सीसीएल मुख्यालय में 76वाँ संविधान दिवस राष्ट्रीय गौरव, एकता और सम्मान के साथ मनाया गया

राँची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय में 76वाँ संविधान दिवस राष्ट्रीय सम्मान, गर्व और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर सीएमडी  निलेंदु कुमार सिंह, निदेशक (वित्त)  पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन)  हर्ष नाथ मिश्र, मुख्य सतर्कता अधिकारी  पंकज कुमार एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं कर्मिगण उपस्थित रहे।

पुष्पांजलि के पश्चात कोल इंडिया कॉर्पोरेट गीत प्रस्तुत किया गया तथा सीएमडी, निदेशकगण और सीवीओ को स्मृति-चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ जीएम (लीगल) श्री वि.पी जोबी के स्वागत भाषण से हुआ, जिसमें उन्होंने संविधान दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही सेवा-संबंधी केस लॉ पर आधारित E-Journal का भी शुभारंभ किया गया। सीएमडी, सीसीएल  निलेंदु कुमार सिंह ने संविधान की प्रस्तावना (Preamble) का सामूहिक वाचन कराया और कहा कि भारत का संविधान जनता के अधिकारों का सुदृढ़ ढाँचा है। उन्होंने ‘हम’ की भावना, परस्पर सम्मान एवं राष्ट्र निर्माण में सामूहिक योगदान के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भारत प्रबलता से आगे बढ़ रहा है और सीसीएल अपने दायित्वों को ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ निभाता रहेगा।

निदेशक( वित्त )  पवन कुमार मिश्रा ने E-Journal की सराहना की और कहा कि संविधान का मूल सार न्याय, स्वतंत्रता और समानता में निहित है। उन्होंने इन मूल्यों को कार्य संस्कृति और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। निदेशक (मानव संसाधन)  हर्ष नाथ मिश्र ने कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। उन्होंने ‘न्याय में विलंब, न्याय का निषेध है’ कहते हुए संवैधानिक मूल्यों के प्रभावी पालन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहाँ संविधान को केवल पढ़ा नहीं जाता, बल्कि जिया जाता है, और यही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है।

सीवीओ, सीसीएल  पंकज कुमार ने अपने संबोधन में संविधान की महत्ता, लोकतंत्र की संरचना तथा जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाए गए कानूनों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने संविधान के चार स्तंभों “ न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व ” के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि बच्चों को संविधान की मूलभूत समझ देना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने इसे राष्ट्र के लिए गर्व की बात बताया।  वंदे मातरम् गीत की 150वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में सामूहिक वंदे मातरम्  का भावपूर्ण गायन किया गया। इसके साथ ही संविधान आधारित क्विज प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ गरिमापूर्ण तरीके से किया गया।

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