मुख्यमंत्री ने विकसित भारत- जी राम जी कानून-2025 के सम्बन्ध में आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित किया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्र में स्थायी इन्फ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन के लिए ‘विकसित भारत-गारण्टी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ अधिनियम-2025 पारित किया गया है। प्रदेश सरकार इस कानून को पूर्ण संवेदनशीलता, पारदर्शिता तथा प्रभावशीलता के साथ राज्य में लागू कर रोजगार की नयी गारण्टी प्रदान करेगी। राज्य सरकार का संकल्प प्रत्येक पात्र को समय पर काम, प्रत्येक गांव में टिकाऊ परिसम्पत्तियों का निर्माण तथा प्रत्येक श्रमिक को सम्मान, सुरक्षा व खुशहाली प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री आज यहां विकसित भारत-जी राम जी कानून-2025 के सम्बन्ध में आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री के प्रति आभार प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह अधिनियम भारत के ग्रामीण विकास की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगा। देश के श्रमिकों, किसानों तथा गांवों के विकास के हित में उठाये गये इस कदम का स्वागत व समर्थन किया जाना चाहिए। इस अधिनियम के माध्यम से ग्रामीण भारत प्रधानमंत्री के विकसित भारत@2047 के विजन के अनुरूप राष्ट्र निर्माण में और अधिक सक्रिय भूमिका का निर्वहन कर सकेगा। उत्तर प्रदेश को विकसित भारत-जी राम जी से अत्यधिक लाभ प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्थायी और अधूरी सम्पत्तियों का दीर्घकालीन लाभ नहीं होता है। वी बी-जी राम जी अधिनियम-2025 रोजगार गारण्टी प्रदान करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसम्पत्तियों के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा। यह कार्य विकसित भारत की आधारशिला मजबूत करेगा। विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब राज्य विकसित होंगे। राज्य तब विकसित होंगे, जब हमारी आधारभूत इकाई गांव विकसित होंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी, किसान आत्मनिर्भर होगा व श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा व सम्मान मिलेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस अधिनियम में रोजगार गारण्टी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन की गयी है। मानदेय का साप्ताहिक भुगतान होगा। भुगतान में देरी पर मुआवजे की भी व्यवस्था की गयी है। समय पर काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता अब कानूनी अधिकार बन चुका है। खेती के मौसम में किसानों को मजदूरों की कमी न हो, इसके लिए राज्यों को बुआई व कटाई के समय 60 दिन तक कार्य विराम का अधिकार प्रदान किया गया है। उस समय वी बी-जी राम जी के कार्य स्थगित रहेंगे। इसके माध्यम से किसान और मजदूर दोनों के हित सुरक्षित रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतें इस अधिनियम के अन्तर्गत किये जाने वाले कार्यां की चार श्रेणियां निर्धारित कर सकेंगी। अधिनियम के तहत जल संरक्षण की स्थायी व्यवस्था के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, चेकडैम और उससे जुड़ी अन्य सुविधाओं को गांवों में विकसित किया जा सकता है। ग्रामीण बुनियादी इन्फ्रास्ट्रक्चर के अन्तर्गत सड़क, नाली आदि का विकास किया जा सकता है। गांवों में खेल का मैदान, ओपन जिम, बाजार, दुकानों जैसे आजीविका सम्बन्धी इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जा सकता है। प्रतिकूल मौसम की घटनाओं से निपटने तथा आपदा प्रबन्धन की तैयारी हेतु कार्य किये जा सकते हैं। परिणामस्वरूप, बाढ़ प्रबन्धन के लिए किये जाने वाले छोटे-छोटे कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों की शासन पर निर्भरता कम हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन राज्यों में श्रमिक वर्ग अधिक है, उन राज्यों को इस अधिनियम के अन्तर्गत ज्यादा कार्य मिलेगा। श्रमिकों का अधिकार बढ़ेगा और भुगतान सुरक्षित होगा। किसान को समय पर श्रम उपलब्ध होगा। अब रोजगार केवल राहत का माध्यम नहीं है, अपितु विकास और आत्मनिर्भरता का भी आधार बनेगा।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल, मत्स्य मंत्री संजय निषाद, पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार, विधायक राजपाल सिंह बालियान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

NTPC

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