बर्ड फ्लू की सूचना पर प्रशासन सतर्क, कंट्रोल रूम स्थापित

*कंट्रोलरूम मो.नं. 9305133706, 6387589262 तथा 9936848068 पर सूचनाओं दी जा सकती है*

*पशुपालन विभाग द्वारा सावधानियां बरती जा रही है, फिलहाल किसी पोल्ट्री फार्मर को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं-मुख्य पशु चिकित्साधिकारी*

वाराणसी। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा० आर०एस० राजपूत ने बताया कि रामपुर के एक पोल्ट्री फार्म में एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) की पुष्टि हुई थी। अब उक्त फार्म के सभी पक्षियों को नियमानुसार नष्ट कर दिया गया है तथा अभी किसी अन्य फार्म पर इस बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है।

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुए बैठक में एहतियात बरते जाने हेतु दिए गए निर्देश के क्रम में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने जनपद के सभी पोल्ट्री फॉर्मर्स से कहा है कि इस स्थिति पर पशुपालन विभाग द्वारा सभी प्रकार की सावधानी बरती जा रही है और अभी किसी भी प्रकार से किसी पोल्ट्री फार्मर को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। जनपद के पशुपालन विभाग के समस्त कार्मिक सभी पोल्ट्री फार्म का सघन दौरा कर पोल्ट्री के स्वैब और सीरम नमूने एकत्र कर रहे हैं, जिनको परीक्षण के लिए प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है। यह परीक्षण सतत् और सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने पोल्ट्री फॉर्मर्स संचालकों से कहा हैं कि उनके पोल्ट्री फार्म्स पर यदि कुछ ऐसे लक्षण दिखाई दे, जैसे कि मुर्गियों की अचानक और बड़ी संख्या में मृत्यु हो सकती है। मुर्गियां सुस्त और कम सक्रिय हो सकती हैं। उनकी चोंच और पैर नीले पड़ सकते हैं। श्वसन समस्याएं, मुर्गियों में श्वसन समस्याएं जैसे कि खांसी, छींक और सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। अंडे देने की दर में कमी, बर्ड फ्लू से प्रभावित लेयर मुर्गियों में अंडे देने की दर कम हो सकती है। मुर्गियों के शरीर पर घाव या सूजन आ सकती है, और उनकी आंखों और नाक से तरल पदार्थ निकल सकता है आदि लक्षण दिखाई दिए जाने पोल्ट्री फॉर्म की स्वच्छता पर ध्यान

दें, कीटाणु नाशक दवाओं का छिड़काव करें, फार्म पर बाहरी लोगों का प्रवेश कम करें, फार्म के प्रवेश द्वार पर चूना रखवा दें, जिससे प्रवेश करने वाले व्यक्ति के जूते चप्पल आदि में चूना अच्छी तरह लग जाए, फार्म पर लाए गए गए चीजों को अन्य पोल्ट्री पक्षियों से कम

से कम दो सप्ताह तक अलग रखें, वन्य पक्षियों को फार्म पर ना आने दें, पक्षियों के पीने और खाने के बर्तनों को स्वच्छ रखें और पीने का पानी त जा रखें, स्वयं के लिए मास्क, दस्ताने आदि का प्रयोग करें, हैंड सेनीटाइजर, वोश आदि का निरंतर प्रयोग करते रहें, पोल्ट्री और उनके संबंधित किसी भी सामान को छूने के बाद अपने नाव, मुंह, कान आदि को बगैर साबुन से अच्छी तरह धोएं न छूएं। पक्षियों में असामान्य मृत्यु एवं असामान्य लक्षणों को देखते ही पशुपालन विभाग के कंट्रोल रूम या किसी पशुपालन विभाग के कर्मी को तुरंत सूचना ‘दें और किसी भी पक्षी की असामान्य मृत्यु की स्थिति में पक्षी को न छूएं। उन्होंने बताया कि इसके लिए डा०योगेश उपाध्याय, नोडल अधिकारी/अधीक्षक पशु चिकित्सा पॉलीक्लीनिक जिनका मो०नं० 9305133706, बबिता पाण्डेय, प्रभारी कुक्कुट प्रक्षेत्र प्रबन्धक/पशुधन प्रसार अधिकारी, राजकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र जिनका मो0नं0-6387589262 तथा सोहराब अली, पशुधन प्रसार अधिकारी, राजकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र जिनका मो० नं० -9936848068 हैं से संपर्क कर आवश्यक जानकारी ली जा सकती है और सूचनाये भी दी जा सकते हैं।

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