संस्कार निर्माण में शिक्षा की भूमिका महत्वपूर्ण – डाॅ रीता श्रीवास्तव

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प्रयागराज। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सर्वोदय नगर, भरद्वाज पुरम् में “भारतीय सांस्कृतिक परिषद” द्वारा “संस्कार निर्माण में शिक्षा की महती भूमिका” विषय पर निबन्ध प्रतियोगिता आयोजित हुई। जिसमें कक्षा एकादश एवं द्वादश के भैया-बहन ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता की प्रेक्षक डाॅ रीता श्रीवास्तवा अ प्रा प्रवक्ता हिन्दी एवं संस्कृत ( सन्त अन्थोनी गर्ल्स इण्टर कालेज) ने भैया-बहन को अपना शुभाशीष प्रदान करते हुये कहा, माता, पिता और गुरु का सम्मान शिक्षा को और गुणवान बनाता है एवं उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करता है।

मानस की पंक्ति “प्रातकाल उठि कर रघुनाथा,मातु पिता गुरु नावहि माथा। का उद्धरण देते हुये कहा कि जो यह संस्कार का पालन करता है निश्चित ही वह अपने उदीयमान भविष्य की ओर अग्रसर होता है। आज के पाश्चात्य परिवेश में विद्या भारती के विद्यालयों में संस्कार परक शिक्षा की अग्रणी भूमिका का यशोगान किया। भारतीय सांस्कृतिक परिषद के महानगर अध्यक्ष सतीश कुमार गुप्त ने प्रतियोगिता के विषय को समझाया और निबन्ध प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता, व्याख्यान प्रतियोगिता से आगे प्रतियोगी परीक्षाओं में इससे प्राप्त ज्ञान से होने वाले लाभ पर प्रकाश डाला। प्रतिभाग करने वाले भैया-बहन को शुभकामनायें दी। विद्यालय के यशस्वी प्रधानाचार्य सुरेश चन्द्र तिवारी ने समय-समय पर भैया-बहन के सर्वांगीण विकास हेतु ऐसी प्रतियोगिताओं से होने वाले बौद्धिक विकास पर प्रकाश डाला। प्रबन्ध आचार्य विजय अभिनन्दन मिश्र ने अभ्यागत अतिथियों का अभिनन्दन एवं परिचय कराया।

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