डीडीयू नगर। मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित नागरिक सुरक्षा वार्डन एवं स्वयंसेवक का क्षमता निर्माण प्रशिक्षण का चतुर्थ बैच प्रशिक्षण नक्षत्र लौन अलीनगर मुगलसराय में प्रारम्भ हुआ। कृष्णा कुमार इस्पेक्टर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल ने प्रशिक्षाणिथियों को बताये कि भारत सरकार का एक विशेष बल है, जो प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं (जैसे बाढ़, भूकंप, चक्रवात) के दौरान जीवन और संपत्ति की रक्षा के लिए स्थापित किया गया है। यह गृह मंत्रालय के तहत काम करता है और 2005 के आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत गठित किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य आपदाओं में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देना है। एनडीआरएफ प्रशिक्षित कर्मियों और विशेष उपकरणों से लैस है और देश-विदेश में बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आपदा प्रतिक्रिया में बाढ़, भूकंप, भूस्खलन, चक्रवात, रासायनिक/जैविक/परमाणु दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों में बचाव और राहत कार्य करना पढ़ता हैं। संरचना के बारे में विस्तार पूर्वक बताएं कि अर्धसैनिक बलों से प्रतिनियुक्ति पर आए कर्मियों से बना है, जिसमें इंजीनियर, तकनीशियन, इलेक्ट्रीशियन और डॉग स्क्वाड शामिल हैं। प्रत्येक बटालियन में 18 विशेषज्ञ खोज और बचाव दल होते हैं। विस्तृत भूमिका यह केवल बचाव कार्य ही नहीं, बल्कि आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए जागरूकता फैलाने और प्रशिक्षण देने का काम भी करता है। नेपाल भूकंप (2015) और तुर्की भूकंप (2023) जैसे अंतर्राष्ट्रीय आपदाओं में भी मदद की है, जिससे इसे वैश्विक प्रशंसा मिली है। जिसे सभी प्रशिक्षाणितियों ने गौर से सुना और देखा। प्रशिक्षण के पॉचवे दिन मास्टर टेनर प्रवीण कुमार ने आकासिय हमला के बाद घायल लोगो को किस प्रकार बचाया, आग पर काबू पाना, सही समय पर मेडिकल मुहयैया कराना, मेडिकल में किस तरह से मरहम पट्टी करना, विक्टिम को एम्बुलेस तक ले जाना आदि का सही तरीका बताये। इस अवसर पर योगेश कुमार उपनियंत्रक नागरिक सुरक्षा, वरिष्ट सहायक राजीव कुमार, सहयोगी वार्डेन नन्द गोपाल, बलजीत शर्मा, ओम प्रकाश चौबे, ऑचल कुमार, पोस्ट वार्डन, मनीष कुमार आदि मौजूद रहें।


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