चंदौली/ जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने बताया कि भारत सरकार ने कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने उन्नत ए.आई. प्रौद्योगिकी के माध्यम से एकीकृत कीट प्रबंधन को वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रदान करने हेतु ए.आई.-आधारित राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (एनपीएसएस) लॉन्च की है। यह प्रणाली कीटों और रोगों की पहचान तथा उनके प्रबंधन में सहायक होगी।

यह ऐप किसानों, वैज्ञानिकों और प्रसार कार्यकर्ताओं के लिए तैयार किया गया है। उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने भी इस ऐप के प्रयोग की अनुशंसा की है। जनपद के सभी किसानों से अपील की गई है कि वे इस ए.आई.-आधारित राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (एनपीएसएस) का अधिक से अधिक उपयोग करें। राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (एनपीएसएस) एक ए.आई.-आधारित मंच है। यह किसानों को कीट नियंत्रण और प्रबंधन के लिए कृषि वैज्ञानिकों तथा विशेषज्ञों से जोड़कर सहायता प्रदान करता है। यह ऐप प्रौद्योगिकी का उपयोग कर कीट प्रबंधन की सटीकता और प्रभावशीलता को बढ़ाता है।

किसान इस एनपीएसएस प्लेटफॉर्म का उपयोग करके कीटों या रोगों से प्रभावित फसलों की तस्वीरें ले सकते हैं। इन तस्वीरों को सीधे ऐप पर या फोन की गैलरी से अपलोड किया जा सकता है। ऐप ए.आई. उपकरणों का उपयोग करके इन तस्वीरों का विश्लेषण करता है और संभावित कीट नियंत्रण के लिए उपयोगी जानकारी तथा सुझाव प्रदान करता है। यह ऐप किसानों को कई तरह से लाभ पहुंचाता है। यह सही और सटीक निदान प्रदान करता है, जिससे कुशल कीट प्रबंधन की जानकारी मिलती है। इसके उपयोग से किसानों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होता है और कीटनाशकों पर निर्भरता कम होती है। साथ ही, यह किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच सीधा संवाद भी सुगम बनाता है। कृषि के क्षेत्र में इस प्रणाली की असीम संभावनाएं हैं। यह किसानों के बीच अत्याधुनिक कीट प्रबंधन तकनीकों का प्रसार करेगी। इसके अतिरिक्त, यह पैदावार बढ़ाने और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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