न्याय पालिका के इतिहास में न्याय सहजता के साथ लोगों को उपलब्ध हो इसके लिए एक ही परिसर में सारी व्यवस्थाएं होनी चाहिये – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

1500 करोड़ रुपये की लागत बनेंगे प्रदेश में छः मॉडल न्यायालय परिसर
मुख्य न्यायाधीश भारत, हाईकोर्ट के न्यायाधीश, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया शिलान्यास
चंदौली। जनपद न्यायालय निर्माण को लेकर दो दशक से चला आ रहा लंबा इंतजार आज खत्म हो गया। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश व हाईकोर्ट इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संग चंदौली सहित प्रदेश के अन्य 6 जिलों में 1500 करोड़ की लागत से बनने वाले मॉडल न्यायालय का शिलान्यास किया। जिसमें मुख्य न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय ने चंदौली के साथ ही औरैया, महोबा,अमेठी , शामली व हासरथ के भी मॉडल न्यायालय परिसर का भी यहीं से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास किया। इसके साथ ही जिला न्यायालय के लिए संघर्षरत अधिवक्ताओं को लंबे इंतजार के बाद आज बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो गई। आज का दिन जनपद के इतिहास में भी ऐतिहासिक दिन रहा, जब यहां पहली बार सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का आगमन हुआ। शिलान्यास कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के साथ ही जिला न्यायालय के न्यायाधीश मौजूद रहे।

लोगों को संबोधित करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि उत्तर प्रदेश का इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर सारे देश के लिए नजीर बनेगा। कहा कि दूसरे राज्यों में जाने पर वहां की सरकारों से यूपी की तरह ही इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर बनाने का आग्रह करूंगा। उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड कोर्ट काम्प्लेक्स से आम आदमी को न्याय पाने में सहूलियत मिलेगी। संबोधन में मुख्य न्यायाधीश ने इंटीग्रेटेड कोर्ट काम्प्लेक्स परिसर में महिला बार व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना का सुझाव दिया।लोगों को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इंटीग्रेटेड कोर्ट काम्प्लेक्स से न्यायाधीश,अधिवक्ताओं व वादकारियों को एक ही परिसर में न्यायिक सुविधाएं उपलब्ध होने से सहूलियत मिलेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के इस सीमावर्ती जनपद चंदौली में मुख्य न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय न्यायामूर्ति का स्वागत करते हुए कहा कि यहां के न्याय पालिका के इतिहास में न्याय सहजता के साथ लोगों को उपलब्ध हो इसके लिए एक ही परिसर में सारी व्यवस्थाएं होनी चाहिये। यूपी के 10 जनपदों में एकीकृत न्यायालय बनाने की स्वीकृति मिल चुकी है, पहले चरण में आज 6 जनपदों में आज शिलान्यास किया गया। वहीं आगे बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एकीकृत कोर्ट परिसर में न्याय के लिए जूझने वाले अधिवक्ताओं के खातिर बेहतर चैंबर की होने की बात कही। कहा कि न्याय सहजता के साथ एक ही परिसर में उपलब्ध हो इसके लिए एकीकृत कोर्ट परिसर आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देश के न्यायिक इतिहास में अब उत्तर प्रदेश से एक नया पृष्ठ स्वर्ण अक्षरों में जुड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए न्यायिक सुविधाओं को अब सुदृढ़ करने की जरूरत है।
यूपी प्लानिंग डिपाटमेंट के अनुसार चंदौली के मॉडल कोर्ट में 37 कोर्ट रूम का निर्माण कुल 286 करोड़ रुपये की लागत से किया जायेगा। जिसमें एक ही छत के नीचे निचली अदालत, अधिवक्ताओं के चैंबर व आवासीय सुविधाएं मौजूद होंगी। इसके अलावा न्यायालय परिसर में पार्किंग, कैंटीन, और स्पोर्ट्स क्लब जैसी आधुनिक सुविधाएं भी मौजूद रहेगी।मॉडल कोर्ट की अदालतें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स के साथ ऑनलाइन सुनवाई के लिए नवीनतम तकनीकों से लैस होंगी। यूपी प्लानिंग डिपाटमेंट ने कार्यदायी संस्था को न्यायालय का निर्माण कार्य 18 माह में पूर्ण करने की समय सीमा निर्धारित की है।
शिलान्यास कार्यक्रम में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनोज गुप्ता, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ,न्यायमूर्ति पंकज मित्थल, न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा, न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी,उत्तर प्रदेश के महाधिवक्ता शैलेन्द्र मिश्र के साथ ही बड़ी संख्या में आये अधिवक्ता व बार के पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम को सकुशल व सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक बंदोबस्त किए गए थे।

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