डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने महिला स्वयं सहायता समूह की पांच महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किया

जनपद में 250 महिलाओं को ई-रिक्सा संचालन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है

NTPC

मुनारी की पूनम ने बताया कि ई-रिक्शा से वो प्रतिदिन लगभग 1800 रुपए तक की आय अर्जित करती है

जनपद के जिला प्रशिक्षण संस्थान, रेलवे स्टेशन व अन्य संस्थानों पर स्वयं सहायता समूह की दीदियों का कैन्टीन खुलवाया जाए-उप मुख्यमंत्री

वाराणसी। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में रविवार को सर्किट हाउस सभागार में बैठक के दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आय में वृद्धि करने व लखपति दीदी के सपने को साकार करने हेतु तीन नवीन कार्यक्रम की शुरुआत की गई। ग्राम पंचायत स्तर पर नवनिर्मित बारात घर का संचालन के अंतर्गत 03 ग्राम संगठनों (स्वयं सहायता समूहों का फेडरेशन) व 3 ग्राम पंचायतों (रघुनाथपुर व बेसहुपुर विकास खण्ड-सेवापुरी, सिवो विकास खण्ड-चिरईगाँव) के मध्य अनुबंध हस्ताक्षरित करवाया गया। इस अनुबंध का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण जनता को अपने ग्राम पंचायत में ही मांगलिक व अन्य कार्यक्रमों हेतु न्यूनतम दर पर स्थान व कैटरिंग सेवा का उपलब्ध कराना है। जिससे न केवल ग्रामीणों को लाभ हो बल्कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के स्थानीय स्तर पर रोजगार का साधन उपलब्ध हो सके। वर्तमान मे कुल 60 बारात घर के संचालन हेतु कार्यवाही की जा रही है। इस संबंध में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जनपद के अन्य ग्राम पंचायतों में भी सर्वे के माध्यम से बारात घर के निर्माण हेतु निर्देशित किया। 

         जीएमआर वर लक्ष्मी ग्रुप व उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मध्य पिंक ऑटो संचालन हेतु अनुबंध के अंतर्गत GMR VR LAXMI ग्रुप व UPSRLM के मध्य वाराणसी मे 160 पिंक ऑटो संचालक को लेकर के अनुबंध किया गया।जिसके तहत मुख्यमंत्री उद्यमिता योजना के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पिंक ऑटो उपलब्ध कराना, उनका प्रशिक्षण, उनका ड्राइविंग लाइसेन्स सम्मिलित है। GMR VR LAXMI द्वारा अपने सीएसआर मद से प्रति ऑटो पर रुपए 35000 का योगदान दिया जायेगा। इस संबंध में उपमुख्यमंत्री द्वारा निर्देश दिया गया कि क्रय किये जा रहे ई ऑटो का बाजार मूल्य से तुलना करने के उपरांत सस्ते दर पर महिलाओं को ऑटो उपलब्ध कराया जाए। डेवलेपमेंट अल्टरनेटिव्स (डीए) व UPSRLM मध्य अनुबंध के अंतर्गत UPSRLM तथा DA के आपसी सहयोग से इन महिलाओं को एक सप्ताह का व्यवस्थित ड्राइविंग प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत 2.5 लाख रुपये के ऋण की सुविधा उपलब्ध कराकर ई-रिक्शा प्रदान कराया गया है। आज महिलायें प्रतिमाह लगभग 15 से 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। वर्तमान में 30 महिलाओं को ई–रिक्सा प्रदान कराया गया है। साथ ही 108 महिलाओं ई-रिक्सा चलाने का प्रशिक्षण दिलाया गया है। इस प्रकार जनपद में 250 महिलाओं को ई-रिक्सा संचालन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

       अराजीलाइन विकासखंड की मिर्जामुराद ग्राम पंचायत के पार्वती समूह की पार्वती देवी, सेवापुरी विकासखंड के ग्राम पंचायत कपसेठी की सतगुरु समूह की पूजा देवी, काशी विद्यापीठ विकासखंड की ग्राम पंचायत लहरतारा की अदिति समूह की माला देवी, चोलापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत मुनारी सीता समूह की पूनम देवी तथा विकासखंड काशी विद्यापीठ के ग्राम पंचायत भरथरा की राधा रानी समूह की संगीता देवी को ई-रिक्शा देकर लाभान्वित किया गया। मुनारी की पूनम द्वारा बताया गया कि इस ई-रिक्शा से वो प्रतिदिन लगभग 1800 रुपए तक की आय अर्जित करती है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के जिला प्रशिक्षण संस्थान, रेलवे स्टेशन व अन्य संस्थानों पर स्वयं सहायता समूह की दीदियों का कैन्टीन खुलवाया जाए। जिससे पूरे प्रदेश मे 01 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाया जा सके।

       इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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