनुरूप जिस उपासना के लिए प्रेरित किया, वह जीवन में कर्म की प्रधानता व मन की शुद्धता को महत्व देता है तथा प्रत्येक नागरिक को लोक कल्याण के प्रति आग्रही बनाता है।
मुख्यमंत्री ने आज यहां संत शिरोमणि सद्गुरु रविदास जी महाराज की 649वीं जयन्ती के अवसर पर सद्गुरु रविदास जी की प्रतिमा का अनावरण व सभागार का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने सद्गुरु रविदास जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रविदास जी का स्पष्ट मानना था कि ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’। अर्थात यदि आपका मन साफ है, तो सभी कुछ आपके कर्म पर निर्भर करता है। यदि आप अच्छा कर्म करेंगे, तो अच्छा फल पाएंगे तथा बुरा कर्म करेंगे, तो पाप से आपको कोई नहीं बचा सकता। जब सद्गुरु रविदास जी महाराज का इस धरा धाम पर प्रकटीकरण हुआ, वह गुलामी का कालखण्ड था। देश विदेशी आक्रान्ताओं से आतंकित व त्रस्त था। उस समय भी उन्होंने साधना की पवित्रता और साधना को कर्म की साधना के रूप में बदलने का कार्य किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रामानंद जी से दीक्षा प्राप्त करने के उपरान्त सद्गुरु रविदास जी महाराज ने अपने कर्म की साधना के माध्यम से लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। जगदगुरु रामानंदाचार्य ने मध्यकाल में 12 शिष्य बनाए, जो 12 अलग-अलग जातियों से थे। उन्होंने एक महिला को भी अपना शिष्य बनाया था। उस कालखण्ड में भी समाज को जोड़ने का जितना बड़ा कार्य हमारे इन संतों ने किया, वह अद्भुत था। उसी नींव पर वर्तमान भारत का निर्माण हुआ है। वही प्रेरणा गुलामी के बंधन को तोड़ने में हम सभी की प्रेरणा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने महापुरुषों व संतों के प्रति श्रद्धा और आदर का भाव रखना चाहिए। गुलामी के कालखण्ड का स्मरण कर विभाजनकारी ताकतों को फिर से सिर उठाने का अवसर नहीं देना चाहिये। हम सभी को एकजुट होकर समाज की संरचना को मजबूत करते हुए आगे बढ़ना है। हमारी एकता इन पूज्य संतों की दिव्य साधना और उससे प्राप्त सिद्धि का प्रतिफल इस देश को प्रदान करेगी। देश की एकता व सम्प्रभुता के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। यही सद्गुरु रविदास जी महाराज की प्रेरणा थी। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर विधायक अमरेश कुमार, विधान परिषद सदस्य लाल जी प्रसाद निर्मल, भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष आनन्द द्विवेदी, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सरदार परविंदर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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