44वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला-2025 का हुआ समापन

*उत्तर प्रदेश पवेलियन में लाखो व्यक्तियों ने किया भ्रमण*

*उत्तर प्रदेश पवेलियन में लगे स्टालों से करोड़ों रुपयें  की हुई खरीदारी*

*उत्तर प्रदेश के एक जनपद एक उत्पाद से जुड़े हुनरबंदों एवं कारीगरों की सरहाना

नई दिल्ली: इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (आईआईटीएफ) 2025 के समापन अवसर पर मा0 मंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग,रेशम, हैन्डलूम एवं वस्त्रोद्योग, राकेश सचान द्वारा आयोजित समारोह में राज्य के विविध उत्पादों और उद्यमशीलता के उत्कृष्ट प्रर्दशन पर हर्ष की अनुभूति व्यक्त की गई।

​उत्तर प्रदेश के मंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग,रेशम, हैन्डलूम एवं वस्त्रोद्योग राकेश सचान ने मेले के समापन के अवसर पर इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (आईआईटीएफ) 2025 में उत्तर प्रदेश पवेलियन का दौरा किया। ’एक भारत, श्रेष्ठ भारत ’ थीम पर आधारित यह पवेलियन मेले का मुख्य आकर्षण रहा और देश-विदेश के आगंतुकों और गणमान्य व्यक्तियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित रहा।​इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन  द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित मेले में उत्तर प्रदेश वर्ष 1991 से निरंतर भाग ले रहा है। इस वर्ष के भव्य आयोजन के समापन अवसर पर प्रदेश मंडप में आयोजित समारोह में राज्य के विविध उत्पादों और उद्यमशीलता की झलक देख कर मा0 मंत्री एमएसएमई,खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग द्वारा हर्ष की अनुभूति व्यक्त की गई।​​इस मेले में राज्य सरकार के सूचना और पर्यटन विभागों के साथ-साथ यूपीसीडा, नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण जैसे प्रदेश सरकार के संस्थान भी उत्तर प्रदेश पवेलियन के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा जनकल्याण और आर्थिक विकास के कार्यों और योजनाओं को प्रदर्शिन किया गया।​ मंत्री जी सरकार की नीतियों एवं अभिनव पहलों एवं प्रयासों के कारण उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे अधिक पूॅंजी निवेश आकर्षित करने वाला राज्य बन गया है। काॅरपोरेट सेक्टर द्वारा प्रदेश में निरन्तर किया जा रहा निवेश यह दर्शाता है कि प्रदेश सरकार की अनूकूल निवेश परक नीतियों का सकरात्मक परिणाम शुरू हो गया है। प्रदेश कि उत्कृष्ट कानून व्यवस्था की स्थिति इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।​​इस वर्ष मेले की थीम “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के अनुरूप प्रदेश के मंडप ने अपनी समृद्ध शिल्प परंपरा, उद्यम नवाचार और आत्मनिर्भरता की भावना को साकार रूप में प्रस्तुत किया। पिछले कुछ दिनों में आयोजित प्रदर्शन के दौरान लखनऊ की चिकनकारी, फिरोजाबाद का ग्लास वर्क, वाराणसी की रेशमी साड़ियाँ, सहारनपुर की लकड़ी की कारीगरी, भदोही‑मिर्जापुर की कालीनें, खुर्जा की सिरेमिक्स और अलीगढ़ के मेटल उत्पादों ने दर्शकों को प्रदेश की विविध शिल्प पहचान से परिचित कराया।

​मां मंत्री द्वारा अवगत कराया गया कि इस बार लगभग 150 से अधिक स्टॉलों के माध्यम से प्रदेश के उत्पादों का प्रदर्शन किया गया, जिससे लगभग 5 करोड़ रुपये की बिक्री और व्यापारिक पूछताछ (ट्रेड इन्क्वायरी) दर्ज हुई। मा0 मंत्री जी ने यह भी संज्ञानित कराया कि ओडीओपी गैलरी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों की विशिष्ट पहचान को एक ही मंच पर प्रदर्शित किया, जिससे उद्यमियों को नया बाजार मिला और निवेशकों का विश्वास भी बढ़ा।​ आई आई टी एफ 2025 के अवसर पर उत्तर प्रदेश को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कांस्य पदक प्राप्त हुआ । ​समापन के अवसर अपर आयुक्त उद्योग, उत्तर प्रदेश राजकमल यादव एवं अन्य उच्चाधिकारी भी उत्तर प्रदेश मण्डप में उपस्थित रहे।

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