वेटलिफ्टर सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव और तीरंदाज सुश्री चांदनी साहू को मिला राज्य खेल अलंकरण

*ज्ञानेश्वरी ने बहरीन में आयोजित वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में देश का किया था प्रतिनिधित्व, चांदनी ने 38वें नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ को दिलाया था सिल्वर मेडल, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दोनों खिलाड़ियों को दी बधाई

रायपुर/ उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने राज्य अलंकरण समारोह में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली वेटलिफ्टर सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव को गुंडाधुर सम्मान और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय गौरव दिलाने वाली तीरंदाज सुश्री चांदनी साहू को महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान प्रदान किया। राजनांदगांव जिले के भोड़िया गांव की रहने वाली 22 वर्ष की सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव ने दिसम्बर-2024 में बहरीन के मनामा शहर में आयोजित वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। वे वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में पांचवें स्थान पर रही थीं। 

वहीं महासमुंद जिले के बागबहरा की 15 साल की सुश्री चांदनी साहू ने जनवरी-फरवरी-2025 में उत्तराखंड में संपन्न 38वें नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ को रजत पदक दिलाया था। वे नेशनल गेम्स में तीरंदाजी के टीम इवेंट में कांस्य पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की चार सदस्यीय टीम में भी शामिल थीं। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए राज्य अलंकरण मिलने पर बधाई दी है।

कक्षा दसवीं में पढ़ रही सुश्री चांदनी साहू अभी बिलासपुर के बहतराई स्थित आवासीय तीरंदाजी अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। वे वहां वर्ष 2023 से प्रशिक्षण ले रही हैं। चांदनी ने वर्ष-2024 में जमशेदपुर में हुई सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी टीम इवेंट में रजत पदक जीता था। उन्होंने पश्चिम बंगाल के भोलपुर में इस साल आयोजित जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में भी छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया था। 

*इन खिलाड़ियों को दिया जाता है राज्य खेल अलंकरण*

राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रतिवर्ष उन खेलों के उत्कृष्ट खिलाड़ी को गुंडाधुर सम्मान प्रदान किया जाता है जिन्हें भारत सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर के खेल अलंकरण हेतु विचार क्षेत्र में लिया जाता है। इसके लिए इन खेलों के ऐसे खिलाड़ी का चयन किया जाता है जिन्होंने विगत एक वर्ष में सीनियर वर्ग की राष्ट्रीय चैम्पियनशिप या राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भाग लेते हुए स्वर्ण पदक या रजत पदक या कांस्य पदक प्राप्त किया हो या अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया हो। वहीं महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान सीनियर वर्ग के ऐसे खिलाड़ी को दिया जाता है जिन्होंने विगत एक वर्ष में तीरंदाजी की राष्ट्रीय चैम्पियनशिप या राष्ट्रीय खेल में छत्तीसगढ़ की ओर से खेलते हुए स्वर्ण पदक, रजत पदक या कांस्य पदक प्राप्त किया हो या अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया हो।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *