*योजना के पूर्ण होने पर छह वार्ड दीनापुर, सलारपुर, लेकुपुर, सारनाथ एवं रमदतपुर के 20176 घरों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति मिल सकेगी*
*कार्य की प्रगति को बढ़ाते हुए समस्त कार्य निर्धारित समयावधि में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित करें: जिलाधिकारी*
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने नगर निगम वाराणसी के विस्तारीकरण क्षेत्र में ट्रांस वरुणा दीनापुर जोन (फेज-1, पार्ट-ए) पेयजल योजना का स्थलीय निरीक्षण किया गया। स्थलीय निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियन्ता, निर्माण खण्ड (प्रथम), उ०प्र० जल निगम (नगरीय), वाराणसी द्वारा अवगत कराया गया कि निर्माणाधीन पेयजल परियोजना रु० 171.54 करोड़ की स्वीकृति अमृत 2.0 कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रदान की गयी है, जिसकी वर्तमान तक भौतिक प्रगति 10 प्रतिशत है, जिसे माह सितम्बर 2026 तक पूर्ण कराया जाना प्रस्तावित है। इस योजना के अन्तर्गत 10 नग प्रस्तावित शिरोपरि जलाशय के सापेक्ष 6 नग शिरोपरि जलाशय का कार्य प्रगति पर है। 21 नग प्रस्तावित नलकूप के सापेक्ष 14 नग नलकूप का कार्य पूर्ण हो चुका है। 414 कि०मी० प्रस्तावित वितरण प्रणाली के सापेक्ष 19 कि०मी० वितरण प्रणाली बिछायी जा चुकि है एवं वर्तमान में कार्य प्रगति पर है। योजना के कार्य पूर्ण होने के उपरान्त वाराणसी नगर निगम के 06 वार्ड दीनापुर, सलारपुर, लेकुपुर, सारनाथ एवं रमदतपुर के प्रस्तावित 20176 घरों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति की जायेगी। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि वितरण प्रणाली बिछाने की प्रगति को बढ़ाते हुए एवं शेष 4 स्थानों पर शिरोपरि जलाशय के कार्य प्रारम्भ करके समय सीमा के अन्तर्गत पूर्ण किया जाना सुनिश्चित किया जाये।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने नगर निगम वाराणसी के विस्तारीकरण क्षेत्र सूजाबाद अन्तर्गत सीवर हाउस कनेक्शन एवं तत्सबंधित कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया गया। स्थलीय निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियन्ता, निर्माण खण्ड (प्रथम), उ०प्र० जल निगम (नगरीय), वाराणसी द्वारा अवगत कराया गया कि निर्माणाधीन सीवर हाउस कनेक्शन एवं तत्राबधित कार्य रु० 96.17 करोड की स्वीकृति अमृत 2.0 कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रदान की गयी है, जिसकी वर्तमान तक भौतिक प्रगति 38 प्रतिशत है, जिसे माह मई 2026 तक पूर्ण कराया जाना प्रस्तावित है। जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया कि कार्य की प्रगति को बढ़ाते हुए समस्त कार्य समय सीमा के अन्तर्गत पूर्ण किया जाना सुनिश्चित किया जाये। निरीक्षण के दौरान नगर निगम तथा परियोजनाओं से संबंधित अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।
