राँची। एनटीपीसी कोल माइंस परियोजना मुख्यालय के जनसंपर्क अधिकारी द्वारा जानकारी दी गई है कि केरेडारी कोल खदान का 10मार्च 2026 से बंद रहना अब गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है, खासकर एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड और पावर सेक्टर के लिए, जो कोयले की स्थिर आपूर्ति पर निर्भर करता है। परियोजना के विकास और संचालन की जिम्मेदारी मिलने के बावजूद बीजीआर माइनिंग एंड इंफ्रा लिमिटेड अब तक खदान को चालू करने में सफल नहीं हो पाया है, जिससे पूरे प्रोजेक्ट पर ठहराव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन भी इस गतिरोध को समाप्त करने में असहाय नजर आ रहा है, जिसके कारण खदान क्षेत्र में गतिविधियां 10 मार्च 2026 से ठप पड़ी हैं। देश में लगातार बढ़ती बिजली की मांग के बीच इतनी महत्वपूर्ण कोल परियोजना का बंद रहना ऊर्जा आपूर्ति के लिए चिंता का विषय बन गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए ठोस और समन्वित प्रयास जरूरी हैं। उद्योग जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि बीजीआर माइनिंग एंड इंफ्रा लिमिटेड को केवल प्रशासनिक फाइलों तक सीमित रहने के बजाय खदान को चालू करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। साथ ही राज्य सरकार को भी अधिक सक्रिय और तत्पर होकर लंबित मुद्दों का समाधान करना होगा। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह स्थिति राज्य व केंद्र सरकार तथा पावर सेक्टर के लिए कोयले की उपलब्धता को और कठिन बना सकती है।

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