किसानों का 32 सदस्यीय दल मूंगफली शोध संस्थान जूनागढ़ से अध्ययन पश्चात् वापस लौटा 

अहरौरा, मिर्जापुर/ जनपद मे गंगा के कछारी, मैदानी व पहाड़ी क्षेत्र मे मूंगफली की अच्छी खेती लायक कई हजार हेक्टेयर भूमि रहते हुए, कम लागत एवं कम समय में खेती होने के बावजूद भी क्यों इसकी खेती का क्षेत्रफल कम होता जा रहा है ।

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और क्यों इसका औसत उत्पादन 15-16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के आस पास रह जा रहा है ।

 जब कि गुजरात में इसका औसत उत्पादन 37-38 क्विंटल प्रति हैक्टेयर तक हो रहा है इसका विशेष अध्ययन करने के लिए चुनारगढ़ एफपीओ के सदस्य एवम् क्षेत्रीय किसानों का 32 सदस्यीय दल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के मूंगफली शोध संस्थान जूनागढ़ में पहुँचा जिसमें कम पैदावार होने का मुख्य कारण नए उन्नत प्रजातियों को न लगा कर पुराने बीजों को बार बार बुआई करना, न्यूनतम समर्थन मूल्य का न मिलना, लाइन से बुआई न करना, निकाई-गुड़ाई का न होना, बीज एवं ज़मीन का बग़ैर शोधन किए पारंपरिक खेती करना, आधुनिक खेती को न अपनाना पाया गया।

    उक्त यात्रा को उपनिदेशक कृषि विकेश कुमार पटेल ने 11 फरवरी से 19 फरवरी तक के लिए रवाना किया जिसमें 5 दिन जूनागढ़ शोध संस्थान में एफपीओ के सदस्यों एवं किसानों के साथ संस्थान के वैज्ञानिकों ने मूंगफली की खेती के संबंध में विभिन्न विषयों पर चर्चा एवं संवाद किए गए जहा अवगत कराया गया कि उत्तर प्रदेश के चार ज़िले मूंगफली के दृष्टि से उत्तम है जिस चार में एक मीरजापुर सम्मिलित है साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि गुजरात आज मूंगफली के क्षेत्र में सर्वोत्तम उत्पादक प्रदेश है और यहाँ के मूंगफली की औसत उत्पादन 35-40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है और न्यूनतम समर्थन मूल्य 7,263 रुपया दिया जा रहा है तब भी देश में लगभग 50% तेल बाहर से आयात करना पड़ रहा है।

    इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश हेतु विशेष रूप से 35-40 क्विंटल औसत उत्पादन देने वाली VG-19535 और गिरनार-4 प्रजाति की मूंगफली को यंत्रों द्वारा लाइन में बीजों को शोधन कर बुवाई करने की संस्तुति की गई और खरपतवार नाशक दवाओं को भी बुआई करने से पूर्व ज़मीन में डालने की भी बात बतायी गई। उक्त कार्यक्रम कृषि विभाग मीरजापुर एवं चुनारगढ़ एफपीओ के संयुक्त प्रयास से संपन्न हुआ। प्रतिनिधिमंडल में मेजर कृपा शंकर सिंह हरिशंकर सिंह, अशोक सिंह, श्याम सुंदर विश्वकर्मा, सतेंद्र सिंह, राम पोष सिंह, सतीश सिंह, छन्नू सिंह, उपेन्द्र सिंह, महेश सिंह, सुनील सिंह, धर्मवीर सिंह, बलवंत सिंह, सुरेश सिंह, धर्मेंद्र सिंह, भगेलू राजभर, रमापति सिंह, अमित सिंह, पी बी सिंह, प्रमोद सिंह, शैलेंद्र सिंह, आलोक सिंह ,रवींद्र प्रताप सिंह, रामदास सिंह शैलेन्द्र सिंह यशवंत सिंह जयेंद्र सिंह उज्ज्वल सिंह योगेश सिंह, राजेश सिंह, शुभम सिंह, ओसियर कोल आदि लोग रहे।

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