उत्तर मध्य रेलवे क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक का आयोजन

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह की अध्यक्षता में 20 मार्च को उत्तर मध्य रेलवे क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए नरेश पाल सिंह ने कहा कि आज के डिजिटल और एआई संवर्धित प्रणालियों के युग में भी हाथ से लिखे हुए शब्द हमें अपने अंदर की रचनात्मक शक्ति, सकारात्मकता और संवेदनशीलता को ढूढ़ने और सँजोए रखने की प्रेरणा देते हैं, इसलिए समय के साथ चलते हुए हमें उस जीवंत परंपरा को भी संरक्षित रखना चाहिए, क्योंकि वे अक्षर एवं शब्द हमारे व्यक्तित्व की असली छाप होते हैं।

श्री सिंह ने कहा कि हमें पूरी कर्तव्य भावना के साथ राजभाषा हिंदी का प्रयोग-प्रसार करना चाहिए और राजभाषा कार्यान्वयन से संबंधित विभिन्न प्रावधानों को लागू करने के लिए गृह मंत्रालय एवं रेलवे बोर्ड स्तर से प्राप्त सभी आदेशों, निर्देशों, कार्यक्रमों आदि पर पूरी तत्परता से कार्रवाई की जानी चाहिए। महाप्रबंधक ने कहा कि स्टेशनों पर यात्री एवं ग्राहक सेवा और सुविधाओं से संबंधित सूचनाओं तथा अन्य सभी मदों में हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का अनिवार्य रूप से प्रयोग किया जाए। इन्हें हिंदी- अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रदर्शित किया जाए और निरंतर निरीक्षण कर, पाई गई कमियों को दूर कराया जाए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण रिपोर्ट हिंदी में बनाए जा रहे हैं। इन्हें सभी स्तर पर हिंदी में बनाया जाना सुनिश्चित किया जाए। महाप्रबंधक श्री सिंह ने सभी विभागाध्यक्षों और अधिकारियों को सभी प्रकार के पत्राचार, टिप्पणियों, डिक्टेशन विभागीय कार्यवाहियों आदि की मदों में हिंदी अथवा हिंदी-अंग्रेजी द्विभाषी के प्रयोग में हासिल प्रगति को बनाए रखने और अपेक्षित लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए।

श्री सिंह ने निर्देश दिए कि संरक्षा, परिचालन, यांत्रिक, सिगनल तथा बिजली विभाग सहित सभी विभागों द्वारा रेल संचालन से संबंधित सभी परिपत्रों, निर्देशों, नियमावली, गेट संचालन अनुदेश ,मैनुअलों आदि को अनिवार्य रूप से एक साथ हिंदी- अंग्रेजी द्विभाषी रूप में जारी किया जाए तथा इस पर निरंतर निगरानी रखी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि उत्तर मध्य रेलवे के प्रशिक्षण संस्थानों के समस्त पाठ्यक्रमों की विषय सामग्री हिंदी- अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होनी चाहिए एवं उनकी भाषा सहज एवं सुगम होनी चाहिए। कार्यक्रम के प्रारंभ में महाप्रबंधक ने मुख्यालय की त्रैमासिक राजभाषा पत्रिका ‘रेल संगम’ के सामान्य प्रशासन एवं सतर्कता विभाग विशेषांक का विमोचन किया और राजभाषा में उत्कृष्ट कार्य के लिए रेलवे बोर्ड का व्यक्तिगत नकद पुरस्कार प्राप्त करने वाले एक अधिकारी और तीन कर्मचारियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर रेल स्प्रिंग कारखाना, सिथौली, ग्वालियर के मुख्य कारखाना प्रबंधक शिवाजी कदम द्वारा कारखाना के संगठन, रेल स्प्रिंग की संरचना और उनके उत्पादन, परिसम्पत्तियों, उनकी कार्यप्रणाली एवं प्रचालन, ऊर्जा एवं पर्यावरण प्रबंधन आदि के विषय में हिंदी में अत्यंत प्रभावी एवं उपयोगी प्रेजँटेशन किया गया, जिसकी महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह और उपस्थित सदस्य अधिकारियों ने काफी सराहना की।

बैठक में मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी जे सी एस बोरा ने समिति के अध्यक्ष महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह और सभी सदस्यों का स्वागत किया और राजभाषा के प्रयोग-प्रसार के लिए किए गए कार्यों और हासिल की गई उपलब्धियों से अवगत कराया। श्री बोरा ने बताया कि केंद्रीय सचिवालय हिंदी परिषद द्वारा हिंदी भाषी कर्मचारियों के लिए अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित हिंदी टिप्पणी एवं प्रारूप लेखन और हिंदी निबंध प्रतियोगिता में उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय के कर्मचारियों ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किए हैं। कार्यक्रम में सभी प्रधान विभागाध्यक्षों मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक, कारखानों के मुख्य कारखाना प्रबंधक तथा अन्या वरिष्ठ अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे। वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय ने कार्यक्रम का संचालन एवं समिति के अध्यक्ष महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह और सभी सदस्य अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।

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