
राजकीय इंटर कॉलेज के शिक्षक ने माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षा के लिए छात्रों को दिया टीप्स

दुद्धी, सोनभद्र। 18 फरवरी 2026 से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परिक्षाएँ प्रारंभ हो रही हैं। परीक्षा का यह दौर विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, जहाँ सही मार्गदर्शन और सकारात्मक सोच सफलता की दिशा तय करती है।इसी क्रम में राजकीय इंटर कॉलेज, दुद्धी, सोनभद्र के अनुभवी अंग्रेज़ी शिक्षक राम कीर्ति यादव से विशेष मुलाकात और बातचीत की गई। अपने लंबे शिक्षण अनुभव के आधार पर उन्होंने अंग्रेज़ी विषय में अधिक अंक प्राप्त करने की व्यावहारिक रणनीति, परीक्षा से पहले और परीक्षा के दौरान की तैयारी, तथा अभिभावकों की भूमिका पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उनके अनुसार अंग्रेज़ी भय का नहीं, बल्कि अंकों को मजबूत करने वाला विषय है बस सही दिशा में मेहनत आवश्यक है।
अंग्रेज़ी विषय का महत्व: क्यों है यह स्कोरिंग सब्जेक्ट-अंग्रेज़ी को लेकर छात्रों में अनावश्यक भय बना रहता है, जबकि यह एक अत्यंत स्कोरिंग विषय है।
अंग्रेज़ी में उत्तर अपेक्षाकृत सीधे और स्पष्ट होते हैं। व्याकरण और लेखन में तय पैटर्न होता है। नियमित अभ्यास से अंक आसानी से बढ़ाए जा सकते हैं। अन्य विषयों की तुलना में रटने का दबाव कम होता है। सही प्रस्तुति से औसत छात्र भी अच्छे अंक ला सकता है। परीक्षा से पहले की तैयारी: मजबूत नींव ही सफलता की कुंजी- परीक्षा से पहले की गई सही रणनीति आधी जीत तय कर देती है।
विद्यार्थियों के लिए सुझाव:
पूरे सिलेबस को एक बार ध्यान से पढ़ें। परोज, पॉयरी, ग्रामर और राइटिंग को अलग-अलग समय दें,रोज़ाना कम से कम 30–45 मिनट अंग्रेज़ी पढ़ें। पुराने प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें।
शब्दार्थ की एक अलग कॉपी बनाएं
अभ्यास से संबंधित बिंदु-पत्र, प्रार्थना पत्र, निबंध सप्ताह में कम से कम 2 बार लिखें। ग्रामर के नियम केवल याद न करें, उदाहरण के साथ समझें। अनसीन पैसेज रोज़ हल करने की आदत डालें।
पाठ्य-पुस्तक की भूमिका: किताब ही सबसे बड़ा हथियार
अंग्रेजी शिक्षक राम कीर्ति यादव विशेष रूप से इस बात पर ज़ोर देते हैं कि यूपी बोर्ड की परीक्षा NCERT/निर्धारित पाठ्य-पुस्तक से ही आती है।
महत्वपूर्ण बातें:
गाइड पर निर्भरता कम रखें, पाठ्य-पुस्तक की लाइन-दर-लाइन समझ विकसित करें, Prose और Poetry के प्रश्न अक्सर सीधे पाठ से होते हैं। कविताओं के भावार्थ पर विशेष ध्यान दें, लेखक/कवि का नाम, पाठ का संदेश याद रखें।
. लेखन कौशल (Writing Skills): जहाँ से अंक सीधे बढ़ते हैं-अंग्रेज़ी में Writing Section सबसे अधिक अंक दिलाने वाला भाग माना जाता है।उनके अनुसार Writing में सफलता के सूत्र:
भाषा सरल और स्पष्ट रखें, अनावश्यक कठिन शब्दों का प्रयोग न करें, Paragraphs छोटे और सुस्पष्ट हों, Spelling और Grammar का विशेष ध्यान रखें।
मुख्य लेखन भाग और तैयारी:
Essay: विषय से न भटके, भूमिका-मुख्य भाग-निष्कर्ष स्पष्ट हो, Letter/Application: Format सही हो, Story/Paragraph: Flow बना रहे, Notice/Report: Point to point लिखें।
परीक्षा के दौरान की रणनीति: शांत मन, सही प्रबंधन
राम कीर्ति यादव बताते हैं कि कई छात्र अच्छी तैयारी के बावजूद परीक्षा में गलती कर बैठते हैं।
परीक्षा कक्ष में ध्यान रखने योग्य बातें:
प्रश्न पत्र पूरा ध्यान से पढ़ें, आसान प्रश्न पहले हल करें, समय का सही विभाजन करें, साफ और सुंदर लिखावट रखें, Answer को बुलेट या पैराग्राफ में लिखें।
माता-पिता की भूमिका: दबाव नहीं, सहयोग दें
विशेष रूप से कहते हैं कि परीक्षा के समय माता-पिता का व्यवहार बच्चों के प्रदर्शन को सीधे प्रभावित करता है।
परीक्षा से पहले माता-पिता क्या करें: बच्चों को सकारात्मक माहौल दें, अनावश्यक तुलना से बचें, समय पर भोजन और नींद सुनिश्चित करें. पढ़ाई का एक निश्चित समय तय करने में मदद करें।
परीक्षा के दौरान ध्यान देने योग्य बातें:
परीक्षा केंद्र तक समय से पहुँचने की व्यवस्था करें, बच्चों को आत्मविश्वास दें, डर न दिखाएँ, “अंक ही सब कुछ नहीं” यह भावना दें।
परीक्षा के बाद की स्थिति: परिणाम से पहले और बाद का व्यवहार
अक्सर परीक्षा के बाद तनाव और परिणाम के समय निराशा देखी जाती है।
अभिभावकों के लिए सुझाव: परीक्षा के बाद बच्चों को आराम दें, उत्तरों की बार-बार चर्चा न करें, परिणाम चाहे जैसा हो, बच्चों का मनोबल बनाए रखें, भविष्य की योजना शांत मन से बनाएं।
कमजोर छात्रों के लिए विशेष सलाह
राम कीर्ति यादव मानते हैं कि कमजोर छात्र भी सही दिशा में मेहनत करें तो अच्छे अंक ला सकते हैं।
कमजोर छात्रों के लिए रणनीति: पहले आसान टॉपिक पर पकड़ बनाएं, Writing और Grammar पर अधिक फोकस करें,रोज़ छोटे लक्ष्य बनाएं, शिक्षक से नियमित मार्गदर्शन लें।
निष्कर्ष: आत्मविश्वास, अभ्यास और सकारात्मक सोच
इस विशेष बातचीत का सार यही है कि अंग्रेज़ी कोई कठिन विषय नहीं है, बल्कि सही दिशा में मेहनत की जाए तो यह अंकों का मजबूत सहारा बन सकता है। विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक—तीनों का समन्वय ही सफलता की कुंजी है।
राम कीर्ति यादव के शब्दों में, “परीक्षा ज्ञान की परीक्षा है, डर की नहीं। आत्मविश्वास रखिए, मेहनत करिए, सफलता स्वयं आपके कदम चूमेगी।”

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