प्राचीन पोखरे के सुंदरीकरण में हो रही अनियमितता, लोगों ने किया विरोध 

निर्माण कार्यों की जांच कराकर कार्यदाई संस्था के विरुद्ध कार्रवाई की मांग 

NTPC

अहरौरा, मिर्जापुर । नगर पालिका क्षेत्र में स्थित काशी नरेश द्वारा निर्मित लगभग तीन सौ वर्ष पुराने पोखरे के सुंदरीकरण में बरती जा रही अनियमितता का पोखरा के निवासियों ने रविवार को जमकर विरोध किया। और जिलाधिकारी से कराए गए निर्माण कार्यों की जांच कराकर कार्यदाई संस्था के विरुद्ध कार्रवाई की मांग किया।

बता दें की इस प्राचीन पोखरे का निर्माण काशी नरेश राजा विभूति नारायण सिंह द्वारा लगभग तीन सौ वर्ष पूर्व कराया गया था। पोखरे के चारों तरफ विभिन्न देवी देवताओं के मंदिर स्थित हैं वर्तमान समय में पोखरे की स्थिति अत्यंत ही जर्जर हो गई है ।

पोखरे में नगर पालिका के गंदे नाली का पानी बहकर आने के कारण पानी पीने को कौन कहे  स्नान करने लायक भी नहीं है। पोखरे के सुंदरीकरण के लिए शासन द्वारा एक करोड़ बीस लाख रुपए का बजट आवंटित किया गया है।

लेकिन कार्यदाई संस्था द्वारा पोखरे के सुंदरीकरण में भारी अनियमितता बरती गई है। पोखरा निवासी कमलेश पांडेय ने बताया की पोखरे के दक्षिण तरफ पुराने हनुमान जी, उत्तर तरफ शीतला जी, पूरब तरफ छोटे हनुमान जी, शंकर जी, पश्चिम तरफ दुर्गा मां, शंकर जी का मंदिर स्थित है। दीनू सिंह ने बताया की पोखरे के सुंदरीकरण में पुरानी इंटरलॉकिंग उखाड़ कर नया इंटरलॉकिंग बिछा दिया गया है। पोखरे के पुरानी दिवाल पर ही नई दिवाल जोड़ी गई हैं। निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती गई है। विरोध करने वालों में बुद्धू अग्रहरि, शंकर, अभिषेक सिंह, कमलेश पांडेय, दीनू सिंह, सदानंद, अनिल सहित अन्य लोग रहे।

क्या कहते है जिम्मेदार 

पोखरे के सुंदरीकरण में बरती गई अनियमितता के संबंध में अधिशासी अधिकारी अमिता सिंह ने बताया की सुंदरी करण के लिए एक करोड़ बीस लाख रुपए स्वीकृत हुए हैं जिसमें पहली किश्त मात्र बीस लाख रुपए मिला है जिससे काम कराया गया है।अगर निर्माण कार्यों में अनियमितता की शिकायत मिली तो कार्यदाई संस्था के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

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