नौगढ़ में मुख्यमंत्री आवास में सुस्ती पर BDO विकास सिंह आए एक्शन में…..

एडीओ पंचायत को दी नसीहत, बहानेबाजी नहीं,गांव में निकलिए

NTPC

जानिए क्यों रोकने जा रहे हैं पंचायत सचिवों का वेतन, फैमिली आईडी की धीमी गति पर हो गए नाराज 

मैदान में उतरे एडीओ, अब रिपोर्ट नहीं रिजल्ट चलेगा

 नौगढ़ । चंदौली जिले के विकास खंड नौगढ़ में मुख्यमंत्री आवास निर्माण में सामने आ रही लापरवाही के सब्र की सीमा पार कर चुकी है। दिसंबर महीने में ही पहली किस्त के रूप में ₹40 हजार रुपये लाभार्थियों के खातों में भेजे जाने के बाद भी कई गांवों में निर्माण कार्य शुरू न होने से सवाल उठ रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए खंड विकास अधिकारी विकास सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा कि CM आवास कागजों में नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए, अन्यथा कार्रवाई तय है।

BDO ने खुद संभाली कमान, निकले गांव में 

मुख्यमंत्री आवास योजना की धीमी रफ्तार को लेकर खंड विकास अधिकारी विकास सिंह ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने ADO और पंचायत सचिवों को स्पष्ट रूप से कहा कि अब किसी भी स्तर पर ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। BDO का कहना है कि यह योजना गरीबों के जीवन से सीधे जुड़ी है और इसमें लापरवाही सामाजिक अपराध के समान है। उनके सख्त तेवर के बाद सचिवों में हलचल और जिम्मेदारी दोनों बढ़ गई हैं।

भौतिक सत्यापन पर विशेष जोर, कागजी खेल खत्म

खंड विकास अधिकारी ने सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) उपेंद्र साहनी को हिदायत देते हुए कहा कि वे CM आवास निर्माण कार्यों का स्वयं मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करें। उन्होंने कहा कि केवल फोटो भेजकर या फोन पर जानकारी देकर काम नहीं चलेगा। पंचायत सचिवों को हर हाल में गांव पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखनी होगी। 

मोबाइल पर नौकरी’ करने वाले कर्मचारियों को चेतावनी 

खंड विकास अधिकारी विकास सिंह ने सख्त लहजे में कहा कि जो पंचायत सचिव सिर्फ मोबाइल के सहारे अपनी जिम्मेदारी निभाने का दिखावा कर रहे हैं, उन्हें अब कोई मौका नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार वेतन काम के लिए देती है, बहाने के लिए नहीं। ऐसे सचिवों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो वेतन रोकने जैसी कार्रवाई भी की जाएगी।

जिओ-टैगिंग और दूसरी किस्त पर कड़ी निगरानी 

खंड विकास अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लेंटर का कार्य पूरा होने के बाद ही जिओ -टैगिंग कर दूसरी किस्त खाते में दिए जाने का प्रावधान है। बिना निर्माण कार्य कराए  भुगतान किसी भी हाल में नहीं होगा। उन्होंने चेताया कि गलत रिपोर्ट या अधूरी जानकारी देने वालों को सीधे जिम्मेदार ठहराया जाएगा। मुख्यमंत्री आवास योजना की प्रगति रिपोर्ट जिलाधिकारी चंद्र मोहन स्वयं ले रहे हैं। ऐसे में किसी भी पंचायत या एडिओ के पास बचने का रास्ता नहीं रहेगा। ऊपर तक निगरानी होने से हर स्तर पर जवाबदेही तय हो गई है। छोटी से छोटी लापरवाही भी अब बड़ी कार्रवाई में बदल सकती है।

फैमिली आईडी की धीमी चाल पर भी नाराजगी 

 खंड विकास अधिकारी ने फैमिली आईडी बनाने की सुस्त रफ्तार पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि फैमिली आईडी न बनने से कई गरीब परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। यह लापरवाही सीधे पात्र लाभार्थियों के अधिकारों पर असर डालती है। इस काम में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में ‌फैमिली आईडी जैसे कामों में अब केवल रिपोर्ट नहीं, परिणाम ही अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान तय करेंगे।

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