विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत जारी नोटिसों पर मतदाताओं की सुनवाई को लेकर सीईओ ने की समीक्षा बैठक

सुनवाई में मतदाताओं की सुविधा का रखा जाएगा पूरा ख्याल, हर सुनवाई स्थल पर अब स्थापित होगी हेल्प डेस्क

NTPC

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अहर्ता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर चल रहे विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत नोटिसों की सुनवाई के संबंध में शनिवार को समस्त रोल प्रेक्षक/मण्डलायुक्त, जिला निर्वाचन अधिकारी, अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिन मतदाताओं के नाम 06 जनवरी 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची में सम्मिलित हैं, किंतु जिनके द्वारा विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2003 की मतदाता सूची से संबंधित विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है, ऐसे लगभग 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी कर नियत तिथि पर सुनवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त, तार्किक विसंगतियों के कारण लगभग 2.22 करोड़ मतदाताओं को भी नोटिस जारी कर सुनवाई की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सुनवाई स्थलों पर मतदाता हेल्प डेस्क की स्थापना सुनिश्चित की जाए, जहाँ विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 प्रक्रिया से भली-भांति परिचित कार्मिक तैनात रहें, जो सुनवाई में आने वाले मतदाताओं की शंकाओं का समाधान करें एवं उनको आवश्यक सहयोग प्रदान करें। हेल्प डेस्क ऐसे स्थल पर स्थापित हो जिससे सुनवाई के लिए आने वाले लोगों की नज़र सहजता से उस पर पड़ जाए। डेस्क पर हेल्प डेस्क लिखा हुआ बैनर भी लगाया जाए। हेल्प डेस्क पर जनपद एवं राज्य स्तरीय कॉन्टैक्ट सेंटर के टोल-फ्री नंबर प्रदर्शित किए जाएं। साथ ही, जनपद स्तर पर स्थापित डिस्ट्रिक्ट कॉल सेंटर की हेल्प लाइन से संबंधित टेलीफ़ोन लाइनों को पूर्ण रूप से क्रियाशील रखा जाए, काल सेंटर पर विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की प्रक्रियाओं से भिज्ञ कर्मचारी लगाए जाएं ताकि हेल्प लाइन नंबर पर दूरभाष के माध्यम से जनता से प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा सके।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया कि जारी नोटिसों की सुनवाई तत्परता से एवं सुचारु रूप से की जाए। सभी अधिकारी सुनवाई के दिन नियत समय से उपस्थित रहें व सुनवाई हेतु उपस्थित होने वाले मतदाताओं के साथ शिष्ट व्यवहार अपनाया जाए तथा उन्हें पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाए। सुनवाई की तिथियाँ इस प्रकार निर्धारित की जाएं कि बीएलओ द्वारा नोटिस प्राप्त होने के उपरांत मतदाताओं को नियत तिथि पर उपस्थित होने हेतु पर्याप्त समय मिल सके। साथ ही, सुनवाई स्थलों पर मतदाताओं के लिए मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता यथा बैठने के लिए कुर्सियाँ, पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था एवं स्वच्छ शौचालय आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। एक ही समय ज़्यादा लोगों को नोटिस जारी न करें, जिससे वहाँ भीड़ न लगे।

तार्किक विसंगतियों से संबंधित नोटिसों के मामलों में मतदाताओं की सुविधा एवं सुनवाई प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु निर्देश दिए गए कि बीएलओ द्वारा नोटिस मतदाता अथवा उसके परिजन को उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्राप्त दस्तावेज, उपस्थिति तथा फोटो को अपने बीएलओ एप पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए। उन्होंने समस्त रोल प्रेक्षकों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सुनवाई हेतु चयनित स्थलों का आकस्मिक निरीक्षण करें तथा सुनवाई प्रक्रिया एवं मतदाताओं के लिए की गई मूलभूत व्यवस्थाओं की समीक्षा करें। जहाँ भी किसी प्रकार की कमी पाई जाए, उसे तत्परता से दूर कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *