बनारस क्वीयर प्राइड द्वारा ट्रांसजेंडर स्मरण दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

 वाराणसी । ट्रांसजेंडर स्मरण दिवस के अवसर पर बनारस क्वीयर प्राइड द्वारा एक विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सम्मानपूर्वक स्मरण करना था, जिन्होंने समाज में व्याप्त भेदभाव, हिंसा और अस्वीकार्यता के कारण अपने जीवन खो दिए। कार्यक्रम का संचालन अनन्या मिथि द्वारा किया गया। सभा की शुरुआत उन ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की स्मृति में मोमबत्ती जलाकर की गई जो अपने पहचान के साथ जीने की कीमत चुकाकर इस दुनिया से चल बसे। इसके बाद सभी प्रतिभागियों ने एक *शपथ-पत्र* पर हस्ताक्षर किए, जिसमें समाज में हिंसा, भेदभाव और आत्महत्या की प्रवृत्ति के विरुद्ध सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

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चर्चा सत्र के दौरान नितिन ने कहा कि “जागरूकता की जरूरत है, चाहें वह अधिकारियों में हों, स्कूल और कालेजों में हो, समाज में हो और सबसे ज्यादा जरूरी अपने घरों में, क्योंकि घर में समर्थन मिलेगा तभी हम आगे बढ़ पाएंगे।” साहिल ने अपने वक्तव्य में कहा कि “कुछ सालों पहले तक ट्रांसजेंडर व्यक्ति बनारस में दिखते थे, परंतु जागरूकता न होने के कारण काम नहीं हो पा रहे थे! धीरे धीरे समझ बढ़ी तो ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ काम करना शुरू किए। आगे और भी मजबूती के साथ काम करेंगे ताकि एक समावेशी दुनिया का निर्माण कर पाए।” इसी क्रम में सारनाथ थाने की महिला पुलिस अधिकारी उमा ने “मुझे खुशी है की आज हम यहां मौजूद हैं। हम आज यह शपथ लेते हैं कि आज के बाद हम जहां भी मिशन शक्ति की बात करने जाएंगे, वहां ट्रांसजेंडर समुदाय की बात जरूर रखेंगे।”- कहकर समुदाय को हौसला दिया। साथ ही भारत सिंह छात्र मोर्चा से कात्यायनी ने कहा कि “इस आंदोलन की शुरुआत न्यूयॉर्क शहर से हुई थी, लेकिन इस आंदोलन की जरूरत आज भी है।” 

चंद्रमल्लिका ने आनलाइन माध्यम से जुड़कर ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के साथ होने वाली रैगिंग और साइबर हिंसा के उपर बात रखें। उन्होंने कहा “ट्रांसजेंडर व्यक्तियों का कालेज पहुंचना ही बहुत बड़ी बात है। उसके बाद भी रैगिंग का सामना करना पड़ता है और धीरे धीरे यहीं डिप्रेशन का कारण बनता है जो बाद में खुदकुशी का कारण बनता है।” श्रद्धांजलि सत्र के बाद मशहूर ट्रांसजेंडर लेखिका ग़ज़ल द्वारा निर्देशित ट्रांसजेंडर समुदाय के जीवन और संघर्ष पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई। इसे उपस्थित दर्शकों द्वारा गंभीरता से देखा गया। इसके उपरांत एक खुला विचार-सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने बिना झिझक अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। कार्यक्रम के समापन पर आर्या ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। इस आयोजन में बनारस क्वीयर प्राइड के साथ प्रिज्मैटिक फाउंडेशन, एशियन ब्रिज इंडिया, ड्रीम अलाइव, भगतसिंह छात्र मोर्चा तथा सारनाथ थाना का विशेष सहयोग रहा। इसके अतिरिक्त रुमान, बन्नी, कृष्णा, नीति, श्रेया, अनामिका, तुषार, उदय, हेतवी, जाह्नवी, मोली, दीक्षा और शिवांगी जैसे स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस सभा के अन्त में बताया गया कि आगे चित्रकारी, एड्स डे, घाट वॉक, सफर रंगों का और 7 दिसम्बर को बनारस क्वीयर गौरव यात्रा निकाली जाएगी। 

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