विधानसभा बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा के कार्यों की खुलकर सराहना की

समाजवादी सरकार के कार्यकाल में लोग बिजली के तारों पर सुखाते थे कपड़े, आज 24 घंटे रोशन है उत्तर प्रदेश

NTPC

लखनऊ। विधानसभा बजट सत्र के अंतिम दिन सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में हुए व्यापक बदलावों का उल्लेख करते हुए ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा के कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऊर्जा मंत्री 1988 बैच के अनुभवी आईएएस अधिकारी रहे हैं और अपने प्रशासनिक अनुभव का लाभ प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ लोग उन्हें अनावश्यक रूप से घेरने का प्रयास करते हैं, लेकिन उनके कार्य स्वयं उनकी प्रतिबद्धता और दक्षता का प्रमाण हैं।

*7159 मेगावाट से 18136 मेगावाट तक – ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक छलांग*

मुख्यमंत्री ने सदन को अवगत कराया कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय प्रदेश में कुल ऊर्जा उत्पादन क्षमता मात्र 7159 मेगावाट थी, जबकि आज उत्तर प्रदेश अपने स्वयं के स्रोतों से 18136 मेगावाट पावर जनरेशन क्षमता की ओर अग्रसर है। यह वृद्धि केवल आंकड़ों का विस्तार नहीं, बल्कि प्रदेश की औद्योगिक, कृषि एवं घरेलू जरूरतों की पूर्ति की दिशा में एक ऐतिहासिक परिवर्तन है।उन्होंने स्पष्ट कहा कि आज उत्तर प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा रहा है, जिसका श्रेय ऊर्जा मंत्री के नेतृत्व में किए गए सुनियोजित प्रयासों को जाता है।

*पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से सोलर क्रांति*

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना ने आम नागरिक को ऊर्जा उत्पादक बनने का अवसर दिया है। उत्तर प्रदेश ने इस योजना के अंतर्गत 1.29 गीगावॉट सौर क्षमता अर्जित कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।उन्होंने कहा कि अब हर व्यक्ति ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकता है और सोलर ऊर्जा के माध्यम से न केवल बिजली प्राप्त कर सकता है, बल्कि अतिरिक्त आय का स्रोत भी बना सकता है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि एक समय था जब प्रदेश में बिजली की इतनी कमी थी कि लोग बिजली के तारों पर कपड़े सुखाते थे। आज वही उत्तर प्रदेश 24 घंटे जिला मुख्यालयों पर, 22 घंटे तहसील मुख्यालयों पर और 18 घंटे ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है।उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनकी पीड़ा यह नहीं है कि बिजली नहीं आ रही, बल्कि उनकी पीड़ा यह है कि अब बिजली क्यों आ रही है। क्योंकि अंधेरे में जो कारनामे होते थे, वे अब बंद हो गए हैं। प्रकाश व्यवस्था से पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हुई हैं।

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