कोई भी विक्रेता उर्वरकों की ओवररेटिंग व अनाधिकृत टैगिंग नहीं करेगा -जिलाधिकारी
भदोही /जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था से संबंधित बैठक आयोजित की गयी। बैठक में बालगोविंद शुक्ल, मुख्य विकास अधिकारी, डा० अश्वनी कुमार सिंह उप कृषि निदेशक, कु० इरम जिला कृषि अधिकारी, राम प्रकाश सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता उपस्थित रहे।
बैठक में उप कृषि निदेशक द्वारा बताया गया कि जनपद की समस्त सहकारी समितियों एवं निजी उर्वरक विकेत्ताओं के प्रतिष्ठानों पर यूरिया एवं डी०ए०पी० की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है। उन्होंने कि जनपद में धान 54322 हे0 के सापेक्ष 29618 हे0, मक्का 109 हे0 के सापेक्ष 110 हे0, ज्वार 3209 हे० के सापेक्ष 3205 हे०, बाजरा 7927 हे0 के सापेक्ष 720 हे0, उर्द 1107 हे0 के सापेक्ष 1120 हे०, मूंग 99 हे0 के सापेक्ष 110 हे०, अरहर 4189 के सापेक्ष 3890 हे०, मोटा अनाज 425 हे0 के सापेक्ष 240 हे0 एवं तिल 1534 हे0 के सापेक्ष 1512 हे0 का आच्छादन हो गया है। उप कृषि निदेशक द्वारा बताया गया कि जनपद में कुल 55.57 प्रतिशत फसल की बुवाई/रोपाई करायी जा चुकी है। उनके द्वारा कृषकों से अपील किया गया कि कृषक उर्वरक खरीदते समय निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरक की खरीदारी करें। यदि कोई समस्या होने पर कंट्रोल नं0 9450558789 या 9794691952 पर तत्काल सूचित करें। जिससे उर्वरक बिक्रेता के विरूद्ध कार्यवाही किया जा सके।
ए०आर० कॉपरेटिव द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में उर्वरक की कोई कमी नहीं होगी। कृषक अपनी आवश्यकतानुसार उर्वरक की बिकी करें। कु० इरम जिला कृषि अधिकारी द्वारा बताया गया कि जनपद में यूरिया 7330 मै०टन, डी०ए०पी० 1059 मै०टन, एम०ओ०पी० 102 मै०टन, एन0पी0के0 1250 मै०टन उर्वरक जनपद में उपलब्ध है। जिसे सहकारिता एवं निजी विक्रेता के प्रतिष्ठान से निर्धारित दर पर बिकी कराया जा रहा है। जिला कृषि अधिकारी द्वारा उर्वरक विकेताओं को निर्देश कि जिलाधिकारी द्वारा संबंधित समस्त अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया गया कि कोई भी विकेता उर्वरकों की ओवररेटिंग (अधिक मूल्य वसूली) नहीं करेगा तथा उर्वरकों के साथ किसी भी प्रकार की अनाधिकृत टैगिंग (अन्य सामग्री या उत्पाद को जबरन साथ बेचना) नहीं की जाएगी। यदि कोई विकेता इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरूद्ध फर्टिलाइजर कंट्रोल आदेश 1985 के अंतर्गत विधिसम्मत कठोर कार्यवाही की जायेगी। जिसके लिए उर्वरक बिकेता जिम्मेदार होगा। जिलाधिकारी द्वारा ए०आर०कापरेटिव को निर्देशित किया गया कि समय से साधन सहकारी समितियों को खुलवाना एवं निर्धारित दर पर उर्वरक बिकी कराना सुनिश्चित करें, साथ ही जिलाधिकारी द्वारा यह भी निर्देशित किया गया कि साधन सहकारी समितियों पर उर्वरक की मात्रा समाप्त होने से पूर्व उपलब्धता सुनिश्चित करें, जिससे कृषकों को उर्वरक से संबंधित किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

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