सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास – नरेंद्र मोदी

वाराणसी। हर शहर की दो कहानियाँ होती हैं। एक वह, जो दिखाई देती है उसकी विरासत, उसका इतिहास, उसका गौरव। और दूसरी वह, जो प्रतिदिन उसके कक्षाओं के भीतर चुपचाप आकार लेती है। वाराणसी में, माध्यमिक विद्यालयों में, हजारों विद्यार्थी अनुशासन, आकांक्षा और संभावनाओं के साथ अध्ययन कर रहे हैं। उनकी महत्वाकांक्षाएँ देश के किसी भी कोने के विद्यार्थियों से अलग नहीं हैं।
अंतर प्रायः पहुँच का होता है । संरचित शैक्षणिक सहयोग, विशेषज्ञ मार्गदर्शन तथा नियमित एवं व्यवस्थित मूल्यांकन तक पहुँच का। इसी अंतर को पहचानते हुए, प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से जिला प्रशासन द्वारा Physicswallah(PW) के सहयोग से, मेधा, समानता और समावेशन के सिद्धांतों से प्रेरित एक लक्षित शैक्षणिक कार्यक्रम प्रारंभ कर रहा है। यह पहल वाराणसी के माध्यमिक स्तर के सभी प्रकार के विद्यालयों में पढ़ने वाले ऐसे छात्रों के लिए जो आर्थिक व सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं तथा वे किसी कोचिंग संस्था अथवा किसी बड़े संस्थान में IIT/NEET की तैयारी के लिए दाखिला नहीं ले सकते।
वाराणसी जनपद में राजकीय विद्यालय ,सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय मान्यता प्राप्त विद्यालय एवं अन्य बोर्ड के विद्यालय जो जिले के एक बड़े छात्र समुदाय को शिक्षा प्रदान करते हैं। यह कार्यक्रम किसी समानांतर व्यवस्था के निर्माण के बजाय, मौजूदा शिक्षा तंत्र के भीतर ही शैक्षणिक परिणामों को सुदृढ़ करने का प्रयास है। विद्यार्थियों का चयन एक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें तीन चरण होंगे—
वस्तुनिष्ठ (Objective), वर्णनात्मक (Subjective), व्यक्तिगत साक्षात्कार (Personal Interview) यह प्रक्रिया उन विद्यार्थियों की पहचान करने के लिए है जिनकी लगन और क्षमता उन्हें सफलता की ओर ले जाने में सक्षम है। केवल वही विद्यार्थी इस परिवर्तनकारी यात्रा का हिस्सा बनेंगे, जिनकी आकांक्षाएँ उपलब्धियों से मेल खाती हों, और जिनका संकल्प परिश्रम से गूंजता हो—ताकि जिस हाथ को हम थामें, वह पहले से ही सितारों तक पहुँचने के लिए आगे बढ़ रहा हो। इस पहल के लिए Physics Wallah क्यों बना मार्गदर्शक सरकार ने इस कार्यक्रम के लिए Physics Wallah (PW) को मार्गदर्शक संस्था के रूप में चुना है, क्योंकि उसने बड़े स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने की अपनी क्षमता को सिद्ध किया है। JEE, NEET, UPSC, CA, Defence, Boards एवं K–12 जैसे क्षेत्रों में, 5 से 30 वर्ष आयु वर्ग के शिक्षार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान करने वाला एक प्रतिष्ठित संस्थान है। PW द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का अभिनव उपयोग—तत्काल शंका समाधान, अनुकूली शिक्षण पथ, कंटेंट निर्माण एवं स्वचालित मूल्यांकन—व्यक्तिगत एवं उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा सुनिश्चित करता है, साथ ही शिक्षकों को भी प्रभावी सहयोग प्रदान करता है। शैक्षणिक समानता की ओर एक सशक्त कदम, यह पहल मात्र एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि एक स्पष्ट संकल्प है—कि प्रतिभा समाज के हर वर्ग में विद्यमान है, और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच आर्थिक स्थिति पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। जिला प्रशासन, वाराणसी का विश्वास है कि विद्यालयों को संरचित शैक्षणिक सहयोग प्रदान कर, दीर्घकालिक शैक्षणिक परिणामों में सार्थक सुधार किया जा सकता है। यह कार्यक्रम उस निरंतर प्रयास की शुरुआत है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अवसर वहीं पहुँचे, जहाँ प्रतिभा पहले से मौजूद है।
इसी क्रम में गुरुवार को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में तथा मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह की उपस्थिति में जनपद के लगभग 60 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की गई जिसमें सुपर 30 के उद्देश्यों तथा इसके क्रियान्वयन की रणनीति एवं आगामी योजना पर विस्तृत जानकारी दी गई सभी प्रधानाचार्य द्वारा माननीय प्रधानमंत्री जी की इस नवीन पहल के लिए जिससे वाराणसी के कमजोर आर्थिक वर्ग के छात्र छात्राओं को भविष्य के लिये बेहतर शिक्षा का अवसर उपलब्ध होगा इसकी मुक्त कंठ से सराहना की गई।

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