क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों के लोग धूल गर्दे से परेशान

अहरौरा, मिर्जापुर / मानकों को दर किनार कर गावों के नजदीक लगे क्रेशर प्लांटों से उड़ रहे धूल गर्दे से ग्रामीण परेशान हैं। उड़ते धूल का आलम यह है की की लोगों के घरों, छतों, कपड़ों पर धूल की मोटी चादर जम जा रही है। और खाद्य पदार्थों पर बैठी धूल सेहत भी खराब कर रही हैं। अहरौरा क्षेत्र इस समय जनपद का सबसे प्रदूषित क्षेत्र बन गया है अहरौरा जमुई रोड पर भगोती देई गांव से लेकर रोशनहर गांव के सामने तक चौबीसों घंटे उड़ रहे धूल गर्दे से लोगों का जीना दूभर हो गया है रोड पर सफेद कपड़े पहन कर बाइक से जाने पर कपड़ा काला और काला कपड़ा पहन कर जाने से सफेद हो जाता हैं।
सांस के माध्यम से कितना धूल शरीर में चला जाता है यह सोचनीय विषय है। गांव के नजदीक लग रहे क्रेशर प्लांट
रोशनहर से लेकर भगौतीदेई, सोनपुर, लालपुर, मीरापुर, एकली, अल्हुवा, चित्तविश्राम, वाराडीह, सहित अन्य गांवों के नजदीक पांच सौ मीटर के अंदर लगते क्रेशर प्लांटों से ग्रामीण परेशान है। क्यों की क्रेशर प्लांटों से उड़ता धूल भरी गर्दा लोगों के जीवन सहित फसलों पौधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है और लोग सांस दमा के शिकार हो रहे हैं। भगोती देई गांव के ग्राम प्रधान राजबहादुर सिंह ने बताया की गांव के नजदीक चलने वाले क्रेशर प्लांटों से इतना अधिक धूल आता है की सांस लेना मुश्किल हो जा रहा है। कभी भी लोगों का फुट सकता है गुस्सा गांवों के नजदीक लगते क्रेशर प्लांटों से उड़ते धूल, अहरौरा जमुई रोड पर अत्यधिक धूल गर्दे के बाद भी स्थानीय प्रशासन जनप्रतिनिधियों के चुप्पी से आहत ग्रामीणों का गुस्सा कभी भी फूट सकता है।

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